तीसरे इंडिया-नॉर्डिक समिट में PM मोदी ओस्लो में, टेक्नोलॉजी-रक्षा-ग्रीन एनर्जी पर होगी केंद्रीय चर्चा

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तीसरे इंडिया-नॉर्डिक समिट में PM मोदी ओस्लो में, टेक्नोलॉजी-रक्षा-ग्रीन एनर्जी पर होगी केंद्रीय चर्चा

सारांश

ओस्लो में तीसरे इंडिया-नॉर्डिक समिट में PM मोदी पाँच नॉर्डिक देशों के प्रमुखों से मिलेंगे — एजेंडे में रक्षा, ग्रीन ट्रांजिशन और टेक्नोलॉजी। इससे पहले उन्हें नॉर्वे के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाज़ा गया और राजा हेराल्ड-V से विशेष मुलाकात हुई।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी 19 मई 2026 को ओस्लो में तीसरे इंडिया-नॉर्डिक समिट में भाग लेंगे।
समिट में नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के प्रधानमंत्री शामिल होंगे।
एजेंडे में टेक्नोलॉजी, ग्रीन ट्रांजिशन, रक्षा, ब्लू इकोनॉमी, अंतरिक्ष और आर्कटिक सहयोग शामिल।
इंडिया-नॉर्वे बिजनेस समिट में 50 से अधिक कंपनियों के सीईओ और 250 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया; कई व्यापारिक समझौते हुए।
PM मोदी को नॉर्वे के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट' से सम्मानित किया गया।
मोदी ने नॉर्वे के राजा हेराल्ड-V से रॉयल पैलेस, ओस्लो में मुलाकात की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार, 19 मई 2026 को ओस्लो, नॉर्वे में आयोजित तीसरे इंडिया-नॉर्डिक समिट में भाग लेंगे। इस शिखर सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य टेक्नोलॉजी, रिन्यूएबल एनर्जी, रक्षा, सस्टेनेबिलिटी और व्यापार जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भारत और पाँच नॉर्डिक देशों के बीच साझेदारी को नई ऊँचाई देना है। विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, यह समिट 2018 के स्टॉकहोम और 2022 के कोपेनहेगन शिखर सम्मेलनों की कड़ी में तीसरा महत्वपूर्ण पड़ाव है।

समिट में शामिल नेता और एजेंडा

विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर, डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन, फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो, आइसलैंड की प्रधानमंत्री क्रिस्ट्रुन फ्रॉस्टाडॉटिर और स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन भी इस समिट में मौजूद रहेंगे। एजेंडे में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, ग्रीन ट्रांजिशन, ब्लू इकोनॉमी, रक्षा, अंतरिक्ष और आर्कटिक सहयोग जैसे विषय केंद्र में हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत-यूरोप रणनीतिक संबंध वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच नई प्रासंगिकता हासिल कर रहे हैं।

बिजनेस समिट और आर्थिक सहयोग

समिट से एक दिन पहले, सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया-नॉर्वे बिजनेस और रिसर्च समिट में भाग लिया, जिसमें 50 से अधिक कंपनियों के सीईओ और दोनों देशों के 250 से ज़्यादा व्यापारिक व शोध प्रतिनिधि शामिल हुए। इस अवसर पर भारतीय और नॉर्वेजियन संस्थाओं के बीच कई द्विपक्षीय व्यापारिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। मोदी ने भारत-ईएफटीए ट्रेड एंड इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट के लागू होने के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक सहयोग को रेखांकित किया।

नॉर्वे का विशेष सम्मान और राजकीय स्वागत

प्रधानमंत्री मोदी अपनी पाँच देशों की यात्रा के चौथे चरण में सोमवार को नॉर्वे पहुँचे। नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर स्वयं हवाई अड्डे पर उनके स्वागत के लिए उपस्थित थे। नॉर्वे में भारत की राजदूत ग्लोरिया गंगटे और भारत में नॉर्वे की राजदूत मे-एलिन स्टेनर समेत वरिष्ठ अधिकारी भी वहाँ मौजूद रहे।

