आरजी कर रेप-मर्डर केस: कलकत्ता हाई कोर्ट की नई डिवीजन बेंच आज करेगी अहम सुनवाई

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आरजी कर रेप-मर्डर केस: कलकत्ता हाई कोर्ट की नई डिवीजन बेंच आज करेगी अहम सुनवाई

सारांश

आरजी कर बलात्कार-हत्या मामला एक नए न्यायिक पड़ाव पर है — नई डिवीजन बेंच आज पहली बार सुनवाई करेगी, पूर्व पुलिस आयुक्त निलंबित हो चुके हैं और संदीप घोष पर ED की कार्रवाई का रास्ता खुल गया है। पुरानी सरकार पर जो सवाल उठते रहे, नई सरकार उन्हें कार्रवाई में बदल रही है।

मुख्य बातें

जस्टिस शम्पा सरकार और जस्टिस तीर्थंकर घोष की नई डिवीजन बेंच 19 मई को दोपहर 1 बजे आरजी कर केस की सुनवाई करेगी।
पिछली बेंच के अध्यक्ष जस्टिस राजशेखर मंथा ने 12 मई को खुद को मामले से अलग किया; मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल ने 15 मई को नई बेंच गठित की।
नई राज्य सरकार ने पूर्व पुलिस आयुक्त विनीत कुमार गोयल और दो उपायुक्तों — इंदिरा मुखर्जी व अभिषेक गुप्ता — को निलंबित किया।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने ED को पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष पर मुकदमा चलाने की अनुमति दी, जो पूर्व सरकार ने रोक रखी थी।
पीड़ित परिवार की घटनास्थल-भ्रमण याचिका पर CBI को कोई आपत्ति नहीं; पूर्व राज्य सरकार ने विरोध किया था।

कलकत्ता उच्च न्यायालय की नवगठित डिवीजन बेंच — जस्टिस शम्पा सरकार और जस्टिस तीर्थंकर घोषमंगलवार, 19 मई 2026 को आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 2024 में हुए एक महिला डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के मामले की सुनवाई करेगी। अदालत की कॉज लिस्ट के अनुसार, यह सुनवाई दोपहर 1 बजे निर्धारित है।

नई बेंच के गठन की पृष्ठभूमि

इससे पहले इस मामले की सुनवाई जस्टिस राजशेखर मंथा की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच कर रही थी, जिसने 12 मई को स्वयं को इस मामले से अलग कर लिया। अलग होते हुए जस्टिस मंथा ने टिप्पणी की थी कि 'इस महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई जल्द होनी चाहिए।' इसके बाद कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल ने 15 मई को यह मामला जस्टिस सरकार और जस्टिस घोष की नई बेंच को सौंप दिया।

मुख्य न्यायाधीश पॉल ने स्पष्ट किया कि इस मामले से जुड़ी समस्त याचिकाएँ — जिनमें पीड़ित परिवार की वह याचिका भी शामिल है जिसमें घटनास्थल का दौरा करने की अनुमति माँगी गई है — अब नई डिवीजन बेंच के समक्ष सुनी जाएंगी।

पीड़ित परिवार की याचिका और सरकारी रुख

केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI), जो इस मामले की जाँच कर रही है, ने पीड़ित परिवार की घटनास्थल-भ्रमण याचिका पर कोई आपत्ति नहीं जताई थी। हालाँकि, तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती राज्य सरकार ने इस याचिका का विरोध किया था। जस्टिस मंथा की बेंच ने सुनवाई के दौरान यह सवाल उठाया था कि जब जाँच एजेंसी CBI को कोई आपत्ति नहीं है, तो राज्य सरकार पीड़ित परिवार की माँग का विरोध क्यों कर रही है।

