18 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ऋषिकेश में उज्जैनी एक्सप्रेस के तीन डिब्बे पटरी से उतरे, यार्ड में ट्रैक बदलते वक्त हुआ हादसा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ऋषिकेश में उज्जैनी एक्सप्रेस के तीन डिब्बे पटरी से उतरे, यार्ड में ट्रैक बदलते वक्त हुआ हादसा

सारांश

ऋषिकेश के स्टेशन यार्ड में ट्रैक बदलने के दौरान उज्जैनी एक्सप्रेस के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए — एक डिब्बा ट्रैक के बाहर लटक गया। ट्रेन खाली थी, इसलिए जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। यह हाल के हफ्तों में देश की तीसरी बड़ी रेल घटना है।

मुख्य बातें

19 मई की रात 9:23 बजे ऋषिकेश के स्टेशन यार्ड में उज्जैनी एक्सप्रेस के तीन डिब्बे पटरी से उतरे।
हादसे के वक्त ट्रेन में कोई यात्री नहीं था, जिससे जानमाल का नुकसान टला।
एक डिब्बा पूरी तरह पटरी से अलग होकर ट्रैक के बाहर लटक गया; क्रेन से कोच हटाने का अभियान जारी रहा।
जीआरपी ने घटनास्थल पर भीड़ को नियंत्रित किया; रेलवे ने जाँच के आदेश दिए।
इससे पहले 17 मई को कोटा में राजधानी एक्सप्रेस की एसी बोगी में आग लगी थी, जिसमें 68 यात्री सुरक्षित रहे।
नामपल्ली रेलवे स्टेशन पर हैदराबाद-जयपुर स्पेशल एक्सप्रेस की दो एसी बोगियों में भी आग की घटना सामने आई थी।

ऋषिकेश के खांड गांव विस्थापित क्षेत्र के पास सोमवार रात 9:23 बजे उज्जैनी एक्सप्रेस के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए, जब स्टेशन यार्ड में ट्रेन का ट्रैक बदला जा रहा था। राहत की बात यह रही कि हादसे के वक्त ट्रेन में कोई यात्री सवार नहीं था, जिससे बड़ा जानमाल का नुकसान टल गया।

हादसे का घटनाक्रम

19 मई की रात स्टेशन यार्ड में ट्रैक परिवर्तन के दौरान उज्जैनी एक्सप्रेस के तीनों कोच अनियंत्रित हो गए। हादसा इतना भीषण था कि एक डिब्बा पूरी तरह पटरी से अलग होकर ट्रैक के बाहर लटक गया। घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई, जिसे जीआरपी के जवानों ने मोर्चा संभालते हुए हटाया।

राहत और बचाव अभियान

घटना के तुरंत बाद रेल प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। क्रेन की सहायता से बुरी तरह क्षतिग्रस्त तीनों कोच को पटरी से हटाने का काम जारी रहा। हादसे की भयावह तस्वीरें सामने आने के बाद ट्रेन के संचालन को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं। रेलवे ने मामले की जाँच शुरू कर दी है।

हाल की रेल दुर्घटनाओं का संदर्भ

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देश में रेल सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ी हुई हैं। इससे महज दो दिन पहले, 17 मई की तड़के राजस्थान के कोटा में 12431 राजधानी एक्सप्रेस की एक एसी बोगी में भीषण आग लग गई थी, जिसमें 68 यात्री सवार थे। कोटा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) के बयान के अनुसार, सभी यात्री सुरक्षित रहे और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। आग लगने के कारणों की जाँच अभी जारी है। उल्लेखनीय है कि वह ट्रेन केरल के तिरुवनंतपुरम से रवाना होकर दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर रविवार दोपहर 12:30 बजे पहुँचने वाली थी।

इसके अतिरिक्त, नामपल्ली रेलवे स्टेशन पर हैदराबाद-जयपुर स्पेशल एक्सप्रेस की दो एसी बोगियों में भी आग लगने की घटना सामने आई थी। गौरतलब है कि यह लगातार तीसरी बड़ी रेल घटना है जिसमें सौभाग्यवश जनहानि नहीं हुई।

आगे क्या

रेलवे अधिकारियों ने यार्ड में ट्रैक बदलने की प्रक्रिया के दौरान हुई इस चूक की विस्तृत जाँच के आदेश दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यार्ड संचालन प्रोटोकॉल की समीक्षा आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो संयोग नहीं, बल्कि प्रणालीगत कमज़ोरी का संकेत हो सकती है। हर बार 'जानमाल का नुकसान नहीं हुआ' की राहत से काम नहीं चलेगा — असली जवाबदेही तब होगी जब यार्ड संचालन की प्रक्रियाओं की स्वतंत्र समीक्षा हो और परिणाम सार्वजनिक किए जाएँ।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उज्जैनी एक्सप्रेस के डिब्बे पटरी से क्यों उतरे?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, 19 मई की रात ऋषिकेश स्टेशन यार्ड में ट्रैक बदलने की प्रक्रिया के दौरान यह हादसा हुआ। रेलवे ने मामले की जाँच शुरू कर दी है और सटीक कारण अभी सामने आना बाकी है।
क्या उज्जैनी एक्सप्रेस हादसे में कोई यात्री घायल हुआ?
नहीं, हादसे के समय ट्रेन में कोई यात्री सवार नहीं था, इसलिए किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। ट्रेन यार्ड में ट्रैक परिवर्तन के लिए खड़ी थी।
हादसे के बाद रेलवे ने क्या कदम उठाए?
घटना के तुरंत बाद रेल प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान शुरू किया। क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त तीनों कोच को पटरी से हटाया गया और जीआरपी ने भीड़ नियंत्रण संभाला। रेलवे ने दुर्घटना की विस्तृत जाँच के आदेश दिए हैं।
हाल ही में देश में कौन-सी अन्य रेल दुर्घटनाएँ हुई हैं?
17 मई को राजस्थान के कोटा में राजधानी एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 12431) की एक एसी बोगी में आग लगी, जिसमें 68 यात्री सवार थे — सभी सुरक्षित रहे। इसके अलावा नामपल्ली रेलवे स्टेशन पर हैदराबाद-जयपुर स्पेशल एक्सप्रेस की दो एसी बोगियों में भी आग की घटना सामने आई थी।
उज्जैनी एक्सप्रेस हादसे की जाँच कब तक पूरी होगी?
रेलवे ने जाँच शुरू कर दी है, लेकिन रिपोर्ट आने की कोई निश्चित समय-सीमा अभी घोषित नहीं की गई है। यार्ड संचालन प्रोटोकॉल की समीक्षा भी जाँच का हिस्सा होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले