आरजी कर रेप-मर्डर केस: कलकत्ता हाईकोर्ट ने सीबीआई को नई जांच के लिए तीन सप्ताह की समय-सीमा दी
सारांश
मुख्य बातें
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 28 अगस्त 2026 को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को आरजी कर मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में अगस्त 2024 में हुए एक महिला जूनियर डॉक्टर के बलात्कार और हत्या मामले की नई जांच तीन सप्ताह के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया। न्यायालय ने यह आदेश तब दिया जब सीबीआई ने बंद कमरे में हुई सुनवाई के दौरान अपनी प्रगति रिपोर्ट पेश की।
मुख्य घटनाक्रम
न्यायमूर्ति शम्पा सरकार और न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की खंडपीठ ने सीबीआई की प्रगति रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद यह समय-सीमा निर्धारित की। सीबीआई के वकील ने नई जांच पूरी करने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा था, लेकिन पीठ ने केवल तीन सप्ताह की मोहलत दी। मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को निर्धारित की गई है।
जांच में क्या सामने आया
बंद कमरे की सुनवाई से परिचित सूत्रों के अनुसार, पीड़िता के परिवार ने इस मामले में 54 पहलुओं की जांच के लिए याचिका दायर की थी। सीबीआई के वकील ने अदालत को बताया कि एजेंसी ने अब तक इनमें से 16 पहलुओं की जांच पूरी की है।
जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि 8 अगस्त 2024 की रात — जब यह घटना हुई — एक डिलीवरी बॉय पीड़िता और आरजी कर के आपातकालीन विभाग में कार्यरत डॉक्टरों के लिए रात का खाना लेकर आया था। सीबीआई ने अदालत को बताया कि जांचकर्ताओं ने उस डिलीवरी बॉय से पूछताछ की है। इसके अलावा, उन चार डॉक्टरों से भी पूछताछ की गई है जिन्होंने उस रात पीड़िता के साथ भोजन किया था।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला अगस्त 2024 में उस समय सामने आया जब कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक महिला जूनियर डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। प्रारंभ में कोलकाता पुलिस ने मामले की जांच की, जिसके बाद अदालत के हस्तक्षेप पर इसे सीबीआई को सौंपा गया।
इस मामले में कोलकाता पुलिस से जुड़े पूर्व नागरिक स्वयंसेवक संजय रॉय एकमात्र दोषी करार दिए गए और वे वर्तमान में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। गौरतलब है कि पीड़िता के परिवार ने कोलकाता पुलिस की प्रारंभिक जांच पर असंतोष जताते हुए सीबीआई पर भी लापरवाही से जांच करने का आरोप लगाया था।
नई जांच टीम का गठन
परिवार की शिकायतों और अदालत के संज्ञान के बाद, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सीबीआई को एक नई जांच टीम गठित कर मामले की नए सिरे से जांच करने का आदेश दिया था। इसी आदेश के अनुपालन में नई सीबीआई टीम ने जांच शुरू की और अब अदालत ने उसे तीन सप्ताह में जांच प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है।
आगे क्या होगा
अदालत की तय समय-सीमा के अनुसार सीबीआई को अगली सुनवाई तारीख 24 सितंबर से पहले अपनी नई जांच पूरी करनी होगी। यह मामला न केवल न्यायिक दृष्टि से बल्कि चिकित्सा संस्थानों में महिलाओं की सुरक्षा के व्यापक प्रश्न के संदर्भ में भी राष्ट्रीय महत्व का बना हुआ है।