नई राज्य सरकार की कार्रवाई

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई राज्य सरकार ने कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त विनीत कुमार गोयल और शहर पुलिस के दो उपायुक्तों — इंदिरा मुखर्जी और अभिषेक गुप्ता — को निलंबित करने की घोषणा की है। इन अधिकारियों पर आरोप है कि CBI को जाँच सौंपे जाने से पहले शहर पुलिस ने प्रारंभिक जाँच में गंभीर लापरवाही बरती थी।

इसके अतिरिक्त, अधिकारी ने सोमवार को यह भी घोषणा की कि राज्य सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के विरुद्ध मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी है। संदीप घोष का नाम आरजी कर वित्तीय अनियमितता मामले और महिला डॉक्टर के बलात्कार-हत्या, दोनों प्रकरणों में सामने आया है। पूर्ववर्ती सरकार ने यह अनुमति लंबे समय तक रोके रखी थी।

आगे क्या होगा

नई डिवीजन बेंच की आज की सुनवाई में पीड़ित परिवार की घटनास्थल-भ्रमण याचिका सहित सभी लंबित याचिकाओं पर सुनवाई होने की संभावना है। ED की कार्रवाई और पुलिस अधिकारियों के निलंबन के बाद यह मामला एक नए न्यायिक और प्रशासनिक मोड़ पर आ खड़ा हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वे पहले क्यों नहीं उठाए गए — और क्या ये कदम न्याय की वास्तविक माँग से प्रेरित हैं या राजनीतिक पुनर्स्थापन से। पीड़ित परिवार की घटनास्थल-भ्रमण याचिका का पूर्व सरकार द्वारा विरोध, जबकि CBI को कोई आपत्ति नहीं थी, न्यायिक प्रक्रिया में राजनीतिक हस्तक्षेप का एक विचलित करने वाला उदाहरण है। असली कसौटी यह होगी कि नई बेंच इन सभी लंबित याचिकाओं का निपटारा कितनी तेज़ी और निष्पक्षता से करती है।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरजी कर केस में आज की सुनवाई किस बेंच के सामने होगी?
आज की सुनवाई कलकत्ता उच्च न्यायालय की नई डिवीजन बेंच — जस्टिस शम्पा सरकार और जस्टिस तीर्थंकर घोष — के समक्ष दोपहर 1 बजे होगी। यह बेंच 15 मई को मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल द्वारा गठित की गई थी।
पिछली डिवीजन बेंच ने आरजी कर केस से खुद को क्यों अलग किया?
जस्टिस राजशेखर मंथा की अध्यक्षता वाली पिछली बेंच ने 12 मई को यह कहते हुए खुद को अलग कर लिया कि 'इस महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई जल्द होनी चाहिए।' अलग होने के कारणों का विस्तृत ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया।
संदीप घोष के खिलाफ ED को मुकदमे की अनुमति क्यों दी गई?
आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष का नाम वित्तीय अनियमितता मामले और महिला डॉक्टर के बलात्कार-हत्या, दोनों प्रकरणों में सामने आया है। नई राज्य सरकार ने ED को यह अनुमति दी, जिसे पूर्ववर्ती सरकार ने लंबे समय तक रोके रखा था।
कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त को किस कारण निलंबित किया गया?
पूर्व पुलिस आयुक्त विनीत कुमार गोयल और दो उपायुक्तों — इंदिरा मुखर्जी और अभिषेक गुप्ता — को इसलिए निलंबित किया गया क्योंकि CBI को जाँच सौंपे जाने से पहले शहर पुलिस ने आरजी कर मामले की प्रारंभिक जाँच में गंभीर लापरवाही बरती थी।
आरजी कर केस में पीड़ित परिवार की याचिका क्या है?
पीड़ित परिवार ने घटनास्थल का दौरा करने की अनुमति के लिए याचिका दायर की है। CBI ने इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई, लेकिन पूर्ववर्ती राज्य सरकार ने इसका विरोध किया था। यह याचिका भी अब नई डिवीजन बेंच के समक्ष सुनी जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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