आरजी कर रेप-मर्डर केस: कलकत्ता हाई कोर्ट की नई डिवीजन बेंच आज करेगी अहम सुनवाई
सारांश
मुख्य बातें
कलकत्ता उच्च न्यायालय की नवगठित डिवीजन बेंच — जस्टिस शम्पा सरकार और जस्टिस तीर्थंकर घोष — मंगलवार, 19 मई 2026 को आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 2024 में हुए एक महिला डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के मामले की सुनवाई करेगी। अदालत की कॉज लिस्ट के अनुसार, यह सुनवाई दोपहर 1 बजे निर्धारित है।
नई बेंच के गठन की पृष्ठभूमि
इससे पहले इस मामले की सुनवाई जस्टिस राजशेखर मंथा की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच कर रही थी, जिसने 12 मई को स्वयं को इस मामले से अलग कर लिया। अलग होते हुए जस्टिस मंथा ने टिप्पणी की थी कि 'इस महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई जल्द होनी चाहिए।' इसके बाद कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल ने 15 मई को यह मामला जस्टिस सरकार और जस्टिस घोष की नई बेंच को सौंप दिया।
मुख्य न्यायाधीश पॉल ने स्पष्ट किया कि इस मामले से जुड़ी समस्त याचिकाएँ — जिनमें पीड़ित परिवार की वह याचिका भी शामिल है जिसमें घटनास्थल का दौरा करने की अनुमति माँगी गई है — अब नई डिवीजन बेंच के समक्ष सुनी जाएंगी।
पीड़ित परिवार की याचिका और सरकारी रुख
केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI), जो इस मामले की जाँच कर रही है, ने पीड़ित परिवार की घटनास्थल-भ्रमण याचिका पर कोई आपत्ति नहीं जताई थी। हालाँकि, तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती राज्य सरकार ने इस याचिका का विरोध किया था। जस्टिस मंथा की बेंच ने सुनवाई के दौरान यह सवाल उठाया था कि जब जाँच एजेंसी CBI को कोई आपत्ति नहीं है, तो राज्य सरकार पीड़ित परिवार की माँग का विरोध क्यों कर रही है।
नई राज्य सरकार की कार्रवाई
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई राज्य सरकार ने कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त विनीत कुमार गोयल और शहर पुलिस के दो उपायुक्तों — इंदिरा मुखर्जी और अभिषेक गुप्ता — को निलंबित करने की घोषणा की है। इन अधिकारियों पर आरोप है कि CBI को जाँच सौंपे जाने से पहले शहर पुलिस ने प्रारंभिक जाँच में गंभीर लापरवाही बरती थी।
इसके अतिरिक्त, अधिकारी ने सोमवार को यह भी घोषणा की कि राज्य सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के विरुद्ध मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी है। संदीप घोष का नाम आरजी कर वित्तीय अनियमितता मामले और महिला डॉक्टर के बलात्कार-हत्या, दोनों प्रकरणों में सामने आया है। पूर्ववर्ती सरकार ने यह अनुमति लंबे समय तक रोके रखी थी।
आगे क्या होगा
नई डिवीजन बेंच की आज की सुनवाई में पीड़ित परिवार की घटनास्थल-भ्रमण याचिका सहित सभी लंबित याचिकाओं पर सुनवाई होने की संभावना है। ED की कार्रवाई और पुलिस अधिकारियों के निलंबन के बाद यह मामला एक नए न्यायिक और प्रशासनिक मोड़ पर आ खड़ा हुआ है।