क्या आरजी कर बलात्कार और हत्या मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट की सिंगल बेंच अलग हो गई?

Click to start listening
क्या आरजी कर बलात्कार और हत्या मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट की सिंगल बेंच अलग हो गई?

सारांश

आरजी कर बलात्कार और हत्या मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने खुद को अलग कर लिया है। जस्टिस घोष ने बताया कि मामले की सुनवाई पहले से ही खंडपीठ में चल रही है। यह मामला देशभर में आक्रोश का कारण बना। जानें इस मामले की ताजा जानकारी।

Key Takeaways

  • आरजी कर बलात्कार और हत्या मामला महत्वपूर्ण है।
  • सिंगल बेंच ने स्वयं को अलग किया।
  • पीड़ित परिवार ने सीबीआई जांच में खामियों का आरोप लगाया।
  • संजय रॉय को उम्रकैद की सजा मिली।
  • मामले में खंडपीठ में सुनवाई होगी।

कोलकाता, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस तीर्थंकर घोष की सिंगल बेंच ने आरजी कर बलात्कार और हत्या मामले से खुद को अलग कर लिया है। जस्टिस घोष ने गुरुवार को कहा कि आरजी कर अस्पताल की घटना में फैसले को चुनौती देने वाले दो मामलों की सुनवाई पहले से ही खंडपीठ में चल रही है, इसलिए इस मामले की सुनवाई भी वहीं होनी चाहिए।

जस्टिस घोष ने कहा, "चूंकि सीबीआई और दोषी संजय रॉय ने पहले ही हाईकोर्ट में एक नई अपील दायर कर दी है, जिसकी सुनवाई डिवीजन बेंच में चल रही है, इसलिए इस मामले की सुनवाई सिंगल बेंच के बजाय डिवीजन बेंच में ही होनी चाहिए।"

पीड़ित परिवार ने आरजी कर मामले की सीबीआई जांच में खामियों का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में मामला दायर किया था। यह याचिका पिछले साल दिसंबर में दाखिल की गई थी। यह मामला जस्टिस घोष की बेंच में लंबित था।

बुधवार को जस्टिस घोष ने मृतक महिला डॉक्टर के परिवार के वकील को निर्देश दिया था कि वे परिवार से राय लेकर अदालत को अवगत कराएं। गुरुवार को वकील ने कोर्ट को बताया कि चूंकि मामला पहले से जस्टिस देबांग्शु बसाक की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने लंबित है, इसलिए उन्हें याचिका की सुनवाई वहां होने पर कोई आपत्ति नहीं है। इसके बाद न्यायमूर्ति घोष ने याचिका को छोड़ने की घोषणा की।

उन्होंने यह भी बताया कि पीड़ित परिवार की ओर से दायर नई याचिका के सभी दस्तावेज चीफ जस्टिस को भेजे जा रहे हैं, ताकि इसे उचित पीठ को भेजा जा सके।

गौरतलब है कि 9 अगस्त 2024 को आरजी कर मेडिकल कॉलेज के सेमिनार हॉल से पोस्ट-ग्रेजुएट ट्रेनी डॉक्टर का शव बरामद हुआ था। मामला सामने आने के बाद पश्चिम बंगाल समेत पूरे देश में आक्रोश देखा गया था। देशभर के डॉक्टरों से लेकर आम नागरिकों और महिला संगठनों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए। इस मामले में सिविक वॉलंटियर संजय रॉय को अदालत ने दोषी ठहराया और उम्रकैद की सजा सुनाई।

Point of View

बल्कि यह समाज में महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों का भी मुद्दा है। हमें इस मामले में न्याय की उम्मीद है और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि दोषियों को सजा मिले।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

आरजी कर मामले में सिंगल बेंच ने क्यों खुद को अलग किया?
सिंगल बेंच ने कहा कि मामले की सुनवाई पहले से ही खंडपीठ में चल रही है।
क्या पीड़ित परिवार ने सीबीआई जांच पर सवाल उठाए?
हाँ, पीड़ित परिवार ने सीबीआई जांच में खामियों का आरोप लगाया है।
इस मामले में संजय रॉय को क्या सजा मिली है?
संजय रॉय को अदालत ने दोषी ठहराया और उम्रकैद की सजा सुनाई है।
इस मामले में आगे की सुनवाई कब होगी?
आगे की सुनवाई डिवीजन बेंच में होगी।
क्या यह मामला देशभर में चर्चा में है?
हाँ, यह मामला पूरे देश में आक्रोश का कारण बना है।