क्या रमेश बहल की हर फिल्म में आर डी. बर्मन का संगीत होता था?
सारांश
Key Takeaways
- रमेश बहल हिंदी सिनेमा के दिग्गज निर्माता-निर्देशक थे।
- उनकी हर फिल्म में आरडी बर्मन का संगीत था।
- उन्होंने कई सफल फिल्में बनाई जैसे 'द ट्रेन' और 'कसमें वादे'।
- उनका परिवार भी सिनेमा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- सोनाली बेंद्रे उनके परिवार का हिस्सा हैं।
मुंबई, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। हिंदी सिनेमा में कई प्रख्यात निर्माता-निर्देशक हुए हैं जिन्होंने अपनी कला के जरिए दर्शकों पर गहरा प्रभाव डाला। इनमें से एक नाम रमेश बहल का भी है, जिन्होंने 'द ट्रेन', 'जवानी दीवानी', 'कसमें वादे' जैसी कई सफल फिल्में निर्देशित कीं। उनकी हर फिल्म में संगीतकार आरडी बर्मन का संगीत शामिल रहा, जो उनकी विशेषता थी। 5 जनवरी को उनकी पुण्यतिथि है।
रमेश बहल बॉलीवुड के बहल परिवार से संबंधित थे और 1970-80 के दशक में सक्रिय रहे। उनकी खासियत यह थी कि उन्होंने हर फिल्म में मशहूर संगीतकार आरडी बर्मन के साथ काम किया। वे एकमात्र ऐसे फिल्म निर्माता थे जिन्होंने सभी परियोजनाओं में आरडी बर्मन के साथ सहयोग किया। उनका निधन 5 जनवरी 1990 को हुआ।
रमेश बहल का जीवन सिनेमा के साथ गहराई से जुड़ा हुआ था। मुंबई में जन्मे रमेश ने अपने करियर की शुरुआत शॉर्ट फिल्मों में असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में की। उनकी पत्नी मधु बहल थीं, जो अभिनेता कमल कपूर की बेटी थीं। रमेश बहल ने फिल्मों में निर्माता और निर्देशक दोनों भूमिकाएं निभाईं। उनके भाई श्याम बहल भी निर्देशक थे, जिससे बहल परिवार सिनेमा की दुनिया में एक जाना-पहचाना नाम बन गया।
रमेश बहल ने हिंदी सिनेमा को कई यादगार फिल्में दीं। उन्होंने बतौर निर्माता 'द ट्रेन', 'जवानी दीवानी', 'दिल दीवाना', 'कसमें वादे', 'बसेरा', 'ये वादा रहा' जैसी सफल फिल्में बनाईं।
उनके निर्देशन में बनी फिल्मों में 'कसमें वादे', 'पुकार', 'जवानी' और 'अपने अपने' जैसी फिल्मों का समावेश है। इनमें से कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर हिट रहीं। 'कसमें वादे' में अमिताभ बच्चन ने डबल रोल निभाया था, जबकि 'पुकार' में भी अमिताभ ने मुख्य भूमिका अदा की। 'जवानी' एक रोमांटिक ड्रामा थी। सबसे खास बात यह है कि सभी फिल्मों का संगीत आरडी बर्मन ने तैयार किया। आरडी के मेलोडीज और हिट गानों ने इन फिल्मों को अमिट बना दिया।
रमेश बहल का सोनाली बेंद्रे से भी खास रिश्ता है। उनके बेटे गोल्डी बहल निर्देशक और निर्माता हैं, जिनकी शादी सोनाली बेंद्रे से हुई है। सोनाली उनकी बहू हैं। गोल्डी ने 'बस इतना सा ख्वाब है' और 'द्रोणा' जैसी फिल्में बनाईं। रमेश की बेटी सृष्टि बहल एक प्रोड्यूसर और मीडिया एग्जीक्यूटिव हैं। वह साल 2021 तक नेटफ्लिक्स इंडिया की प्रमुख थीं।
रमेश बहल से जुड़ा एक प्रसंग भी प्रसिद्ध है। साल 1983 की फिल्म 'बेताब' के लिए निर्देशक राहुल रवैल एक्ट्रेस की तलाश कर रहे थे। सनी देओल फिल्म में लीड एक्टर थे, ऐसे में रमेश बहल ने राहुल को सुझाव देते हुए अमृता सिंह को कास्ट करने की बात कही।