PM मोदी को नॉर्वे का सर्वोच्च सम्मान 'ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट', यह उनका 32वाँ अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 18 मई 2025 को ओस्लो में नॉर्वे के सर्वोच्च राजकीय सम्मान 'ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट' से नवाजा गया। यह उन्हें मिला 32वाँ अंतरराष्ट्रीय सम्मान है, और यह सम्मान भारत-नॉर्वे संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक माना जा रहा है।
लगातार दो दिन में दो सर्वोच्च यूरोपीय सम्मान
उल्लेखनीय है कि नॉर्वे से एक दिन पूर्व, स्वीडन ने भी प्रधानमंत्री मोदी को अपने सर्वोच्च सम्मान 'रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार' (कमांडर ग्रैंड क्रॉस) से अलंकृत किया था। लगातार दो स्कैंडिनेवियाई देशों द्वारा भारतीय प्रधानमंत्री को अपने-अपने सर्वोच्च सम्मान देना कूटनीतिक दृष्टि से असाधारण माना जा रहा है।
द्विपक्षीय वार्ता और एमओयू पर हस्ताक्षर
सम्मान समारोह से पूर्व प्रधानमंत्री मोदी ने नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में व्यापार, निवेश, हरित ऊर्जा और वैश्विक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों में एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर भी हस्ताक्षर किए गए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और नॉर्वे के बीच हुए इन समझौतों से पूरे विश्व को लाभ मिलने वाला है।
भारतीय समुदाय का भव्य स्वागत, 'रिदम्स ऑफ इंडिया' की प्रस्तुति
ओस्लो में भारतीय समुदाय ने प्रधानमंत्री का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। स्वागत कार्यक्रम में 'रिदम्स ऑफ इंडिया' के तहत सत्तरिया, भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी, ओडिसी, कथक और मोहिनीअट्टम जैसी शास्त्रीय नृत्य शैलियों की प्रस्तुति दी गई। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'ओस्लो में आज भारतीय समुदाय द्वारा किए गए स्वागत कार्यक्रम में 'रिदम्स ऑफ इंडिया' की प्रस्तुति ने भारत की सांस्कृतिक विविधता की खूबसूरत झलक पेश की। सत्तरिया से भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी से ओडिसी, कथक से मोहिनीअट्टम तक, प्रत्येक नृत्य शैली में वर्षों की लगन, अनुशासन और उत्कृष्टता झलकती है।'
नाट्यलय नृत्य विद्यालय के एक समूह ने भरतनाट्यम से संबंधित अलारिप्पू नृत्य प्रस्तुत किया। यह संस्था लगभग तीन दशकों से नॉर्वे में भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखने का कार्य कर रही है। इसके अलावा, बैरेट ड्यू म्यूजिक इंस्टीट्यूट की टीम ने भारतीय और पश्चिमी शास्त्रीय परंपराओं के संगम 'साथ साथ' की प्रस्तुति दी।
आगे क्या
प्रधानमंत्री मोदी की यह यूरोपीय यात्रा भारत की बढ़ती वैश्विक कूटनीतिक पहुँच को रेखांकित करती है। नॉर्वे के साथ हरित ऊर्जा और निवेश के क्षेत्र में हुए समझौते आने वाले महीनों में व्यावहारिक रूप लेने की उम्मीद है। यह यात्रा भारत-स्कैंडिनेविया संबंधों को एक नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।