ललिता पवार का अद्वितीय रिकॉर्ड: एक ही फिल्म में निभाए 17 किरदार
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड की महान अदाकारा ललिता पवार के बिना खलनायिका की छवि अधूरी सी लगती है। आज उनकी पुण्यतिथि पर हम उनकी एक अद्वितीय उपलब्धि पर ध्यान केंद्रित करेंगे, जिसमें उन्होंने एक ही फिल्म में 17 विभिन्न किरदार निभाए थे।
18 अप्रैल 1916 को नासिक जिले में जन्मी ललिता पवार का असली नाम था अंबा लक्ष्मण राव सगुन। फिल्मी दुनिया में कदम रखने के बाद वह ललिता पवार के नाम से प्रसिद्ध हुईं। उन्होंने 9 साल की उम्र में फिल्म 'राजा हरिश्चंद्र' (1928) से अपने करियर की शुरुआत की। उस समय सिनेमा एक नई विधा थी, और एक छोटी बच्ची के लिए इस क्षेत्र में कदम रखना आसान नहीं था, लेकिन ललिता ने अपने अभिनय और भाव-भंगिमाओं से सबका ध्यान आकर्षित किया।
समय के साथ, ललिता ने मुख्य भूमिकाओं में भी कदम रखा, लेकिन उनकी प्रतिभा केवल मुख्य किरदारों तक सीमित नहीं रही। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि तब दिखाई दी, जब उन्होंने फिल्म 'चतुर सुंदरी' में 17 अलग-अलग किरदार निभाए। यह एक बड़ा चैलेंज था। हर किरदार का स्वभाव, अंदाज और भाव अलग-अलग था—कभी गंभीर, कभी हास्यपूर्ण, कभी चालाक और कभी मासूम। दर्शक यह देखकर दंग रह गए कि एक ही अदाकारा ने यह सब किया।
ललिता पवार न केवल अभिनय करती थीं, बल्कि हर किरदार में जान डाल देती थीं। आज भी कोई अन्य अभिनेत्री उनके इस रिकॉर्ड को नहीं तोड़ पाई है।
इस उपलब्धि के पश्चात, ललिता ने अपनी कला को और भी ऊँचाइयों पर पहुँचाया। हिंदी, मराठी और गुजराती फिल्मों में उन्होंने 700 से ज्यादा फिल्में कीं। उनका नाम खासकर खलनायिका और क्रूर सास के किरदारों के लिए जाना जाता है। रामानंद सागर की 'रामायण' में मंथरा का किरदार निभाकर उन्होंने घर-घर में अपनी पहचान बना ली।
24 फरवरी 1998 को ललिता पवार ने पुणे में अंतिम सांस ली, लेकिन उनकी फिल्में, उनके किरदार और उनके रिकॉर्ड ने उन्हें अमर बना दिया।