प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक निवेशकों को भारत के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश करने के लिए प्रेरित किया

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प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक निवेशकों को भारत के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश करने के लिए प्रेरित किया

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के पावर सेक्टर में वैश्विक निवेशकों को निर्माण और नवाचार के लिए आमंत्रित किया है। यह समिट निवेश और साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है।

Key Takeaways

  • पीएम मोदी ने वैश्विक निवेशकों को भारत में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया।
  • 'भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026' में उत्पादन, नवाचार और विस्तार पर जोर दिया गया।
  • भारत ने 50%25 से अधिक गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता हासिल की है।
  • सतत विकास के साथ आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
  • 'वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड' पहल से वैश्विक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

नई दिल्ली, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वैश्विक निवेशकों से भारत के बिजली क्षेत्र में 'उत्पादन, निवेश, नवाचार और विस्तार' करने का आह्वान किया।

राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित 'भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026' के पहले दिन केंद्रीय ऊर्जा सचिव पंकज अग्रवाल द्वारा पढ़े गए एक लिखित संदेश में पीएम मोदी ने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा यात्रा के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा, "मैं वैश्विक समुदाय को भारत में निर्माण करने, नवाचार करने, निवेश करने और भारत के साथ आगे बढ़ने के लिए आमंत्रित करता हूं। मुझे विश्वास है कि यह समिट सार्थक संवाद और मजबूत साझेदारी को बढ़ावा देगा, जो भारत की प्रगति को ऊर्जा देगा।"

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस समिट का उद्देश्य पूरे पावर और एनर्जी सेक्टर को एक मंच पर लाना है ताकि विचारों का आदान-प्रदान हो, सहयोग बढ़े और क्षेत्र के विकास के लिए साझा दिशा तय की जा सके।

उन्होंने कहा कि यह आयोजन सतत विकास के साथ आर्थिक प्रगति को आगे बढ़ाने, वैश्विक कनेक्टिविटी मजबूत करने और 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक अहम कदम है।

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रहा है और सभी तक भरोसेमंद बिजली पहुंच सुनिश्चित कर रहा है।

उन्होंने बताया कि भारत ने पहले ही 50 प्रतिशत से ज्यादा गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता हासिल कर ली है और 2030 तक 500 गीगावाट क्षमता तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है।

पीएम मोदी ने 'वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड' जैसी पहल का जिक्र करते हुए कहा कि यह वैश्विक सहयोग की दिशा में भारत के विजन को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि भारत मजबूत सप्लाई चेन, बैटरी निर्माण, ग्रीन जॉब्स और सुधारों के जरिए एक भरोसेमंद ऊर्जा साझेदार बन रहा है।

'शांति एक्ट 2025' से न्यूक्लियर एनर्जी के नए अवसर खुल रहे हैं, जबकि 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के जरिए सौर ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है और टिकाऊ खपत को प्रोत्साहन मिल रहा है।

प्रधानमंत्री ने अपने लिखित संदेश में कहा कि बिजली वितरण क्षेत्र में हुए सुधारों से नुकसान (एटी एंड सी लॉस) कम हुआ है और वित्तीय स्थिति में सुधार आया है, जिससे यह सेक्टर और अधिक मजबूत और निवेश के लिए आकर्षक बन गया है।

Point of View

बल्कि देश की आर्थिक प्रगति को भी गति देगा।
NationPress
20/03/2026

Frequently Asked Questions

भारत के बिजली क्षेत्र में निवेश करने का क्या महत्व है?
यह निवेश भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा और आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा।
पीएम मोदी ने किस समिट में यह आह्वान किया?
उन्होंने 'भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026' में यह आह्वान किया।
भारत की ऊर्जा नीति में क्या नए बदलाव हो रहे हैं?
भारत ने पहले ही 50%25 से अधिक गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता हासिल कर ली है और कई नई योजनाएं शुरू की हैं।
इस समिट का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य पावर और एनर्जी सेक्टर के विकास के लिए विचारों का आदान-प्रदान और सहयोग बढ़ाना है।
भारत की ऊर्जा जरूरतें कैसे पूरी की जाएंगी?
भारत अपने बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रहा है और सभी तक भरोसेमंद बिजली पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।
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