क्या तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने आईएनएस हिमगिरी और कलवरी क्लास पनडुब्बी का दौरा किया?
सारांश
Key Takeaways
- आईएनएस हिमगिरी: स्वदेशी डिजाइन और निर्माण का प्रतीक।
- कलवरी क्लास पनडुब्बी: स्टाइलिश और प्रभावशाली तकनीक।
- स्वदेशीकरण: रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता कदम।
- ईस्टर्न फ्लीट: भारत की समुद्री सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका।
- आधुनिक युद्ध: चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार।
विशाखापत्तनम, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने विशाखापत्तनम में भारतीय नौसेना के ईस्टर्न फ्लीट (ईस्टर्न स्वॉर्ड) का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वदेशी रूप से निर्मित एडवांस्ड स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस हिमगिरी और एक कलवरी क्लास पनडुब्बी का निरीक्षण किया।
यह दौरा भारतीय नौसेना की बढ़ती स्वदेशी क्षमताओं और आधुनिक युद्ध प्लेटफॉर्मों की मल्टी-मिशन ताकत को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर रहा। राज्यपाल को ईस्टर्न नेवल कमांड के वरिष्ठ अधिकारियों ने इन युद्धपोतों की तकनीकी विशेषताओं, परिचालन क्षमताओं और रणनीतिक महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
आईएनएस हिमगिरी, जो नीलाचल क्लास के अंतर्गत आता है, पूरी तरह से स्वदेशी डिजाइन और निर्माण का प्रतीक है। गवर्नर को इस फ्रिगेट की अत्याधुनिक स्टील्थ डिजाइन, इंटीग्रेटेड मास्ट सिस्टम, उन्नत रडार, सोनार और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम के बारे में बताया गया। साथ ही, इसके मल्टी-रोल कॉम्बैट सिस्टम की क्षमताओं पर जोर दिया गया, जो समुद्री, वायु और पनडुब्बी रोधी युद्ध में प्रभावी भूमिका निभा सकता है।
कलवरी क्लास पनडुब्बी के दौरे के दौरान गवर्नर को इसके स्टील्थ फीचर्स, एयर-इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (एआईपी) सिस्टम (आगामी अपग्रेड में) और लंबी अवधि तक पानी के नीचे रहने की क्षमता के बारे में जानकारी दी गई। यह क्लास भारत की पहली स्वदेशी रूप से निर्मित स्कॉर्पीन-क्लास पनडुब्बियों में से एक है, जो मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) द्वारा विकसित की गई है।
राज्यपाल ने इन प्लेटफॉर्मों में उपयोग की गई स्वदेशी तकनीकों की सराहना की और कहा कि यह भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता और रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
दौरे के दौरान ईस्टर्न फ्लीट के कमांडिंग ऑफिसर ने राज्यपाल को बताया कि ये युद्धपोत न केवल भारत की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक उपस्थिति को मजबूत करने में भी सहायक हैं। आईएनएस हिमगिरी और कलवरी क्लास पनडुब्बियां आधुनिक युद्ध की चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
दौरे के समापन पर जिष्णु देव वर्मा ने भारतीय नौसेना के अधिकारियों और नाविकों की बहादुरी, समर्पण और व्यावसायिकता की प्रशंसा की। उन्होंने ईस्टर्न नेवल कमांड और ईस्टर्न फ्लीट द्वारा निभाई जा रही महत्वपूर्ण भूमिका के लिए गहरी कृतज्ञता व्यक्त की।