3 अगस्त 2026
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आरजी कर केस: सीबीआई की 4 सदस्यीय स्पेशल टीम कोलकाता पहुंची, दूसरी बरसी से पहले जांच में तेजी

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आरजी कर केस: सीबीआई की 4 सदस्यीय स्पेशल टीम कोलकाता पहुंची, दूसरी बरसी से पहले जांच में तेजी

सारांश

आरजी कर दुष्कर्म-हत्या मामले में सीबीआई की स्पेशल टीम का कोलकाता पहुंचना महज औपचारिकता नहीं — यह पीड़िता की दूसरी बरसी से पहले बढ़ते दबाव का जवाब है। नई जांच अधिकारी, 11वीं स्टेटस रिपोर्ट और अदालती निगरानी — सवाल यह है कि क्या इस बार जांच परिवार की उम्मीदों पर खरी उतरेगी।

मुख्य बातें

सीबीआई की 4 सदस्यीय स्पेशल टीम 3 अगस्त 2026 को नई दिल्ली से कोलकाता पहुंची।
टीम ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज के सेमिनार रूम (अपराध स्थल) का निरीक्षण किया।
पूर्व जांच अधिकारी सीमा पाहुजा की जगह संदीपनी गर्ग को नियुक्त किया गया।
सीबीआई ने सियालदह अदालत में 11वीं स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की।
दोषी संजय रॉय (पूर्व सिविक वॉलंटियर) उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।
पीड़िता की दूसरी बरसी 8 अगस्त को है; कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर नई जांच जारी।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की चार सदस्यों वाली एक विशेष टीम सोमवार, 3 अगस्त 2026 को नई दिल्ली मुख्यालय से कोलकाता पहुंची। यह टीम आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में अगस्त 2024 में एक जूनियर डॉक्टर के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या मामले की जांच को नई गति देने के उद्देश्य से भेजी गई है। टीम का आगमन पीड़िता की मृत्यु की दूसरी बरसी (8 अगस्त) से ठीक पाँच दिन पहले हुआ है।

मुख्य घटनाक्रम

कोलकाता पहुंचने के तुरंत बाद स्पेशल टीम ने सीबीआई की कोलकाता यूनिट के अधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक की, जिसमें जांच की अद्यतन स्थिति का आकलन किया गया। इसके बाद अधिकारियों ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल परिसर का दौरा कर उस सेमिनार रूम का निरीक्षण किया, जिसे अपराध की संदिग्ध जगह माना जाता है।

गौरतलब है कि 9 अगस्त 2024 को अस्पताल परिसर के इसी सेमिनार हॉल में युवा डॉक्टर का शव मिला था। जांचकर्ताओं के अनुसार, ड्यूटी के दौरान उसका दुष्कर्म और हत्या की गई थी।

जांच टीम में बदलाव और परिवार की चिंताएं

यह घटनाक्रम जांच दल में हाल ही में हुए अहम फेरबदल के बाद सामने आया है। पीड़िता के माता-पिता द्वारा जांच की धीमी रफ्तार और खामियों पर लगातार आपत्ति जताए जाने के बाद सीबीआई ने पूर्व जांच अधिकारी सीमा पाहुजा की जगह संदीपनी गर्ग को नियुक्त किया। परिवार का आरोप था कि पिछली जांच में कई महत्वपूर्ण पहलुओं की अनदेखी की गई।

पिछले सप्ताह सीबीआई ने कोलकाता के सियालदह स्थित अदालत में नई जांच की प्रगति पर अपनी 11वीं स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की।

मामले की पृष्ठभूमि

इस मामले में शुरुआती जांच कोलकाता पुलिस ने की थी, लेकिन न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद इसे सीबीआई को सौंप दिया गया। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने इस वर्ष की शुरुआत में सीबीआई को मामले की नए सिरे से जांच करने और नई टीम गठित करने का निर्देश दिया था।

इस जघन्य घटना के बाद पश्चिम बंगाल सहित देश के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हुए थे और न्याय की माँग उठी थी। यह हाल के वर्षों में किसी चिकित्सा पेशेवर से जुड़े सबसे हाई-प्रोफाइल आपराधिक मामलों में से एक माना जाता है।

दोषी और सजा

इस मामले में कोलकाता पुलिस से जुड़े पूर्व सिविक वॉलंटियर संजय रॉय को एकमात्र दोषी पाया गया है, जो अभी उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। हालांकि, पीड़िता के परिवार और कुछ कानूनी विशेषज्ञों ने कथित तौर पर यह सवाल उठाया है कि क्या मामले में अन्य संलिप्तताओं की पर्याप्त जांच हुई।

आगे क्या होगा

नई स्पेशल टीम के कोलकाता दौरे और कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देशों के मद्देनजर यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में कोई नया मोड़ आता है या नहीं। 8 अगस्त को पीड़िता की दूसरी बरसी पर देशभर में न्याय की माँग को लेकर फिर से आवाजें उठने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षण यह है कि क्या नई जांच केवल एक दोषी तक सीमित रहेगी या उन सवालों का जवाब देगी जो परिवार दो साल से पूछ रहा है। दूसरी बरसी की पूर्व संध्या पर इस तरह की कार्रवाई को सांकेतिक माना जाए या ठोस — यह जांच के नतीजे ही तय करेंगे।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरजी कर मेडिकल कॉलेज केस में सीबीआई की स्पेशल टीम क्यों भेजी गई?
कलकत्ता उच्च न्यायालय के नए सिरे से जांच के आदेश और पीड़िता के परिवार की शिकायतों के बाद सीबीआई ने जांच में तेजी लाने के लिए दिल्ली मुख्यालय से 4 सदस्यीय स्पेशल टीम कोलकाता भेजी। टीम ने अपराध स्थल का निरीक्षण किया और स्थानीय सीबीआई यूनिट के साथ समीक्षा बैठक की।
आरजी कर केस में अब तक क्या हुआ है?
9 अगस्त 2024 को आरजी कर मेडिकल कॉलेज के सेमिनार हॉल में एक जूनियर डॉक्टर का शव मिला था। पूर्व सिविक वॉलंटियर संजय रॉय को दोषी पाया गया और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई। कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर सीबीआई नए सिरे से जांच कर रही है।
सीबीआई ने जांच अधिकारी क्यों बदला?
पीड़िता के माता-पिता ने पूर्व जांच अधिकारी सीमा पाहुजा की जांच में खामियों का आरोप लगाया था और जांच की धीमी गति पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद सीबीआई ने संदीपनी गर्ग को नया जांच अधिकारी नियुक्त किया।
इस मामले में अदालत की क्या भूमिका रही है?
शुरुआत में कोलकाता पुलिस ने जांच की थी, लेकिन अदालत के हस्तक्षेप के बाद मामला सीबीआई को सौंपा गया। इस वर्ष कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सीबीआई को नए सिरे से जांच करने और नई टीम बनाने का निर्देश दिया, जिसके तहत यह स्पेशल टीम भेजी गई है।
पीड़िता की बरसी पर क्या होने की संभावना है?
8 अगस्त 2026 को पीड़िता की दूसरी बरसी है। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल और देश के अन्य हिस्सों में न्याय की माँग को लेकर विरोध-प्रदर्शन और स्मरण कार्यक्रम होने की संभावना है, जैसा कि पहली बरसी पर भी हुआ था।
राष्ट्र प्रेस
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