क्या आरजी कर पीड़िता की मां पर हमले का मामला न्याय पा सकेगा?

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क्या आरजी कर पीड़िता की मां पर हमले का मामला न्याय पा सकेगा?

सारांश

कोलकाता में आरजी कर पीड़िता की मां पर हुए हमले का मामला अब कलकत्ता हाई कोर्ट में पहुंच गया है। सुनवाई में मणिपाल अस्पताल को रिकॉर्ड पेश करने का आदेश दिया गया है। यह मामला न्याय की उम्मीद जगाता है।

Key Takeaways

  • मामला न्यायालय में है।
  • मणिपाल अस्पताल को रिकॉर्ड पेश करने का आदेश।
  • पीड़िता की मां ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
  • राज्य सरकार का दावा और वकील का खंडन।
  • अगली सुनवाई की तारीख निर्धारित।

कोलकाता, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। आरजी कर पीड़िता की मां पर हुए हमले के संदर्भ में कलकत्ता हाई कोर्ट में बुधवार को सुनवाई आयोजित की गई। इस दौरान, कोर्ट ने मणिपाल अस्पताल को सभी आवश्यक रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश दिया।

आरजी कर पीड़िता की मां ने आरोप लगाया कि 9 अगस्त, 2025 को उन पर हमला हुआ, जिसके कारण उनकी चूड़ियां टूट गईं और उनके हाथ तथा पीठ में गंभीर चोटें आईं।

उन्होंने पुलिस पर सवाल उठाते हुए कहा, "मैंने अपनी बेटी को 9 अगस्त, 2024 को खोया और ठीक एक साल बाद मुझ पर हमला हुआ। मेरी पीठ पर चोटें आईं और हाथ भी लाल हो गए। घटनास्थल पर पुलिस ने ड्रोन और कैमरे लगाए थे, फिर भी वे कहते हैं कि कुछ नहीं हुआ। मैं अपनी चूड़ियां तब तक नहीं पहनूंगी जब तक मेरी बेटी को न्याय नहीं मिलता।"

राज्य सरकार ने कलकत्ता हाई कोर्ट में दावा किया कि उनके पास मौजूद मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता की मां को केवल माथे पर चोट आई थी और उन्हें उसी दिन अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी।

हालांकि, वकील फिरोज ने इस दावे का खंडन करते हुए कहा कि उन्हें अस्पताल से छुट्टी नहीं दी गई थी।

जस्टिस तीर्थंकर घोष ने मणिपाल अस्पताल को सभी रिकॉर्ड जमा करने का निर्देश दिया और कहा कि एक निजी अस्पताल के पास प्रवेश का कोई न कोई सबूत अवश्य होगा। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि प्रारंभिक जांच में कमी रही।

ज्ञात रहे कि न्यू मार्केट और शेक्सपियर सारणी पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने हमले की जांच रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें कहा गया कि कोई ठोस सबूत नहीं मिला।

इस बीच, कलकत्ता कोर्ट ने मणिपाल अस्पताल को अगली सुनवाई में सभी दस्तावेजों के साथ एक प्रतिनिधि पेश करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई सोमवार को निर्धारित की गई है।

Point of View

यह आवश्यक है कि हम इस मामले में न्याय की पूरी प्रक्रिया को न केवल देखें, बल्कि यह भी सुनिश्चित करें कि पीड़ितों को उचित न्याय मिले। अदालतें और सरकारी संस्थाएं इस मामले को गंभीरता से ले रही हैं, लेकिन हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी पीड़ित न्याय से वंचित न रहे।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

आरजी कर पीड़िता की मां पर हमला कब हुआ?
यह हमला 9 अगस्त, 2025 को हुआ था।
क्या मणिपाल अस्पताल से पीड़िता की मां को छुट्टी मिली थी?
राज्य सरकार ने दावा किया कि उन्हें छुट्टी मिली थी, लेकिन वकील फिरोज ने इसे खंडित किया।
अगली सुनवाई कब होगी?
मामले की अगली सुनवाई सोमवार को होगी।