क्या अमेरिका पर चीन का गुस्सा फूट पड़ा है? विदेश मंत्री ने कहा- 'कोई देश दुनिया का जज नहीं बन सकता'
सारांश
Key Takeaways
- चीन का अमेरिका के खिलाफ आक्रोश
- यूएन चार्टर के सिद्धांतों की रक्षा का संकल्प
- वेनेजुएला की संप्रभुता का उल्लंघन
- संयुक्त राष्ट्र की इमरजेंसी बैठक
- अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की अपील
नई दिल्ली, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वेनेजुएला में अमेरिका के हमले और पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी को लेकर चीन में गुस्सा है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन च्येन ने कहा कि चीन यूएन चार्टर और अंतर्राष्ट्रीय न्याय के मौलिक सिद्धांतों की रक्षा के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ काम करने को तत्पर है।
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने अमेरिका को निशाने पर लेते हुए कहा कि हम मानते हैं कि कोई भी देश दुनिया का पुलिसवाला नहीं बन सकता है और न ही खुद को इंटरनेशनल जज होने का दावा कर सकता है।
वेनेजुएला में अचानक हुए बदलावों पर वांग यी ने कहा, "हम नहीं मानते कि कोई भी देश दुनिया का पुलिसवाला बन सकता है, और न ही हम इस बात से सहमत हैं कि कोई भी देश खुद को इंटरनेशनल जज होने का दावा कर सकता है। चीन हमेशा ताकत के उपयोग या धमकियों का विरोध करता है और एक देश की मर्जी को दूसरे पर थोपने का भी विरोध करता है।"
लिन च्येन ने कहा कि चीन, वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिका के खुलेआम बल प्रयोग की निंदा करता है। यह अंतर्राष्ट्रीय कानून और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में बुनियादी नियमों का गंभीर उल्लंघन करता है, और यह वेनेजुएला की संप्रभुता का उल्लंघन है, जो लैटिन अमेरिका और कैरिबियन क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए खतरा है।
उन्होंने आगे कहा कि चीन पार्टियों से वेनेजुएला के स्वतंत्र विकास का अधिकार सम्मानित करने और वहां स्थिरता और व्यवस्था बहाल करने के लिए काम करने की अपील करता है।
इस संदर्भ में संयुक्त राष्ट्र ने इमरजेंसी बैठक बुलाई है। चीन ने इस बैठक का समर्थन किया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "चीन वेनेजुएला पर अमेरिकी सैन्य हमलों पर चर्चा करने के लिए इमरजेंसी मीटिंग करने का समर्थन करता है। चीन यूएनएससी को अपने दायित्वों के अनुसार सही भूमिका निभाने का भी समर्थन करता है। चीन यूएन चार्टर और अंतर्राष्ट्रीय न्याय के बुनियादी सिद्धांतों की रक्षा के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ काम करने को तैयार है।"