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क्या मध्य प्रदेश के उज्जैन स्टेशन पर आरपीएफ जवान ने महिला की जान बचाई?

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क्या मध्य प्रदेश के उज्जैन स्टेशन पर आरपीएफ जवान ने महिला की जान बचाई?

सारांश

उज्जैन रेलवे स्टेशन पर एक आरपीएफ जवान ने सूझबूझ से एक महिला यात्री की जान बचाई। यह घटना 'ऑपरेशन जीवन रक्षा' के तहत एक उदाहरण है, जो सुरक्षा बलों की तत्परता को दर्शाती है। जानिए इस साहसिकता की कहानी।

मुख्य बातें

आरपीएफ की तत्परता: सुरक्षा बलों की तत्परता नागरिकों की जान बचा सकती है।
साहस का उदाहरण: रामाश्रे पाल ने अपनी जान की परवाह किए बिना महिला को बचाया।
सीसीटीवी रिकॉर्डिंग: घटना पूरी तरह से सीसीटीवी में कैद हो गई।

उज्जैन, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के उज्जैन रेलवे स्टेशन पर एक गंभीर हादसा टल गया। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के एक चौकस जवान की त्वरित प्रतिक्रिया से एक महिला यात्री की जान बच गई।

यह घटना 'ऑपरेशन जीवन रक्षा' के तहत आरपीएफ की तत्परता का एक अद्भुत उदाहरण बनकर उभरी है।

जानकारी के अनुसार, सीहोर की 48 वर्षीय संजना यादव अपने परिवार के साथ ट्रेन संख्या 19712 भोपाल-जयपुर एक्सप्रेस से नीमच जा रही थीं। जब ट्रेन उज्जैन स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक से चलने वाली थी, तब महिला अपने सामान के लिए नीचे उतरीं। अचानक चलते ट्रेन में चढ़ते समय उनका संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे प्लेटफार्म और कोच के बीच के खाली स्थान में गिर गईं।

ट्रेन की रफ्तार तेजी से बढ़ रही थी और महिला मौत के करीब थीं, तभी वहां तैनात एस्कॉर्टिंग पार्टी के हेड कांस्टेबल रामाश्रे पाल ने अद्वितीय फुर्ती दिखाई। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना तुरंत महिला को खींचकर बाहर निकाला। इस साहसिकता को देखकर स्टेशन पर मौजूद लोग हैरान रह गए। महिला को हल्की चोटें आईं, जिनका प्राथमिक उपचार करके उन्हें परिजनों के साथ अस्पताल भेजा गया।

इस हादसे के समय प्लेटफॉर्म पर खड़े लोगों की सांसें थम गई थीं। जब महिला ट्रेन के नीचे आ गईं, तो किसी को भी विश्वास नहीं था कि उनकी जान बचाई जा सकती है, लेकिन हेड कांस्टेबल ने अपनी सूझबूझ और त्वरितता से महिला को मौत के शिकंजे से खींच लिया। आरपीएफ जवान की इस बहादुरी की सभी ने प्रशंसा की। यह पूरी घटना प्लेटफार्म पर लगे सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गई है और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भी दर्शाती है कि जब हमारे सुरक्षा बल अपने कर्तव्यों के प्रति सजग होते हैं, तो वे किसी भी संकट की घड़ी में नागरिकों की जान बचाने में सक्षम होते हैं। ऐसे जवानों की बहादुरी को सलाम।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या घटना में महिला को गंभीर चोटें आईं?
महिला को मामूली चोटें आईं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल भेजा गया।
आरपीएफ जवान का नाम क्या है?
आरपीएफ जवान का नाम हेड कांस्टेबल रामाश्रे पाल है।
राष्ट्र प्रेस
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