क्या उत्तर प्रदेश विधानसभा की कार्यप्रणाली कनाडा से भी अधिक प्रभावशाली है?

Click to start listening
क्या उत्तर प्रदेश विधानसभा की कार्यप्रणाली कनाडा से भी अधिक प्रभावशाली है?

सारांश

उत्तर प्रदेश विधानसभा की कार्यप्रणाली की तुलना कनाडा की विधायी संस्थाओं से की गई है, जिसमें सीएचसीसी प्रतिनिधिमंडल ने विशेष प्रशंसा की। इस लेख में जानें कि कैसे उत्तर प्रदेश विधानसभा तकनीकी नवाचार और पारदर्शिता में अग्रणी है।

Key Takeaways

  • उत्तर प्रदेश विधानसभा तकनीकी नवाचार में अग्रणी है।
  • प्रतिनिधिमंडल ने कार्य संस्कृति की प्रशंसा की।
  • पारदर्शिता और सुशासन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
  • भविष्य में संवाद और सहयोग की संभावनाएँ हैं।
  • प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने दीर्घकालिक विकास दृष्टि की सराहना की।

लखनऊ, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कैनेडियन हिंदू चैंबर ऑफ कॉमर्स (सीएचसीसी) के 25 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि कार्य संस्कृति, तकनीकी नवाचार और विधायी दक्षता के संदर्भ में उत्तर प्रदेश विधानसभा कनाडा की कई विधायी संस्थाओं से अधिक प्रभावशाली, सशक्त और अनुकरणीय प्रतीत होती है।

इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल को विधानसभा परिसर का व्यापक भ्रमण कराया गया, जिसमें सदन की कार्यप्रणाली, विधायी प्रक्रियाओं और संस्थागत ढांचे से अवगत कराया गया। भ्रमण एवं संवाद के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश विधानसभा की सुव्यवस्थित कार्यसंस्कृति, आधुनिक तकनीकी व्यवस्थाओं, डिजिटल पहलों और पारदर्शी संचालन की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने प्रतिनिधिमंडल को विधानसभा में लागू किए गए आधुनिकीकरण प्रयासों, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, ई-विधान प्रणाली और पारदर्शिता एवं सुशासन को सुदृढ़ करने के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा लोकतांत्रिक मूल्यों को केंद्र में रखते हुए नवाचार और आधुनिक तकनीक को अपनाकर प्रभावी एवं उत्तरदायी विधायी भूमिका का निर्वहन कर रही है। इस अवसर पर विधायन, सार्वजनिक नीति, निवेश-अनुकूल वातावरण, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और डिजिटल गवर्नेंस जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक विचार-विमर्श हुआ।

प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश सरकार की प्रगतिशील नीतियों, पारदर्शी प्रशासन और दीर्घकालिक विकास दृष्टि की प्रशंसा करते हुए इसे निवेश और व्यापार के लिए अनुकूल बताया। सीएचसीसी प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष द्वारा प्रदान किए गए समय, मार्गदर्शन और खुले संवाद के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की संस्थागत सहभागिता भारत, विशेषकर उत्तर प्रदेश और कनाडा के बीच व्यापार, निवेश और नीतिगत सहयोग को नई दिशा देगी।

प्रतिनिधिमंडल ने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी उत्तर प्रदेश सरकार एवं विधानसभा के साथ संवाद और सहयोग निरंतर जारी रहेगा, जिससे आर्थिक विकास, नवाचार और समावेशी प्रगति के साझा लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकेगा। सीएचसीसी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अध्यक्ष डॉ. अजय प्रकाश मिश्रा ने किया।

25 सदस्यीय कैनेडियन हिंदू चैंबर ऑफ कॉमर्स (सीएचसीसी) के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व नरेश चावड़ा ने किया। प्रतिनिधिमंडल में कुशाग्र दत्त शर्मा अध्यक्ष (प्रेसिडेंट), राकेश कांतारिया ट्रेड मिशन चेयर, अमित चौधरी सह-अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के रूप में शामिल रहे। इसके अतिरिक्त फल्गुन भंडेरी, आनंद आचार्य एवं विपुल रबारी राष्ट्रीय निदेशक के रूप में प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा रहे।

Point of View

बल्कि यह दर्शाता है कि कैसे भारत में लोकतांत्रिक संस्थाएँ नवाचार और आधुनिक तकनीक को अपनाकर अपनी कार्यप्रणाली को सशक्त बना रही हैं। इससे न केवल स्थानीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
NationPress
07/01/2026

Frequently Asked Questions

सीएचसीसी प्रतिनिधिमंडल की उत्तर प्रदेश विधानसभा में मुलाकात का उद्देश्य क्या था?
प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य उत्तर प्रदेश विधानसभा की कार्यप्रणाली, तकनीकी नवाचार और विधायी दक्षता का अध्ययन करना था।
उत्तर प्रदेश विधानसभा की कार्यप्रणाली को क्यों सराहा गया?
प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश विधानसभा को कनाडा की विधायी संस्थाओं से अधिक प्रभावशाली और अनुकरणीय बताया।
क्या भविष्य में उत्तर प्रदेश सरकार और सीएचसीसी के बीच सहयोग बढ़ेगा?
प्रतिनिधिमंडल ने आशा व्यक्त की है कि भविष्य में संवाद और सहयोग निरंतर जारी रहेगा।
Nation Press