क्या अर्जुन मुंडा ने अजीत महतो की पुलिस हिरासत में मौत पर एनएचआरसी को पत्र लिखा?

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क्या अर्जुन मुंडा ने अजीत महतो की पुलिस हिरासत में मौत पर एनएचआरसी को पत्र लिखा?

सारांश

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने अजीत महतो की पुलिस हिरासत में हुई मौत पर एनएचआरसी को पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने स्वतंत्र जांच की मांग की है। यह मामला मानवाधिकार उल्लंघन का प्रतीक बन गया है, जिसके पीछे कई गंभीर आरोप हैं।

Key Takeaways

  • अर्जुन मुंडा ने एनएचआरसी को पत्र लिखा है।
  • अजीत महतो की मृत्यु पर स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।
  • पुलिस हिरासत में मृत्यु मानवाधिकार उल्लंघन है।
  • मामले की पारदर्शिता पर सवाल उठाए गए हैं।
  • मृतक के परिवार को न्याय की आवश्यकता है।

रांची, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने जमशेदपुर के मानगो क्षेत्र में अजीत महतो की पुलिस हिरासत में हुई मौत को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) को एक पत्र लिखा है। उन्होंने इस प्रकरण में मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप लगाते हुए स्वतंत्र और न्यायिक जांच की मांग की है।

पत्र में उल्लेख किया गया है कि मानगो के गोकुल नगर बस्ती निवासी अजीत महतो की 30 दिसंबर 2025 को पुलिस अभिरक्षा में मृत्यु हुई, जो प्रथम दृष्टा में संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और गरिमा के अधिकार का गंभीर उल्लंघन प्रतीत होता है। अर्जुन मुंडा ने इसे स्थापित मानवाधिकार मानकों के खिलाफ बताया है।

उन्होंने आरोप लगाया है कि बिना किसी स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच के केवल अप्राकृतिक मृत्यु (यूडी) का मामला दर्ज किया गया और मृतक के परिजनों से सादे कागज पर जबरन हस्ताक्षर कराकर दो लाख रुपये की राशि दी गई, जबकि इस मुआवजे का कोई स्पष्ट वैधानिक आधार या प्रक्रिया नहीं बताई गई। इससे पूरे मामले की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।

पत्र में यह भी कहा गया है कि गिरफ्तारी के बाद लगभग दो दिनों तक परिजनों को अजीत महतो से मिलने की अनुमति नहीं दी गई, जिससे पुलिस यातना के कारण मृत्यु की आशंका जताई गई है। इसी अवधि में मृतक की गर्भवती पत्नी ने एक नवजात कन्या को जन्म दिया। अजीत महतो परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे, और उनकी मृत्यु के बाद परिवार गंभीर सामाजिक, आर्थिक और मानसिक संकट में आ गया है।

अर्जुन मुंडा ने कहा कि पुलिस हिरासत में किसी नागरिक की मृत्यु अपने आप में एक गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन है, जिसकी जांच स्वतंत्र, उच्चस्तरीय और न्यायिक प्रकृति की होनी चाहिए।

उन्होंने एनएचआरसी से इस मामले में स्वतः संज्ञान लेने, दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के खिलाफ कठोर कानूनी और विभागीय कार्रवाई करने तथा मृतक के परिजनों को न्यायोचित मुआवजा, पुनर्वास और आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।

Point of View

यह स्पष्ट है कि पुलिस हिरासत में किसी भी नागरिक की मृत्यु एक गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन है। स्वतंत्र और न्यायिक जांच की आवश्यकता इस मामले में स्पष्ट है ताकि सच्चाई सामने आ सके और प्रभावित परिवार को न्याय मिल सके।
NationPress
07/01/2026

Frequently Asked Questions

अर्जुन मुंडा ने एनएचआरसी को पत्र क्यों लिखा?
अर्जुन मुंडा ने अजीत महतो की पुलिस हिरासत में हुई मौत पर मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप लगाते हुए एनएचआरसी को पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने स्वतंत्र और न्यायिक जांच की मांग की है।
अजीत महतो की मृत्यु क्यूं हुई?
अजीत महतो की मृत्यु पुलिस हिरासत में हुई, जिसके कारण पुलिस यातना की आशंका जताई गई है।
अर्जुन मुंडा ने क्या मांगा है?
उन्होंने एनएचआरसी से स्वतः संज्ञान लेने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
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