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क्या जम्मू-कश्मीर के कठुआ रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ जवान को गोली लगी?

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क्या जम्मू-कश्मीर के कठुआ रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ जवान को गोली लगी?

सारांश

जम्मू-कश्मीर के कठुआ रेलवे स्टेशन पर गोलीबारी की घटना में आरपीएफ का एक जवान घायल हो गया। पुलिस ने घायल जवान को अस्पताल में भर्ती कराकर उसकी स्थिति की जानकारी दी है। यह घटना सुरक्षा बलों और रेलवे अधिकारियों की सतर्कता को और बढ़ाती है।

मुख्य बातें

आरपीएफ का मुख्य कार्य रेलवे सुरक्षा है।
घायल जवान को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस और रेलवे अधिकारी जांच कर रहे हैं।
आरपीएफ की सुरक्षा पहलों में 'ऑपरेशन अमानत' शामिल है।
यह बल 1957 से कार्यरत है।

जम्मू, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में रविवार को रेलवे स्टेशन पर हुई गोलीबारी में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) का एक जवान घायल हो गया। अधिकारियों के अनुसार, इस गोलीबारी के परिणामस्वरूप जवान को गोली लगी है।

पुलिस ने पुष्टि की है कि घायल जवान को शीघ्र ही निकटवर्ती अस्पताल में भर्ती कराया गया है, और उसकी स्थिति स्थिर बताई गई है। इस बीच, पुलिस और रेलवे अधिकारियों ने इस घटना के संबंध में जांच शुरू कर दी है।

आरपीएफ को विशेष रूप से कठुआ से बारामूला जिले तक विभिन्न रेलवे स्टेशनों और रेल ट्रैक पर ट्रेनों, यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैनात किया गया है। आरपीएफ भारत का एक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल है, जो रेलवे संपत्तियों, यात्रियों और विभिन्न यात्री क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है। इसमें सुरक्षा सुनिश्चित करना, अपराधों को रोकना और यात्रियों की सहायता करना, विशेषकर बच्चों का संरक्षण और तस्करी के खिलाफ लड़ाई शामिल है।

आरपीएफ के प्रमुख कार्यों में 'ऑपरेशन अमानत (खोया और पाया)' और 'मेरी सहेली (महिलाओं की सुरक्षा)' जैसी पहलों के माध्यम से यात्रियों, खासकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, यह रेलवे संपत्तियों को नुकसान या चोरी से बचाने तथा रेलवे संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम और एनडीपीएस अधिनियम जैसे कानूनों को लागू करने का कार्य करता है।

आरपीएफ आपात स्थितियों के दौरान सहायता प्रदान करता है, घायलों की मदद करता है और खोए हुए व्यक्तियों को खोजने का कार्य भी करता है। यह संघ का एक सशस्त्र बल है, जिसे रेलवे सुरक्षा बल अधिनियम, 1957 द्वारा स्थापित किया गया है। यह राज्य पुलिस के साथ सहयोग करता है, लेकिन रेलवे सुरक्षा के लिए इसके पास विशिष्ट शक्तियाँ हैं।

सुरक्षा बल को रेलवे संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम 1966 और रेलवे अधिनियम 1989 (समय-समय पर संशोधित) के तहत अपराधों की खोज, गिरफ्तारी, पूछताछ और मुकदमा चलाने का अधिकार प्राप्त है। आरपीएफ को 2004 से रेलवे यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी दी गई है। हालाँकि, अन्य दंड कानूनों के तहत गिरफ्तारी का अधिकार प्रत्येक राज्य की सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) के पास होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि आपात स्थितियों में सहायता करना भी है। हमें इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लेना चाहिए और आवश्यक कदम उठाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरपीएफ का मुख्य कार्य क्या है?
आरपीएफ का मुख्य कार्य रेलवे संपत्तियों, यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
घायल जवान की स्थिति क्या है?
घायल जवान की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और उसे अस्पताल में इलाज मिल रहा है।
इस घटना की जांच कौन कर रहा है?
पुलिस और रेलवे अधिकारी इस घटना की जांच कर रहे हैं।
आरपीएफ कब स्थापित किया गया था?
आरपीएफ को 1957 में रेलवे सुरक्षा बल अधिनियम के तहत स्थापित किया गया था।
आरपीएफ द्वारा कौन-कौन सी पहलों का संचालन किया जाता है?
आरपीएफ द्वारा 'ऑपरेशन अमानत' और 'मेरी सहेली' जैसी पहलों का संचालन किया जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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