बीसी खंडूरी के निधन पर राष्ट्रपति मुर्मु की श्रद्धांजलि: 'ईमानदारी और विकास की राजनीति का प्रतीक'

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बीसी खंडूरी के निधन पर राष्ट्रपति मुर्मु की श्रद्धांजलि: 'ईमानदारी और विकास की राजनीति का प्रतीक'

सारांश

भारतीय सेना के सेवानिवृत्त मेजर जनरल से उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बने भुवन चंद्र खंडूरी के निधन पर राष्ट्रपति मुर्मु से लेकर कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों तक ने शोक व्यक्त किया। स्वर्णिम चतुर्भुज जैसी परियोजनाओं के सूत्रधार खंडूरी को ईमानदारी और सुशासन की राजनीति का प्रतीक माना जाता था।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 19 मई को मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।
राष्ट्रपति ने खंडूरी को ईमानदारी, सादगी, पारदर्शिता और विकास की राजनीति का उदाहरण बताया।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने स्वर्णिम चतुर्भुज और राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम में उनके योगदान को देश की विकास यात्रा का मील का पत्थर बताया।
गृह मंत्री अमित शाह ने निधन को BJP और उत्तराखंड के लिए 'अपूरणीय क्षति' करार दिया।
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों सहित देशभर के नेताओं ने संवेदनाएँ व्यक्त कीं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 19 मई को उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि खंडूरी ने सैन्य सेवा के बाद जन-जीवन में भी ईमानदारी, सादगी, पारदर्शिता और विकास की राजनीति का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।

राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति की संवेदनाएँ

राष्ट्रपति मुर्मु के कार्यालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) बीसी खंडूरी जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। भारतीय सेना में उत्कृष्ट सेवा देने के बाद उन्होंने जन सेवा के लिए ईमानदारी, सादगी, पारदर्शिता और विकास की राजनीति का उदाहरण प्रस्तुत किया। देश के तथा उत्तराखंड के विकास, सुशासन और जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सदैव स्मरणीय रहेगी।'

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि देश ने एक विशिष्ट सैनिक, एक सक्षम प्रशासक और असाधारण ईमानदारी वाले राजनेता को खो दिया है। उन्होंने स्वर्णिम चतुर्भुज और राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम में खंडूरी के दूरदर्शी योगदान को देश की विकास यात्रा का मील का पत्थर बताया। राधाकृष्णन ने यह भी उल्लेख किया कि हाल ही में देहरादून यात्रा के दौरान उन्हें खंडूरी से मिलने का अवसर मिला था।

केंद्रीय मंत्रियों की प्रतिक्रिया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खंडूरी के निधन को उत्तराखंड और भारतीय जनता पार्टी (BJP) परिवार के लिए 'अपूरणीय क्षति' बताया। उन्होंने कहा कि तीन दशकों से अधिक की सेना सेवा के बाद खंडूरी आजीवन 'राष्ट्र प्रथम' के संकल्प के प्रति समर्पित रहे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि खंडूरी ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में अनुशासन, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा की भावना के साथ देश की सेवा की।

राज्यों के मुख्यमंत्रियों का शोक

देशभर के कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी खंडूरी के निधन पर संवेदनाएँ व्यक्त कीं। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उनके व्यक्तित्व को 'सदैव प्रेरणास्रोत' बताया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि खंडूरी का सादगीपूर्ण व्यक्तित्व और जनकल्याण के प्रति समर्पण सदा प्रेरणा देता रहेगा।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की। शर्मा ने भगवान बद्रीनाथ से प्रार्थना की कि वे दिवंगत पुण्यात्मा को अपने चरणों में स्थान दें।

खंडूरी की विरासत

गौरतलब है कि मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी ने भारतीय सेना में तीन दशकों से अधिक सेवा देने के बाद राजनीति में प्रवेश किया और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तथा केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्य किया। केंद्रीय मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना और राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम को उल्लेखनीय गति मिली, जो भारत के सड़क ढाँचे को आधुनिक बनाने में मील का पत्थर साबित हुए।

आगे की स्थिति

खंडूरी के निधन से BJP और उत्तराखंड की राजनीति में एक युग का अंत हुआ है। उनके परिवार, समर्थकों और उत्तराखंड की जनता के प्रति देशभर से संवेदनाओं का सिलसिला जारी है। उनकी विरासत — सुशासन, सादगी और राष्ट्रसेवा — आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो आज भी करोड़ों भारतीयों के जीवन को प्रभावित करती हैं। यह ध्यान देने योग्य है कि जब राजनीति में छवि और आचरण के बीच की खाई चर्चा में रहती है, खंडूरी का व्यक्तित्व उस मानक को याद दिलाता है जो सार्वजनिक जीवन में संभव है।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भुवन चंद्र खंडूरी कौन थे?
मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री थे। उन्होंने भारतीय सेना में तीन दशकों से अधिक सेवा दी और केंद्रीय मंत्री के रूप में स्वर्णिम चतुर्भुज तथा राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम को गति देने में अहम भूमिका निभाई।
राष्ट्रपति मुर्मु ने खंडूरी के बारे में क्या कहा?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि खंडूरी ने ईमानदारी, सादगी, पारदर्शिता और विकास की राजनीति का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड और देश के विकास, सुशासन तथा जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सदैव स्मरणीय रहेगी।
खंडूरी का स्वर्णिम चतुर्भुज से क्या संबंध था?
केंद्रीय मंत्री के रूप में खंडूरी ने स्वर्णिम चतुर्भुज और राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम के क्रियान्वयन में दूरदर्शी नेतृत्व दिया। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने इसे भारत की विकास यात्रा में मील का पत्थर बताया।
खंडूरी के निधन पर किन-किन नेताओं ने शोक व्यक्त किया?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अलावा दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों ने शोक व्यक्त किया।
अमित शाह ने खंडूरी के निधन को किस रूप में बताया?
गृह मंत्री अमित शाह ने खंडूरी के निधन को उत्तराखंड और BJP परिवार के लिए 'अपूरणीय क्षति' बताया। उन्होंने कहा कि खंडूरी तीन दशकों से अधिक की सेना सेवा के बाद आजीवन 'राष्ट्र प्रथम' के संकल्प के प्रति समर्पित रहे।
राष्ट्र प्रेस
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