शंकराचार्य पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच आवश्यक, अविमुक्तेश्वरानंद का बयान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
शंकराचार्य पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच आवश्यक, अविमुक्तेश्वरानंद का बयान

सारांश

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न के आरोपों के खिलाफ जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यूपी पुलिस पर जनता का भरोसा नहीं है, इसलिए उच्चस्तरीय जांच जरूरी है।

मुख्य बातें

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर गंभीर आरोप लगे हैं।
उन्हें उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की है।
उन्होंने यूपी पुलिस के प्रति जनता के विश्वास का सवाल उठाया।
जांच की मांग की गई है ताकि सत्यता सामने आ सके।
साधु-संतों के बीच आक्रोश प्रकट हुआ है।

वाराणसी, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न के आरोपों में घिरे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों पर गिरफ्तारी का खतरा मंडरा रहा है, जिसके चलते उन्होंने उच्च न्यायालय का रुख किया है।

अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने ऊपर लगे आरोपों की स्पष्टता के लिए जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यूपी पुलिस पर जनता का भरोसा नहीं है।

गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। राष्ट्र प्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा कि जांच शुरू हो चुकी है। इसलिए, हमें ज्यादा कुछ नहीं बोलना चाहिए और न ही इसे प्रभावित करने की कोशिश करनी चाहिए। पहले पूछे गए सवालों के जवाब देने के बाद अब ज्यादा कहने को कुछ नहीं बचा है। जांच आगे बढ़ेगी और तथ्यों की स्पष्टता होगी।

पुलिसवालों के साथ वायरल हुई फोटो के संबंध में अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि, "हमने पूछा कि फोटो कहां से आया तो उन्होंने बताया कि वह उनके अकाउंट पर था। अब सवाल ये है कि वे ए.आई. जनरेटेड फोटो क्यों बना रहे हैं और क्यों हमारी पुलिसवालों के साथ घनिष्ठता साबित करना चाहते हैं। इसकी जांच होनी चाहिए।"

आशुतोष ब्रह्मचारी की नाक काटने पर 21 लाख के इनाम के सवाल पर उन्होंने कहा कि नाक तो क्या, कोई भी साधु-संत ऐसा नहीं करेगा। यह सिर्फ गुस्सा और दुख है जो शब्दों के माध्यम से बाहर आ रहा है।

अपने ऊपर लगे आरोपों पर उन्होंने कहा, "शंकराचार्य जैसे बड़े पद पर ऐसे आरोप लगाना बहुत ही गलत है। इस मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए ताकि सनातन धर्म के इस सर्वोच्च पद की गरिमा बनी रहे। जांच निष्पक्ष होनी चाहिए। उत्तर प्रदेश की पुलिस पर जनता का भरोसा नहीं है, इसलिए गैर-भाजपा राज्यों की पुलिस की एक कमेटी बनाई जानी चाहिए। तभी सभी तथ्य स्पष्ट होंगे।"

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की है?
हाँ, उन्होंने उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की है।
शंकराचार्य पर लगे आरोप क्या हैं?
उन पर बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप लगे हैं।
अविमुक्तेश्वरानंद ने पुलिस पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि यूपी पुलिस पर जनता का भरोसा नहीं है।
क्या उन्हें गिरफ्तार किया गया है?
अभी तक उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया है, लेकिन गिरफ्तारी का खतरा है।
क्या इस मामले की जांच होनी चाहिए?
हाँ, अविमुक्तेश्वरानंद ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले