कलकत्ता हाई कोर्ट ने आरजी कर दुष्कर्म और हत्या मामले के लिए गठित की नई बेंच
सारांश
Key Takeaways
- कोलकाता हाई कोर्ट ने नई बेंच का गठन किया है।
- मामला अगस्त 2024 में सुनवाई के लिए जाएगा।
- जस्टिस मंथा और चट्टोपाध्याय इस बेंच में शामिल हैं।
- पीड़ित परिवार ने त्वरित न्याय की मांग की है।
- सीबीआई जांच जारी है।
कोलकाता, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कलकत्ता हाई कोर्ट ने एक नई बेंच का गठन किया है, जिसका उद्देश्य अगस्त 2024 में आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में एक जूनियर डॉक्टर के साथ हुई दुष्कर्म और हत्या के मामले की सुनवाई करना है।
इस नई बेंच में जस्टिस राजशेखर मंथा और जस्टिस राय चट्टोपाध्याय शामिल हैं। इस बेंच के गठन का कारण यह है कि महीने की शुरुआत में जस्टिस देबांग्शु बसाक और जस्टिस मो. शब्बर रशीदी की पिछली डिविजन बेंच ने इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था, क्योंकि वे अब आपराधिक मामलों की सुनवाई नहीं कर रहे थे।
इससे पहले, मामले की सुनवाई कोलकाता हाई कोर्ट के उस समय के चीफ जस्टिस टी.एस. शिवज्ञानम द्वारा पूर्व बेंच को सौंपी गई थी। जस्टिस बसाक और जस्टिस रशीदी की बेंच के अलग होने के बाद, मामला वर्तमान चीफ जस्टिस सुजॉय पॉल के पास वापस भेजा गया।
अंततः, शुक्रवार को चीफ जस्टिस ने इस मामले की सुनवाई जस्टिस मंथा और जस्टिस चट्टोपाध्याय की नई डिविजन बेंच को सौंप दी।
इस घटना की पृष्ठभूमि में, 9 अगस्त 2024 की सुबह कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक महिला जूनियर डॉक्टर का शव अस्पताल के सेमिनार हॉल में पाया गया। जांच में पता चला कि इसे दुष्कर्म के बाद हत्या की गई थी। यह मामला पूरे शहर में हलचल पैदा कर चुका है और न्याय की मांग तेज हो गई है।
नई बेंच इस गंभीर आपराधिक मामले की सुनवाई करेगी और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की निगरानी करेगी। अदालत ने कहा है कि मामले की सुनवाई तेजी से की जाएगी, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसे अपराधों को रोकने के लिए एक सख्त संदेश दिया जा सके।
इस मामले में लंबी सुनवाई के बाद, कोलकाता की एक ट्रायल कोर्ट ने संजय रॉय को दोषी ठहराया। रॉय पहले कोलकाता पुलिस में नागरिक स्वयंसेवक थे। अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
हालांकि, पीड़ित डॉक्टर के माता-पिता सीबीआई द्वारा की गई जांच के नतीजों से असंतुष्ट थे। उन्हें लगता है कि इस अपराध में किसी और की भूमिका भी हो सकती है। इसी कारण उन्होंने सीबीआई के नतीजों के खिलाफ कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर की। पीड़ित परिवार ने मामले की त्वरित सुनवाई की भी मांग की।
इस बीच, सीबीआई दुष्कर्म और हत्या के इस मामले में किसी बड़ी साजिश की आशंका को लेकर अपनी जांच जारी रखे हुए है। एजेंसी ने ट्रायल कोर्ट में कुछ प्रगति रिपोर्ट भी जमा की हैं।