असम सरकार ने ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 120 करोड़ रुपये वितरित किए, नई योजनाओं की शुरुआत

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असम सरकार ने ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 120 करोड़ रुपये वितरित किए, नई योजनाओं की शुरुआत

सारांश

असम सरकार ने 120 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता का वितरण किया, जिससे ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं का शुभारंभ हुआ। जानें इस कार्यक्रम की खास बातें!

Key Takeaways

  • 120 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता का वितरण
  • मुख्यमंत्री उत्कर्ष योजना, कृषि सारथी ऐप, और अन्य योजनाओं का शुभारंभ
  • किसान उत्पादक संगठनों के लिए नई योजना
  • ग्रामीण अवसंरचना के विकास के लिए 1,500 किलोमीटर नई सड़कें
  • स्थानीय उत्पादों के लिए बेहतर बाजार की संभावनाएं

गुवाहाटी, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। असम सरकार ने सोमवार को ज्योति बिष्णु कला मंदिर में आयोजित एक भव्य समारोह में दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के तहत 120 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता का वितरण किया।

इस कार्यक्रम में राज्यभर में ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने और डिजिटल पहुंच को बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं का शुभारंभ किया गया। इनमें मुख्यमंत्री उत्कर्ष योजना, कृषि सारथी ऐप, समावेशी आजीविका योजना और रूरल वन ऐप शामिल हैं, जो असम में समावेशी विकास और प्रौद्योगिकी आधारित सेवा वितरण के प्रति सरकार के समर्पण को दर्शाते हैं।

कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की और किसानों तथा ग्रामीण अवसंरचना विकास के लिए कई नए उपायों की घोषणा की।

मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि किसानों को वित्तीय और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने के लिए किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) हेतु एक नई योजना की शुरुआत की गई है।

उन्होंने बताया कि इस पहल से किसानों को भारत द्वारा संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों के साथ किए गए मुक्त व्यापार समझौतों का लाभ उठाने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री सरमा ने कहा, "इससे असम को अपने कृषि और बागवानी उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात करने और किसानों की आय बढ़ाने में सहायता मिलेगी।"

उन्‍होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत एक नए कार्यक्रम का शुभारंभ किया है, जिसके अंतर्गत असम को लगभग 1,500 किलोमीटर नई ग्रामीण सड़कें प्रदान की जाएंगी।

इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 2,000 करोड़ रुपए है। इससे राज्य के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण सुधार होने की आशा है।

केंद्रीय मंत्री चौहान ने अपने संबोधन में असम के ग्रामीण विकास कार्यक्रमों की सराहना की और कहा कि केंद्र किसानों और स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने के लिए राज्य की पहलों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम में घोषित उपायों से ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, कृषि निर्यात को प्रोत्साहन मिलेगा और बुनियादी ढांचे के विकास में गति आएगी, जिससे असम के सतत और समावेशी ग्रामीण विकास की दिशा में प्रयासों को मजबूती मिलेगी।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं और ग्रामीण उद्यमी शामिल हुए। लाभार्थी जगरनाथ ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि यह सहायता उनके लिए अत्यंत लाभकारी साबित होगी। "यह हमारे लिए बहुत मददगार है। हम सरकार का आभार व्यक्त करते हैं।"

एक अन्य लाभार्थी प्रियंका ने बताया कि वे भविष्य की योजनाओं पर काम कर रही हैं। "हम प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की योजना बना रहे हैं। जूस बनाकर बाजार में बेचेंगे। सरकार किसानों के हित में काम कर रही है और बहुत मदद कर रही है।"

उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सहायता से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और उत्पादों को बेहतर बाजार मिलेगा।

कार्यक्रम में शामिल एक अन्य किसान ने कहा कि असम और केंद्र सरकार दोनों किसानों के हित में कार्य कर रही हैं।

उन्होंने बताया कि वे धान की खेती करते हैं और छोटे किसानों से उपज खरीदकर उसे एकत्रित कर बाजार में बेचते हैं। योजना से मिले पैसों से प्रोसेसिंग यूनिट लगाएंगे। अगर इन पैसों का सही उपयोग किया जाए तो ‘वोकल फॉर लोकल’ का लक्ष्य और किसानों की आय दोगुनी करने का संकल्प अवश्य सफल होगा।

कार्यक्रम में उपस्थित किसानों और स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों में उत्साह देखा गया। उनका मानना है कि इस आर्थिक सहायता से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिलेगी।

Point of View

जो उनके जीवन में बदलाव लाने में सहायक होगा।
NationPress
24/02/2026

Frequently Asked Questions

असम सरकार ने कितनी वित्तीय सहायता वितरित की?
असम सरकार ने 120 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता वितरित की।
मुख्यमंत्री उत्कर्ष योजना क्या है?
मुख्यमंत्री उत्कर्ष योजना ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण आजीविका को मजबूत करना और डिजिटल पहुंच को बढ़ाना है।
किसान उत्पादक संगठनों के लिए नई योजना क्या है?
किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के लिए एक नई योजना शुरू की गई है, जिससे किसानों को वित्तीय और तकनीकी सहायता मिलेगी।
इस कार्यक्रम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
इस कार्यक्रम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिलेगी।
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