मध्य प्रदेश: उमरिया में अधिवक्ता और तहसीलदार के बीच गंभीर विवाद, पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
सारांश
Key Takeaways
- उमरिया में अधिवक्ता और तहसीलदार के बीच विवाद ने हड़कंप मचाया।
- कर्मचारियों को बीच-बचाव करना पड़ा।
- पुलिस ने अधिवक्ता के खिलाफ मामला दर्ज किया।
- जांच की जा रही है।
- सुरक्षा और अनुशासन पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
उमरिया, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के चंदिया तहसील कार्यालय में एक अधिवक्ता और तहसीलदार के बीच हुए गंभीर विवाद ने कार्यालय का माहौल बिगाड़ दिया। इस विवाद के कारण कर्मचारियों को बीच-बचाव करना पड़ा, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
सूत्रों के अनुसार, चंदिया निवासी अधिवक्ता अंजनी द्विवेदी किसी विशेष मामले के सिलसिले में तहसील कार्यालय आए थे। वहाँ उनकी तहसीलदार आशीष शर्मा से बहस शुरू हुई, जो जल्दी ही एक तीव्र विवाद में बदल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बहस के दौरान आवाजें काफी ऊँची हो गईं, जिससे शासकीय कार्य प्रभावित हुआ। स्थिति अधिक बिगड़ने पर अन्य कर्मचारियों ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत कराया।
इस घटना के बाद तहसीलदार आशीष शर्मा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत के आधार पर चंदिया पुलिस ने अधिवक्ता अंजनी द्विवेदी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि इस घटनाक्रम की गंभीरता से जांच की जा रही है और तथ्यों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने प्रशासनिक अमले में काफी नाराजगी उत्पन्न की है। स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई लोग इसे अधिवक्ताओं की कार्यशैली से जोड़कर देख रहे हैं, क्योंकि हाल के दिनों में जिले में अधिवक्ताओं के व्यवहार को लेकर पहले भी शिकायतें आई हैं।
पुलिस ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले की सच्चाई सामने आएगी। इस घटना ने तहसील कार्यालय में सुरक्षा और अनुशासन के मुद्दे को एक बार फिर से उजागर किया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्यालयों में शांति और व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। आगे की जांच से यह साफ होगा कि विवाद की असली वजह क्या थी और इसमें किसकी कितनी भूमिका थी।