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'कालनेमि का खुलासा,' यौन उत्पीड़न केस में गिरफ्तारी पर अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का बयान

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'कालनेमि का खुलासा,' यौन उत्पीड़न केस में गिरफ्तारी पर अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का बयान

सारांश

वाराणसी में पॉक्सो मामले में फंसे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गिरफ्तारी के खतरे को नकारते हुए कहा कि उन्हें ईश्वर पर विश्वास है। उन्होंने आरोपों को साजिश बताया और जांच में सहयोग का आश्वासन दिया।

मुख्य बातें

अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गिरफ्तारी का डर नकारा।
उन्होंने जांच में सहयोग का आश्वासन दिया।
कालनेमि की साजिश का आरोप लगाया।
जनता का समर्थन उनके साथ है।
जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।

वाराणसी, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। पॉक्सो मामले में फंसे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके अनुयायियों पर गिरफ्तारी का खतरा मंडरा रहा है।

अदालत ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है, लेकिन अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का कहना है कि उन्हें गिरफ्तारी का डर नहीं है, बशर्ते पुलिस पुख्ता सबूत पेश करे। उन्होंने यह भी कहा कि रामचरितमानस में पहले से ही कहा गया है कि कुछ धर्म के ठेकेदार शंकराचार्य और साधुओं को परेशान करने के लिए आएंगे।

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने पॉक्सो एक्ट में गिरफ्तारी के संबंध में कहा, "हम किसी भी जांच में सहयोग देने के लिए तैयार हैं। हमें भी इस मामले की सच्चाई का इंतजार है और हम इसे जल्दी से जल्दी सुलझाना चाहते हैं।

उन्होंने आरोपों पर कहा, "रामचरितमानस में लंका कांड के दौरान विभीषण ने रावण को सलाह दी थी कि धर्मधारी और कपटी लोग जल्दी ही बेनकाब हो जाएंगे। जैसे रावण ने साधु का रूप धारण कर सीता का अपहरण किया था, उसी तरह से धर्म के ठेकेदार भी बेनकाब होंगे। हम इस मामले में आश्वस्त हैं। जांच उत्तर प्रदेश पुलिस कर रही है, लेकिन हमें निष्पक्षता पर भरोसा नहीं है। यदि दूसरे राज्य की पुलिस जांच करे, तो सच्चाई सामने आएगी।

गिरफ्तारी के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह कुछ परिस्थितियों में होती है। हम किसी से भाग नहीं रहे हैं और हम पर लगे आरोप झूठे हैं। अगर गिरफ्तारी होती है, तो यह कालनेमि की साजिश है, लेकिन हमें ईश्वर पर पूरा विश्वास है। कालनेमि का भी पर्दाफाश होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनता का समर्थन उनके साथ है और उन्हें पता है कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है, इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह मामला न केवल कानूनी बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा उठाए गए बिंदुओं ने धार्मिक और कानूनी विमर्श को और जटिल बना दिया है। निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती गिरफ्तारी के डर से भाग रहे हैं?
नहीं, उन्होंने कहा है कि वे गिरफ्तारी से डरते नहीं हैं और मामले में सहयोग करने के लिए तैयार हैं।
उन्हें क्यों गिरफ्तार किया जा सकता है?
पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के कारण गिरफ्तारी का खतरा है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का आरोपों पर क्या कहना है?
उन्होंने आरोपों को साजिश बताया है और कहा है कि सत्यता जल्द ही सामने आएगी।
क्या जनता का समर्थन उनके साथ है?
उन्होंने कहा है कि जनता का समर्थन उनके साथ है और वे आश्वस्त हैं कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया।
जांच की निष्पक्षता पर उनका क्या कहना है?
उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस की जांच पर संदेह जताया है और कहा है कि अगर दूसरे राज्य की पुलिस जांच करे, तो निष्पक्षता की संभावना बढ़ती है।
राष्ट्र प्रेस
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