ओस्लो बिजनेस समिट में 50+ सीईओ ने PM मोदी की तारीफ की, भारत-नॉर्वे साझेदारी को नई दिशा
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 मई 2025 को ओस्लो में आयोजित भारत-नॉर्वे बिजनेस और रिसर्च समिट में भाग लिया, जहाँ 50 से अधिक कंपनियों के सीईओ और दोनों देशों के व्यापार व अनुसंधान जगत के 250 से अधिक प्रतिभागी एकत्रित हुए। समिट के बाद कई शीर्ष कारोबारी नेताओं ने भारत में कारोबारी माहौल को सुगम बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की खुलकर सराहना की।
सीईओ की प्रतिक्रियाएँ: भारत बना पसंदीदा निवेश गंतव्य
बीडब्ल्यू एलपीजी के सीईओ क्रिस्टियन सोरेंसन ने कहा, 'हमारी कंपनी पिछले सात-आठ वर्षों से भारत में निवेश कर रही है और हम देख सकते हैं कि भारत में बिजनेस करने के तरीके को आसान बनाने के लिए प्रधानमंत्री के समर्पण और प्रतिबद्धता ने पूरे बिजनेस माहौल में कितना बड़ा योगदान दिया है। हमारे लिए यह भारत में हमारी सफलता की कहानी का एक बहुत जरूरी हिस्सा रहा है।'
जोटुन के सीईओ मोर्टेन फॉन ने भारत में हुए संरचनात्मक बदलावों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, 'भारत के अंदर राज्यों के बीच व्यापार बहुत आसान हो गया है।' फॉन ने यह भी रेखांकित किया कि जोटुन मरीन कोटिंग्स का वैश्विक बाज़ार में 25 प्रतिशत हिस्सा है और भारतीय बाज़ार में उनकी उपस्थिति उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा समिट में शिपबिल्डिंग पर दिए गए जोर को उन्होंने 'दिल के बहुत करीब' बताया।
ऊर्जा और शिपिंग क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएँ
इक्विनोर के सीईओ एंडर्स ओपेडल ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा उनके एजेंडे में सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया, 'हम भारत को कच्चे तेल और कुकिंग गैस के लिए एलपीजी से समर्थन कर रहे हैं और अब हमारे पास भारत में एलएनजी आयात के लिए एक दीर्घकालिक अनुबंध भी है।' एचआईएएस एचओडब्ल्यूटूओ के सीईओ एंडर्स एंगर ने शिपबिल्डिंग को भारत के लिए 'बहुत बड़ा अवसर' बताते हुए ऊर्जा और आईटी क्षेत्र में भी सहयोग की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
भारतीय कारोबारियों की नज़र में समिट का महत्व
मोहन मुथा एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक रमेश मुथा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नॉर्वे दौरे से ऊर्जा, शिपिंग और ईंधन क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने के नए द्वार खुले हैं। उन्होंने नॉर्वे में संयुक्त उद्यम की संभावनाओं पर भी रुचि जताई।
वेल्थ मेहता इक्विटीज प्राइवेट लिमिटेड के अध्यक्ष रजत मेहता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जहाँ भी जाते हैं, एक अलग ही सहयोग और भागीदारी का माहौल बनता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मोदी पिछले छह दिनों से लगातार विदेश दौरे पर हैं।
एसएईएल के ग्रोथ और रणनीति के उपाध्यक्ष संदीप सिंह चड्ढा ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी 43 वर्षों बाद इस इंडो-नॉर्डिक समिट के लिए नॉर्वे पहुँचे हैं, जो दोनों देशों के संबंधों की दृष्टि से एक ऐतिहासिक अवसर है।
स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र में भी उत्साह
लेर्डल मेडिकल के सीईओ अल्फ-क्रिश्चियन डायबडाल ने भारत को 'अत्यंत रोमांचक बाज़ार' बताया और कहा कि समिट ने उन्हें भारत में अभी तक अनछुई संभावनाओं की झलक दी।
आगे की राह: द्विपक्षीय संबंधों को नई गति
यह समिट ऐसे समय में आयोजित हुई जब भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। गौरतलब है कि नॉर्वे का सॉवरेन वेल्थ फंड दुनिया के सबसे बड़े संस्थागत निवेशकों में से एक है और भारतीय कंपनियों में उसकी दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। समिट के परिणामस्वरूप ऊर्जा, शिपिंग, चिकित्सा प्रौद्योगिकी और आईटी क्षेत्र में नई साझेदारियों के औपचारिक करार की उम्मीद जताई जा रही है।