बुलढाणा में एटीएस की छापेमारी: अवैध हथियार तस्करी में तीन गिरफ्तार, 2 पिस्टल व 92 कारतूस बरामद
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) ने अवैध हथियार तस्करी के दो अलग-अलग मामलों में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 19 मई को की गई इस कार्रवाई में 2 पिस्टल, 4 मैगजीन और 92 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। एटीएस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने जिले में सक्रिय हथियार तस्करी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार किया है।
पिंपरी कोली गांव में मध्यरात्रि की छापेमारी
चिखली तहसील के रायपुर पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पिंपरी कोली गांव में एटीएस को गोपनीय सूचना मिली कि एक अवैध हथियार विक्रेता गांव में मौजूद है। इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए टीम ने रात करीब 1 से 1:30 बजे के बीच जाल बिछाया।
एटीएस ने शुभम पवार (22 वर्ष, निवासी वर्धा) को रंगे हाथ दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 2 पिस्टल, 4 मैगजीन और 92 जिंदा कारतूस बरामद हुए। अपराध में इस्तेमाल की गई एक चार पहिया वाहन भी जब्त की गई। रायपुर पुलिस स्टेशन में इस मामले में औपचारिक अपराध दर्ज कर लिया गया है।
नाशिक रोड पर दो फरार आरोपी पकड़े गए
दूसरे मामले में नाशिक एटीएस टीम ने मंगलवार सुबह करीब 9 बजे नाशिक की ओर जा रहे दो फरार आरोपियों को रास्ते में ही रोककर हिरासत में लिया। अधिकारियों के अनुसार, इस प्रकरण में एक आरोपी पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, और अब इन दोनों की गिरफ्तारी के साथ इस मामले में कुल तीन आरोपी हिरासत में आ चुके हैं।
जांच का दायरा बढ़ने की आशंका
प्रारंभिक पूछताछ में शुभम पवार ने हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी अहम जानकारियाँ दी हैं, जिनके आधार पर एटीएस आगे की छापेमारी कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि इस गैंग के और सदस्य भी सक्रिय हो सकते हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब बुलढाणा जिले में अवैध हथियारों की आवाजाही को लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ पहले से सतर्क थीं। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यदि अन्य जिलों या राज्यों से इस नेटवर्क के तार जुड़ते हैं, तो कार्रवाई का दायरा व्यापक किया जाएगा।
सुरक्षा एजेंसियाँ अलर्ट पर
गौरतलब है कि बुलढाणा जिले में एटीएस की यह कार्रवाई लगातार जारी है। दोनों मामलों की जांच गहराई से की जा रही है और स्थानीय पुलिस एवं एटीएस की संयुक्त टीमें पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ाए हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस सफलता से स्थानीय स्तर पर राहत अवश्य है, परंतु सुरक्षा तंत्र अभी भी हाई अलर्ट पर बना हुआ है।