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क्या भारत 2030 तक 500 गीगावाट स्वच्छ बिजली का लक्ष्य प्राप्त कर सकेगा?

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क्या भारत 2030 तक 500 गीगावाट स्वच्छ बिजली का लक्ष्य प्राप्त कर सकेगा?

सारांश

भारत 2030 तक 500 गीगावाट स्वच्छ बिजली का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में तेज़ी से बढ़ रहा है। इस प्रक्रिया में सौर और पवन ऊर्जा का महत्वपूर्ण योगदान होगा। क्या भारत वास्तव में इस लक्ष्य को प्राप्त कर पाएगा? जानें इस लेख में!

मुख्य बातें

भारत 2030 तक 500 गीगावाट बिजली का लक्ष्य प्राप्त करने की दिशा में है।
सौर ऊर्जा का योगदान सबसे अधिक होगा।
डेटा सेंटर्स से बिजली की मांग में वृद्धि हो रही है।
नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में लगातार वृद्धि हो रही है।
सरकार स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा दे रही है।

नई दिल्ली, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन से बिजली उत्पादन का अपना लक्ष्य पूरा करने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश में पहले से ही कई नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं संचालित हैं।

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) के सचिव संतोष सारंगी ने एनडीटीवी प्रॉफिट से बात करते हुए कहा कि वर्तमान में भारत में लगभग 260 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन की क्षमता उपलब्ध है। इसका अर्थ है कि भविष्य में देश को अतिरिक्त लगभग 240 गीगावाट बिजली की आवश्यकता होगी, जो एक ऐसा लक्ष्य है जिसे आसानी से हासिल किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि आने वाली नई बिजली क्षमता में सौर ऊर्जा की हिस्सेदारी सबसे अधिक होगी, जो लगभग 160 गीगावाट का योगदान देगी।

इसके साथ ही, पवन ऊर्जा से करीब 30 गीगावाट और जलविद्युत एवं परमाणु ऊर्जा से बाकी बिजली प्राप्त होगी। परमाणु ऊर्जा से वर्ष 2030 तक लगभग 8 से 10 गीगावाट बिजली जुड़ने की उम्मीद है।

संतोष सारंगी ने यह भी बताया कि यदि बड़े स्तर पर डेटा सेंटर्स की परियोजनाएं आगे बढ़ती हैं, तो भारत 500 गीगावाट के लक्ष्य को भी पार कर सकता है।

उन्होंने कहा कि डेटा सेंटर्स से बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है और कई उद्योग, जो पहले अधिक प्रदूषण फैलाते थे, अब स्वच्छ ऊर्जा अपनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इससे देश में हरित ऊर्जा की मांग और भी बढ़ रही है।

सरकार ने बताया कि वर्ष 2025 में अब तक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में सबसे ज्यादा वृद्धि हुई है। नवंबर 2025 तक 44.51 गीगावाट नई क्षमता जोड़ी गई, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान हुई 24.72 गीगावाट की तुलना में लगभग दोगुनी है।

नवंबर 2025 में देश की कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़कर 253.96 गीगावाट हो गई, जो नवंबर 2024 की तुलना में 23 प्रतिशत से अधिक है।

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने 29 दिसंबर को कहा कि क्षमता वृद्धि 34.98 गीगावाट है, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में यह 20.85 गीगावाट थी। यह दर्शाता है कि भारत तेजी से स्वच्छ और हरित ऊर्जा की ओर बढ़ रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बढ़ते कदम न केवल पर्यावरण के लिए आवश्यक हैं, बल्कि यह आर्थिक विकास को भी गति देंगे। 500 गीगावाट का लक्ष्य एक महत्वाकांक्षी लेकिन संभव प्रयास है, यदि सही नीतियों और निवेश को लागू किया जाए।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत का 500 गीगावाट बिजली उत्पादन लक्ष्य कब तक पूरा होगा?
भारत का यह लक्ष्य 2030 तक पूरा होगा।
सौर ऊर्जा का योगदान कितना होगा?
सौर ऊर्जा लगभग 160 गीगावाट का योगदान करेगी।
क्या डेटा सेंटर्स से ऊर्जा की मांग बढ़ रही है?
हाँ, डेटा सेंटर्स से बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है।
भारत की कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता क्या है?
नवंबर 2025 में भारत की कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 253.96 गीगावाट है।
क्या भारत 500 गीगावाट के लक्ष्य से आगे निकल सकता है?
हाँ, अगर डेटा सेंटर्स के प्रोजेक्ट बड़े पैमाने पर आगे बढ़ते हैं तो ऐसा संभव है।
राष्ट्र प्रेस
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