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रामबन बस दुर्घटना: गूल-संगलदान सड़क पर बस पलटी, 1 की मौत, 11 घायल

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रामबन बस दुर्घटना: गूल-संगलदान सड़क पर बस पलटी, 1 की मौत, 11 घायल

सारांश

जम्मू-कश्मीर के रामबन में मंगलवार को गूल-संगलदान सड़क पर बस पलटने से एक यात्री की मौत और 11 घायल हो गए। पहाड़ी जिलों में बढ़ती दुर्घटनाओं के बीच यह हादसा प्रशासन के लिए एक और चेतावनी है।

मुख्य बातें

रामबन जिले की गूल-संगलदान सड़क पर 19 मई को यात्री बस (नंबर जेके02सीयू-7482 ) पलट गई।
हादसे में 1 यात्री की मौत और 11 लोग घायल , कुछ की हालत गंभीर।
16 मई को पहलगाम में भी सड़क दुर्घटना में गुजरात के पर्यटक दंपती बाविन भावसार और अवनी भावसार की मौत हुई थी।
पुंछ, राजौरी, रियासी, डोडा, किश्तवाड़ और रामबन जिले लगातार सड़क दुर्घटनाओं के लिए चिह्नित हैं।
ट्रैफिक विभाग ने विशेष जाँच दस्ते तैनात किए हैं और सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चला रहा है।

जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में मंगलवार, 19 मई को एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक यात्री की मौत हो गई और 11 अन्य घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, गूल-संगलदान सड़क पर संगलदान इलाके के पास एक यात्री बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई।

मुख्य घटनाक्रम

अधिकारियों ने बताया कि रजिस्ट्रेशन नंबर जेके02सीयू-7482 वाली यात्री बस कथित तौर पर बेकाबू होकर पलट गई। घटना के तुरंत बाद पुलिस, स्थानीय निवासियों और आपातकालीन दलों ने मौके पर पहुँचकर बचाव अभियान शुरू किया। घायलों को तत्काल नज़दीकी चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

पहलगाम हादसे का संदर्भ

यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब इससे कुछ दिन पहले, 16 मई को पहलगाम में एक अलग सड़क दुर्घटना में गुजरात के एक पर्यटक दंपती की जान चली गई थी और दो अन्य घायल हो गए थे। अधिकारियों के अनुसार, उस हादसे में पर्यटकों को ले जा रही टैक्सी सड़क से फिसलकर गहरी खाई में जा गिरी थी। मृतकों की पहचान बाविन भावसार (पुत्र महेश भावसार) और उनकी पत्नी अवनी भावसार के रूप में हुई — बाविन को उप-जिला अस्पताल पहलगाम में मृत लाया गया था, जबकि अवनी की गंभीर चोटों के कारण बाद में मृत्यु हो गई।

पहाड़ी जिलों में सड़क सुरक्षा की चिंता

गौरतलब है कि पुंछ, राजौरी, रियासी, डोडा, किश्तवाड़ और रामबन जैसे पहाड़ी जिले लगातार सड़क दुर्घटनाओं के कारण सुर्खियों में रहते हैं। विशेषज्ञों और अधिकारियों के अनुसार, इन हादसों के प्रमुख कारणों में सड़कों की खराब स्थिति, अत्यधिक तेज़ रफ़्तार, ओवरलोडिंग और रोड रेज शामिल हैं।

प्रशासन की कार्रवाई

ट्रैफिक विभाग ने नियम उल्लंघनकर्ताओं पर कार्रवाई के लिए विशेष जाँच दस्ते तैनात किए हैं। बिना लाइसेंस या नाबालिग चालकों द्वारा वाहन चलाने के मामलों में रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र रद्द करना, वाहन जब्त करना और माता-पिता को कारावास जैसे दंड का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त, पेट्रोल पंपों को निर्देश दिया गया है कि बिना क्रैश हेलमेट वाले दोपहिया चालकों को ईंधन न दिया जाए। विभाग सड़क सुरक्षा जागरूकता कक्षाएँ भी आयोजित कर रहा है।

आगे क्या

पुलिस ने इस दुर्घटना का संज्ञान ले लिया है और जाँच जारी है। रामबन जिले में बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए प्रशासन पर सड़क सुरक्षा उपायों को और सख्त करने का दबाव बढ़ता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि छिटपुट। ट्रैफिक विभाग के जाँच दस्ते और जागरूकता कक्षाएँ तब तक कागज़ी उपाय बनी रहेंगी, जब तक सड़कों की भौतिक स्थिति और प्रवर्तन तंत्र में ठोस सुधार नहीं होता। सवाल यह है कि हर हादसे के बाद की जाने वाली घोषणाएँ ज़मीन पर कितनी उतरती हैं।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रामबन बस दुर्घटना कहाँ और कब हुई?
यह दुर्घटना 19 मई को जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में गूल-संगलदान सड़क पर संगलदान इलाके के पास हुई। पुलिस के अनुसार यात्री बस कथित तौर पर बेकाबू होकर सड़क किनारे पलट गई।
इस हादसे में कितने लोग हताहत हुए?
अधिकारियों के अनुसार हादसे में एक यात्री की मौत हो गई और 11 लोग घायल हुए, जिनमें से कुछ को गंभीर चोटें आई हैं। घायलों को नज़दीकी चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया है।
जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी जिलों में सड़क दुर्घटनाएँ इतनी अधिक क्यों होती हैं?
अधिकारियों के अनुसार, इन दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में सड़कों की खराब स्थिति, अत्यधिक गति, ओवरलोडिंग और रोड रेज शामिल हैं। पुंछ, राजौरी, रियासी, डोडा, किश्तवाड़ और रामबन जैसे जिले इस समस्या से सर्वाधिक प्रभावित हैं।
पहलगाम में 16 मई की दुर्घटना में क्या हुआ था?
16 मई को पहलगाम में एक टैक्सी सड़क से फिसलकर गहरी खाई में गिर गई, जिसमें गुजरात के पर्यटक दंपती बाविन भावसार और अवनी भावसार की मौत हो गई तथा दो अन्य घायल हुए।
प्रशासन सड़क दुर्घटनाएँ रोकने के लिए क्या कदम उठा रहा है?
ट्रैफिक विभाग ने नियम उल्लंघनकर्ताओं पर कार्रवाई के लिए विशेष जाँच दस्ते तैनात किए हैं। पेट्रोल पंपों को बिना हेलमेट वाले चालकों को ईंधन न देने के निर्देश दिए गए हैं और सड़क सुरक्षा जागरूकता कक्षाएँ आयोजित की जा रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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