भारत का आईएनएस सुदर्शनी मिस्र के सफागा बंदरगाह पर पहुंचा, गर्मजोशी से हुआ स्वागत
सारांश
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नई दिल्ली, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय नौसेना का पोत आईएनएस सुदर्शनी मिस्र के सफागा बंदरगाह पर पहुंच गया है। यह एक विशेष जहाज है, जो समुद्र में 22,000 नॉटिकल मील से अधिक की यात्रा पर निकला है। तीन मस्तूलों वाला यह नौसेना बार्क आईएनएस सुदर्शिनी अपने पाल के माध्यम से समुद्री यात्रा कर रहा है।
करीब 16 दिनों की यात्रा और 1,832 समुद्री मील की दूरी तय करने के बाद यह सफागा पहुंचा है। इससे पहले, इसने ओमान के सलालाह बंदरगाह पर अपना पहला पोर्ट कॉल पूरा किया था। सलालाह से सफागा तक का यह सफर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो चालक दल के आत्मविश्वास और सहनशक्ति को दर्शाता है।
दरअसल, अदन की खाड़ी और लाल सागर से गुजरना भारतीय दल के लिए एक महत्वपूर्ण ऑपरेशनल चरण था। यहाँ, यह पोत चुनौतीपूर्ण मौसम की स्थितियों और भारी समुद्री यातायात के बीच यात्रा कर रहा था। इस दौरान उच्च स्तर की व्यावसायिक दक्षता और समुद्री कौशल का प्रदर्शन किया गया। यह शिप लोकायन–26 नामक ऐतिहासिक अंतरमहाद्वीपीय नौकायन अभियान का हिस्सा है। यह एक 10 माह
सफागा में आईएनएस सुदर्शनी की यात्रा मैत्री के सेतु पहल के अंतर्गत है। यह समुद्री संपर्क के प्रति भारतीय नौसेना की निरंतर प्रतिबद्धता को पुष्टि करता है और भारत तथा मिस्र के बीच मजबूत और स्थायी संबंधों को रेखांकित करता है।
पोत के मिस्र आगमन पर वहां की नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों और भारतीय दूतावास के प्रतिनिधियों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। आईएनएस सुदर्शनी के कमांडिंग ऑफिसर ने रेड सी और सफागा नौसेना बेस के बेस कमांडर रियर एडमिरल रामी अहमद इस्माइल मोहम्मद से मुलाकात की। इस मुलाकात में दोनों नौसेनाओं के बीच बढ़ती समुद्री साझेदारी पर जोर दिया गया। यह मुलाकात दोनों देशों की नौसेना के बीच बेहतर सहयोग और साझा दृष्टिकोण को दर्शाती है। अब भारतीय नौसेना, सफागा में रुकने के दौरान मिस्र के नौसैनिकों के साथ पेशेवर बातचीत करेगी।
नौकायन प्रशिक्षण में सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा किया जाएगा। वहीं, द्विपक्षीय सद्भावना को मजबूत करने के लिए सामुदायिक संपर्क गतिविधियों का भी संचालन किया जा रहा है। 20 जनवरी
इस अभियान की भावना वसुधैव कुटुम्बकम् और विजन महासागर से प्रेरित है। सुदर्शनी अपनी 10 महीने लंबी यात्रा के दौरान कुल 13 देशों के 18 विदेशी बंदरगाहों पर पहुंचेगा। सुदर्शनी फ्रांस और अमेरिका जैसे देशों में आयोजित विशेष अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में भी शामिल होगा। इस दौरान भारतीय नौसेना का यह पोत 22,000 नॉटिकल मील से अधिक की यात्रा करेगा।