ललिता पवार: 9 वर्ष की आयु में फिल्मी करियर की शुरुआत, बॉलीवुड की सबसे 'खलनायिका सास'

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ललिता पवार: 9 वर्ष की आयु में फिल्मी करियर की शुरुआत, बॉलीवुड की सबसे 'खलनायिका सास'

सारांश

ललिता पवार का सफर एक बाल कलाकार से लेकर बॉलीवुड की सबसे 'अत्याचारी सास' तक का है। उनकी अभिनय ने दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बनाई। जानिए उनकी संघर्ष भरी कहानी।

Key Takeaways

  • ललिता पवार का अभिनय जीवन प्रेरणादायक है।
  • उन्होंने 9 साल की उम्र में फिल्मी करियर की शुरुआत की।
  • उनका 'मंथरा' का किरदार उन्हें घर-घर में प्रसिद्ध कर गया।
  • उन्होंने 700 से अधिक फिल्मों में काम किया।
  • ललिता ने अपने संघर्षों के बावजूद कभी हार नहीं मानी।

मुंबई, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड में कई ऐसे कलाकार हैं जिनकी अभिनय क्षमता लोगों के दिलों में बस जाती है। उनमें से एक प्रमुख नाम है ललिता पवार का। उनकी अभिनय इतनी प्रभावशाली थी कि उनके किरदार हमेशा याद किए जाते थे। छोटे बच्चे हों या बड़े, सभी उनके नकारात्मक किरदारों से भयभीत रहते थे। लेकिन, असल जिंदगी में ललिता एक मेहनती अभिनेत्री थीं।

आज हम उनकी पुण्यतिथि पर उनके संघर्षमय सफर की चर्चा करेंगे, जिसमें उन्होंने बाल कलाकार से लेकर बॉलीवुड की सबसे अत्याचारी सास बनने तक का सफर तय किया।

ललिता पवार का जन्म 18 अप्रैल 1916 को महाराष्ट्र के नासिक जिले में हुआ था। उनका असली नाम अंबा लक्ष्मण राव सगुन था। उनके पिता एक रेशम व्यापारी थे और मां घर संभालती थीं। बचपन से ही ललिता को अभिनय का शौक था, और उनके माता-पिता ने उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए उन्हें फिल्मों में काम करने की अनुमति दी।

ललिता ने महज 9 साल की उम्र में अपनी पहली फिल्म 'राजा हरिश्चंद्र' (1928) से अपने करियर की शुरुआत की। उस समय भारत में फिल्में मूक युग की थीं, लेकिन ललिता ने छोटी उम्र में ही अभिनय का कौशल दिखाया। बाल कलाकार के रूप में उन्होंने कई फिल्मों में काम किया, और यहीं से उनकी फिल्मी दुनिया की शुरुआत हुई।

समय के साथ ललिता ने बड़ी हीरोइन बनने का सपना देखा, लेकिन एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने उनकी जिंदगी का रास्ता बदल दिया। 1942 में रिलीज हुई फिल्म 'जंग-ए-आजादी' की शूटिंग के दौरान, एक सीन में को-एक्टर को उन्हें थप्पड़ मारना था। उस एक्टर ने ललिता को इतनी जोर से थप्पड़ मारा कि वह फर्श पर गिर गईं, जिससे उनकी आंख की नस फट गई और शरीर के एक हिस्से में लकवा मार गया। इसके कारण उन्हें कुछ वर्षों तक फिल्मों से दूर रहना पड़ा और उनका हीरोइन बनने का सपना अधूरा रह गया।

लेकिन, ललिता ने हार नहीं मानी। उन्होंने खुद को नए किरदारों के लिए ढाला और साइड किरदार और खलनायिका की भूमिकाओं में अपनी पहचान बनाई। उनकी दमदार अभिनय के चलते दर्शक उन्हें 'अत्याचारी सास' और 'नकारात्मक महिला' के रूप में पहचानने लगे। खासकर रामानंद सागर की रामायण में मंथरा का किरदार उनके करियर का महत्वपूर्ण मोड़ रहा। मंथरा के किरदार ने उन्हें घर-घर में प्रसिद्ध कर दिया और उनकी खलनायिका की छवि को और मजबूत किया।

ललिता पवार ने अपने लंबे करियर में लगभग 700 फिल्मों में काम किया, जिनमें हिंदी, मराठी और गुजराती फिल्में शामिल थीं। उन्होंने अभिनय के क्षेत्र में इतनी मेहनत और स्थिरता दिखाई कि उनका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में सबसे ज्यादा समय तक अभिनय करियर रखने वाली महिला अभिनेता के रूप में दर्ज हुआ।

बॉलीवुड की दुनिया में सफलता के बावजूद ललिता का जीवन हमेशा आसान नहीं रहा। मुंह के कैंसर के कारण 24 फरवरी 1998 को उनका निधन हो गया।

Point of View

NationPress
25/02/2026

Frequently Asked Questions

ललिता पवार ने कितनी फिल्मों में काम किया?
ललिता पवार ने लगभग 700 फिल्मों में काम किया।
ललिता पवार का जन्म कब हुआ?
ललिता पवार का जन्म 18 अप्रैल 1916 को हुआ।
ललिता पवार को कौन सा पुरस्कार मिला?
उनका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में सबसे लंबे अभिनय करियर रखने वाली महिला अभिनेता के रूप में दर्ज है।
ललिता पवार का असली नाम क्या था?
उनका असली नाम अंबा लक्ष्मण राव सगुन था।
ललिता पवार का निधन कब हुआ?
ललिता पवार का निधन 24 फरवरी 1998 को हुआ।
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