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ईडी ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में 2,300 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का किया खुलासा

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ईडी ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में 2,300 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का किया खुलासा

सारांश

ईडी ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी के एक बड़े मामले में 2,300 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा किया है। इसमें कई प्रमुख आरोपी शामिल हैं और जांच अभी जारी है।

मुख्य बातें

ईडी ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी का बड़ा मामला दर्ज किया है।
मुख्य आरोपी केसी वीरेंद्र हैं।
2,300 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की गई है।
जांच में कई संस्थाओं और व्यक्तियों के नाम शामिल हैं।

बेंगलुरु, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ गतिविधियों के एक बड़े मामले में पूरक अभियोजन शिकायत दर्ज की है।

यह शिकायत धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई है। इस मामले में केसी वीरेंद्र को मुख्य आरोपी के तौर पर नामित किया गया है, जबकि अन्य आरोपियों में पृथ्वी एन राज, केसी थिप्पेस्वामी, फोनपैसा पेमेंट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, गुलशन खट्टर, पपीज टूर्स एंड ट्रैवल्स एलएलपी, अर्जुन नागभूषण, अभिजीत सज्जन, और लॉजिकफोर्ज सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड सहित कई अन्य लोग और संस्थाएं शामिल हैं।

ईडी ने यह जांच भारतीय दंड संहिता, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की। इन एफआईआर में किंग567, प्ले567, प्लेविन567, गेमेक्स और अन्य संबंधित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से आम लोगों के साथ धोखाधड़ी, प्रतिरूपण और जबरन वसूली के आरोप लगाए गए थे। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि अवैध रूप से अर्जित धन को विभिन्न पेमेंट गेटवे, फर्जी या म्यूल अकाउंट्स, विदेशी संस्थाओं, वर्चुअल डिजिटल एसेट्स के माध्यम से घुमाया गया।

इससे पहले, ईडी ने कर्नाटक और अन्य राज्यों में 60 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी, सोने की ईंटें, सोने-चांदी के आभूषण, वाहन, डिजिटल उपकरण और कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए थे। ईडी ने केसी वीरेंद्र को पीएमएलए की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया था। इसके साथ ही 29 जनवरी 2026 को करीब 177.30 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की गई थीं। अब तक इस मामले में 320 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति अटैच या जब्त की जा चुकी है।

ईडी के अनुसार, अब तक 2,300 करोड़ रुपए से अधिक की अपराध से अर्जित धनराशि की पहचान की गई है, जिसे अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए के जरिए कमाया गया है और उसके बाद विभिन्न तरीकों से मनी लॉन्ड्रिंग की गई। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने दुबई समेत विदेशों में संपत्तियां खरीदीं और क्रिप्टो एसेट्स में भी लेनदेन किए। ईडी ने कहा है कि मामले की आगे की जांच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे अवैध गतिविधियों के जरिए अर्जित धन को विभिन्न तरीकों से छिपाया जाता है। प्रवर्तन निदेशालय की यह कार्रवाई समय की मांग है, जिससे समाज में वित्तीय अनुशासन को बढ़ावा मिलेगा।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने किस मामले में शिकायत दर्ज की है?
ईडी ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ गतिविधियों से जुड़े एक बड़े मामले में शिकायत दर्ज की है।
मुख्य आरोपी कौन हैं?
इस मामले में केसी वीरेंद्र को मुख्य आरोपी बनाया गया है।
मामले में कितनी संपत्तियां अटैच की गई हैं?
अब तक इस मामले में 320 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां अटैच या जब्त की जा चुकी हैं।
ईडी की जांच का आधार क्या है?
ईडी ने यह जांच भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की।
इस मामले की आगे की जांच कब तक चलेगी?
ईडी ने कहा है कि मामले की आगे की जांच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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