अदाणी ग्रुप का अमेरिका में $10 अरब निवेश 'गेम चेंजर': भारतीय-अमेरिकी नेता अजय भुटोरिया
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय-अमेरिकी समुदाय के प्रमुख नेता और पूर्व राष्ट्रपति सलाहकार अजय भुटोरिया ने 19 मई को वाशिंगटन में कहा कि अदाणी ग्रुप का प्रस्तावित 10 अरब डॉलर का अमेरिकी निवेश, अमेरिकी इन्फ्रास्ट्रक्चर और प्रौद्योगिकी नेतृत्व के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित होगा। साथ ही उन्होंने अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड के खिलाफ आपराधिक आरोपों को खारिज किए जाने को 'निर्णायक कानूनी जीत' करार दिया।
कानूनी मामले का निपटारा
भुटोरिया ने कहा कि विस्तृत समीक्षा के बाद अमेरिकी अभियोजकों ने निष्कर्ष निकाला कि वे आरोपों को साबित करने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने समानांतर दीवानी मुकदमों के निपटारे का भी उल्लेख किया।
उनके अनुसार, 'मामले को पूरी तरह सुलझाने के लिए समानांतर दीवानी मामलों को अंतिम रूप से हल किया गया, जिसमें सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) के साथ एक दीवानी समझौता और ऐतिहासिक एलपीजी आयात से जुड़ी ट्रेजरी की एक पुरानी तकनीकी जाँच के संबंध में अदाणी एंटरप्राइजेज द्वारा 27.5 करोड़ डॉलर का एक सक्रिय समाधान शामिल है — यह सब बिना किसी आरोप को स्वीकार किए या अस्वीकार किए।'
भुटोरिया के अनुसार, 'इससे कानूनी भ्रम पूरी तरह दूर हो जाता है और बचाव पक्ष के इस मुख्य तर्क की पुष्टि होती है कि यह मामला एक भारतीय संस्था पर अमेरिकी नियामकों द्वारा किए गए अत्यधिक नियमन का उदाहरण था।'
अमेरिकी रोज़गार और आर्थिक असर
भुटोरिया ने कहा कि यह 10 अरब डॉलर का निवेश अमेरिकी बुनियादी ढाँचे में 15,000 प्रत्यक्ष नौकरियाँ और हज़ारों अप्रत्यक्ष रोज़गार के अवसर उत्पन्न करेगा। उनके अनुसार यह निवेश विनिर्माण और निर्माण क्षेत्र में भारतीय पूंजी की अमेरिकी अर्थव्यवस्था में भूमिका को नया आयाम देता है।
उन्होंने कहा, 'यह भारत द्वारा नौकरियाँ छीनना नहीं है — यह एक दिग्गज भारतीय कंपनी द्वारा अमेरिकी अर्थव्यवस्था को सक्रिय रूप से मज़बूत करना है।' भुटोरिया ने यह भी तर्क दिया कि यह निवेश उस संकीर्ण धारणा को खारिज करता है जिसके तहत यह कहा जाता रहा है कि भारत H-1B वीज़ा के माध्यम से अमेरिकी रोज़गार प्रभावित करता है।
एआई और ऊर्जा ग्रिड की चुनौती
भुटोरिया ने इस निवेश को अमेरिका की तकनीकी महत्वाकांक्षाओं से जोड़ते हुए कहा कि एआई के तेज़ विकास और विशाल डेटा सेंटर विस्तार से अमेरिकी बिजली ग्रिड पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। उनके अनुसार, 'बुनियादी ढाँचे और स्वच्छ प्रौद्योगिकी में अदाणी ग्रुप की विश्व स्तरीय विशेषज्ञता का लाभ उठाकर, वैश्विक तकनीकी प्रभुत्व बनाए रखने के लिए आवश्यक अगली पीढ़ी के ऊर्जा पोर्टफोलियो को सुरक्षित किया जा सकता है।'
अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी
भुटोरिया ने इस घटनाक्रम को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह प्रस्ताव वैश्विक व्यापार जगत को संकेत देता है कि अमेरिका व्यापार के लिए पूरी तरह खुला है। उन्होंने कहा कि यह अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी को 21वीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक और लोकतांत्रिक गठबंधन के रूप में स्थापित करता है।
गौरतलब है कि भुटोरिया ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के एशियाई अमेरिकियों, मूल हवाई निवासियों और प्रशांत द्वीपवासियों से संबंधित राष्ट्रपति सलाहकार आयोग में सेवाएँ दी हैं और अमेरिका-भारत आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। आने वाले महीनों में इस निवेश के क्रियान्वयन की रूपरेखा और क्षेत्रवार विवरण सामने आने की उम्मीद है।