ओस्लो में PM मोदी और आइसलैंड की PM क्रिस्ट्रुन फ्रॉस्टाडॉटिर की द्विपक्षीय वार्ता, भारत-नॉर्डिक साझेदारी को मिली नई दिशा
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 मई 2026 को ओस्लो में आइसलैंड की प्रधानमंत्री क्रिस्ट्रुन फ्रॉस्टाडॉटिर के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस महत्वपूर्ण मुलाकात में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश सचिव विक्रम मिस्री समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह बैठक प्रधानमंत्री मोदी की पाँच देशों की यात्रा के चौथे चरण — नॉर्वे के दो दिवसीय दौरे — के दौरान हुई।
भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन की पृष्ठभूमि
विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, यह शिखर सम्मेलन अप्रैल 2018 में स्टॉकहोम और मई 2022 में कोपेनहेगन में आयोजित पिछले दो शिखर सम्मेलनों की कड़ी को आगे बढ़ाता है। इसका उद्देश्य भारत और नॉर्डिक देशों के संबंधों को और अधिक रणनीतिक स्वरूप देना है।
विशेष रूप से टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, ग्रीन ट्रांजिशन, नवीकरणीय ऊर्जा, सस्टेनेबिलिटी, ब्लू इकॉनमी, रक्षा, अंतरिक्ष और आर्कटिक जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है — जो भारत की बदलती वैश्विक प्राथमिकताओं को दर्शाता है।
भारत-नॉर्वे व्यापार और रिसर्च समिट
सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी ने ओस्लो में आयोजित भारत-नॉर्वे व्यापार और रिसर्च समिट में भाग लिया। इस कार्यक्रम में 50 से अधिक कंपनियों के सीईओ सहित दोनों देशों के व्यापार और अनुसंधान क्षेत्र से 250 से ज़्यादा प्रतिनिधि शामिल हुए।
समिट में प्रधानमंत्री ने भारत और EFTA (यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ) के बीच हुए व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर भारतीय और नॉर्वेजियन कंपनियों के बीच कई समझौतों पर भी हस्ताक्षर हुए।
नॉर्वे में विशेष स्वागत और राजकीय मुलाकातें
नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर ने एक विशेष पहल के तहत एयरपोर्ट पर स्वयं प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। इस अवसर पर भारत में नॉर्वे की राजदूत मे-एलिन स्टेनर और नॉर्वे में भारत की राजदूत ग्लोरिया गांगटे भी उपस्थित थीं।
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने ओस्लो के रॉयल पैलेस में किंग हेराल्ड-V से भी भेंट की। दोनों के बीच नई तकनीकों के क्षेत्र में भारतीय और नॉर्वेजियन कंपनियों के बढ़ते सहयोग पर विस्तृत चर्चा हुई।
साझा मूल्यों पर आधारित मित्रता
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने नॉर्वे की प्राकृतिक सुंदरता की सराहना की और रेखांकित किया कि भारत-नॉर्वे की मित्रता लोकतंत्र, कानून के शासन और जनता-केंद्रित शासन जैसे साझा मूल्यों पर टिकी है और निरंतर प्रगाढ़ हो रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी वैश्विक कूटनीतिक उपस्थिति को यूरोप के उत्तरी देशों तक सक्रिय रूप से विस्तारित कर रहा है, और नॉर्डिक देश भारत के हरित ऊर्जा एवं तकनीकी परिवर्तन में महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में उभर रहे हैं।