ओस्लो के रॉयल पैलेस में प्रधानमंत्री मोदी ने नॉर्वे के राजा हेराल्ड-V से मुलाकात की और उभरती टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में दोनों देशों की कंपनियों के बीच बढ़ते सहयोग पर विचार-विमर्श किया। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, मोदी ने कहा कि भारत-नॉर्वे की दोस्ती लोकतंत्र, कानून के शासन और लोगों-केंद्रित प्रशासन जैसे साझा मूल्यों पर आधारित है। राजा हेराल्ड ने प्रधानमंत्री के सम्मान में विशेष लंच का आयोजन भी किया।

नॉर्वे का सर्वोच्च नागरिक सम्मान

इस यात्रा की एक ऐतिहासिक उपलब्धि यह रही कि प्रधानमंत्री मोदी को नॉर्वे के विदेशी राष्ट्राध्यक्षों को दिए जाने वाले सर्वोच्च नागरिक सम्मान — 'ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट' — से नवाज़ा गया। PMO के अनुसार, यह सम्मान नॉर्वे और मानवता के हित में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए प्रदान किया जाता है।

सम्मान मिलने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट पाकर मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूँ। यह सम्मान भारत की जनता को समर्पित है और भारत-नॉर्वे की मजबूत दोस्ती का प्रतीक है। यह वैश्विक प्रगति के लिए हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।' उन्होंने राजा हेराल्ड और नॉर्वे की जनता के प्रति आभार भी व्यक्त किया।

आगे की राह

गौरतलब है कि यह तीसरा इंडिया-नॉर्डिक समिट भारत की बढ़ती वैश्विक कूटनीतिक सक्रियता का हिस्सा है। ग्रीन एनर्जी, रक्षा तकनीक और आर्कटिक सहयोग जैसे मुद्दों पर ठोस परिणाम इस समिट की सफलता का पैमाना होंगे। समिट के बाद जारी होने वाले संयुक्त वक्तव्य पर सभी पक्षों की निगाहें रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन क्रियान्वयन की गति पर निगरानी ज़रूरी है।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तीसरा इंडिया-नॉर्डिक समिट क्या है और यह कहाँ हो रहा है?
तीसरा इंडिया-नॉर्डिक समिट 19 मई 2026 को ओस्लो, नॉर्वे में आयोजित हो रहा है, जिसमें भारत और पाँच नॉर्डिक देशों — नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड व स्वीडन — के प्रधानमंत्री भाग ले रहे हैं। यह 2018 के स्टॉकहोम और 2022 के कोपेनहेगन समिट की अगली कड़ी है।
इस समिट में किन विषयों पर चर्चा होगी?
समिट में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, ग्रीन ट्रांजिशन, रिन्यूएबल एनर्जी, सस्टेनेबिलिटी, ब्लू इकोनॉमी, रक्षा, अंतरिक्ष और आर्कटिक सहयोग प्रमुख एजेंडा बिंदु हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इन क्षेत्रों में भारत-नॉर्डिक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करना लक्ष्य है।
PM मोदी को नॉर्वे में कौन-सा सम्मान मिला?
प्रधानमंत्री मोदी को नॉर्वे के विदेशी राष्ट्राध्यक्षों को दिए जाने वाले सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट' से नवाज़ा गया। PMO के अनुसार यह सम्मान नॉर्वे और मानवता के हित में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए दिया जाता है।
इंडिया-नॉर्वे बिजनेस समिट में क्या हुआ?
सोमवार को आयोजित इंडिया-नॉर्वे बिजनेस और रिसर्च समिट में 50 से अधिक कंपनियों के सीईओ और 250 से ज़्यादा प्रतिनिधि शामिल हुए। भारतीय और नॉर्वेजियन संस्थाओं के बीच कई व्यापारिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए और भारत-ईएफटीए ट्रेड एग्रीमेंट के तहत बढ़ते आर्थिक सहयोग पर ज़ोर दिया गया।
पिछले इंडिया-नॉर्डिक समिट कब और कहाँ हुए थे?
पहला इंडिया-नॉर्डिक समिट 2018 में स्टॉकहोम, स्वीडन में और दूसरा 2022 में कोपेनहेगन, डेनमार्क में आयोजित हुआ था। 2026 का ओस्लो समिट इस श्रृंखला का तीसरा संस्करण है।
राष्ट्र प्रेस
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