PM मोदी को नॉर्वे का सर्वोच्च सम्मान 'ग्रैंड क्रॉस', ओस्लो में किंग हेराल्ड V से ऐतिहासिक मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 मई 2026 को ओस्लो स्थित रॉयल पैलेस में नॉर्वे के राजा हेराल्ड V से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच तकनीक, लोकतंत्र तथा साझा मूल्यों पर आधारित दीर्घकालिक संबंधों को और प्रगाढ़ करने पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरे का सबसे महत्वपूर्ण पल वह रहा जब राजा हेराल्ड ने प्रधानमंत्री मोदी को नॉर्वे के सर्वोच्च राजकीय सम्मान — रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट के ग्रैंड क्रॉस — से अलंकृत किया।
सर्वोच्च सम्मान से अलंकरण
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के अनुसार, रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट का ग्रैंड क्रॉस नॉर्वे का वह सर्वोच्च सम्मान है जो विदेशी शासनाध्यक्षों को नॉर्वे और मानवता की सेवा में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया जाता है। सम्मान ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट के ग्रैंड क्रॉस पाकर सम्मानित महसूस कर रहा हूँ। यह सम्मान भारत के लोगों को समर्पित है और भारत तथा नॉर्वे के बीच हमेशा रहने वाली दोस्ती को श्रद्धांजलि है। यह वैश्विक प्रगति के लिए हमारे साझा संकल्प को दर्शाता है।' उन्होंने किंग हेराल्ड और नॉर्वे के नागरिकों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
द्विपक्षीय वार्ता के मुख्य बिंदु
रॉयल पैलेस में हुई बैठक में दोनों नेताओं ने विशेष रूप से नई तकनीक के क्षेत्र में भारतीय और नॉर्वेजियन कंपनियों की प्रगति पर विचार-विमर्श किया। पीएमओ ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने नॉर्वे की प्राकृतिक सुंदरता की सराहना की और इस बात पर बल दिया कि दोनों देशों के बीच लोकतंत्र, कानून के शासन और जन-केंद्रित शासन-व्यवस्था के साझा मूल्यों पर टिकी मित्रता निरंतर सुदृढ़ होती जा रही है। बैठक के उपरांत किंग हेराल्ड ने प्रधानमंत्री के सम्मान में एक विशेष भोज का आयोजन किया, जिसके लिए मोदी ने राजा की आतिथ्य-भावना का आभार जताया।
ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की घोषणा
नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर के साथ संयुक्त मीडिया संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि भारत और नॉर्वे के द्विपक्षीय संबंधों को अब 'ग्रीन रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक उन्नत किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह साझेदारी भारत के पैमाने, गति और प्रतिभा को नॉर्वे की तकनीक और पूँजी के साथ संयुक्त कर दोनों देशों की कंपनियों को वैश्विक समाधान विकसित करने में सक्षम बनाएगी।
ऐतिहासिक संदर्भ और महत्व
पीएमओ के अनुसार, यह सम्मान भारत और नॉर्वे के बीच विद्यमान गहरी सद्भावना के संबंधों का प्रतीक है और भविष्य में दोनों देशों की मित्रता तथा सहयोग की राह को दिशा देगा। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत वैश्विक हरित ऊर्जा और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अपनी साझेदारियाँ तेज़ी से विस्तारित कर रहा है। नॉर्वे, जो समुद्री ऊर्जा और हरित तकनीक में अग्रणी देश माना जाता है, भारत के लिए एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में उभर रहा है।
आगे की राह
ग्रीन रणनीतिक साझेदारी की इस नई रूपरेखा के तहत दोनों देशों के बीच तकनीक हस्तांतरण, हरित ऊर्जा निवेश और व्यापारिक सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है। यह मुलाकात भारत-नॉर्वे संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।