क्या एलन मस्क की कंपनी एक्सएआई ने एनवीडिया के सहयोग से 20 अरब डॉलर की फंडिंग जुटाई?
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नई दिल्ली, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। एलन मस्क की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी एक्सएआई ने 20 अरब डॉलर की अद्भुत फंडिंग हासिल की है। इस फंडिंग में एनवीडिया, वेलर इक्विटी पार्टनर्स और कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी जैसे प्रमुख निवेशक शामिल हैं।
हालांकि, कंपनी ने यह नहीं बताया कि किस निवेशक ने कितना निवेश किया है और कितनी राशि कर्ज में ली गई है। अन्य निवेशक समूहों में स्टेपस्टोन ग्रुप, फिडेलिटी मैनेजमेंट एंड रिसर्च, एमजीएक्स, बैरन कैपिटल ग्रुप और सिस्को सिस्टम्स इंक शामिल हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, एक्सएआई ने पहले से ही लगभग 7.5 अरब डॉलर का इक्विटी और 12.5 अरब डॉलर का कर्ज जुटाने की योजना बनाई थी। इस फंडिंग का उपयोग एनवीडिया के प्रोसेसर खरीदने में किया जाएगा और इन चिप्स को पांच साल के लिए किराए पर दिया जाएगा, ताकि निवेशक अपनी राशि वापस पा सकें।
कंपनी ने कहा कि इस फंडिंग से वह अपने तकनीकी ढांचे को मजबूत करेगी, एआई उत्पादों को तेजी से विकसित करेगी और 'ब्रह्मांड को समझने' के अपने मिशन के लिए अनुसंधान को आगे बढ़ाएगी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक्सएआई ने पहले ही 2025 में लगभग 10 अरब डॉलर जुटा लिए हैं और हर महीने लगभग 1 अरब डॉलर खर्च कर रही है। एलन मस्क ने पहले बताया था कि एक्सएआई मेम्फिस में अपने डाटा सेंटर की क्षमता को बढ़ाकर लगभग 2 गीगावाट करने जा रही है।
एक गीगावाट बिजली से लगभग 7,50,000 अमेरिकी घरों को बिजली मिल सकती है। एलन मस्क ने यह भी कहा है कि वह एआई प्रशिक्षण के लिए दुनिया का सबसे बड़ा डाटा सेंटर बनाना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि कोलोसस-2 परियोजना में भविष्य में एनवीडिया की 5,50,000 चिप्स लगाई जा सकती हैं, जिनकी लागत अरबों डॉलर होगी।
इस बीच, भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एक्स कॉर्प के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। मंत्रालय ने कहा कि एक्स प्लेटफॉर्म पर अश्लील, नग्न और आपत्तिजनक सामग्री के निर्माण और प्रसार को रोकने में कंपनी नाकाम रही है।
सरकार ने एक्स कॉर्प को निर्देश दिया है कि वह एआई सेवाओं जैसे ग्रोक और एक्सएआई की अन्य सेवाओं के दुरुपयोग से उत्पन्न होने वाले आपत्तिजनक सामग्री को रोकने के लिए की गई कार्रवाई की रिपोर्ट (एटीआर) प्रस्तुत करें।
एक्स कॉर्प ने कहा है कि वह अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर गैरकानूनी सामग्री, विशेषकर बाल यौन शोषण से जुड़े सामग्री (सीएसएएम), के खिलाफ निरंतर कार्रवाई कर रही है और स्थानीय सरकारों तथा कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है।