असम में AIF योजना के तहत ₹1,100 करोड़ से अधिक वितरित, CM हिमंता बिस्वा सरमा ने की पुष्टि
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार, 23 जून को घोषणा की कि राज्य ने केंद्र सरकार की एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) योजना के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। अब तक असम भर के किसानों और कृषि उद्यमियों को इस योजना के अंतर्गत ₹1,100 करोड़ से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है।
बैठक का संदर्भ और मुख्य घोषणा
नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ हुई बैठक के बाद मुख्यमंत्री सरमा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में कहा, "शिवराज चौहान के साथ हुई मेरी मुलाकात के बाद मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हम एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के कार्यान्वयन और इसके विस्तार में तेजी से प्रगति कर रहे हैं। अब तक ₹1,100 करोड़ से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है।" इस बैठक में AIF योजना प्रमुख चर्चा विषय बनी।
AIF योजना क्या है और इसके लाभ
केंद्र सरकार ने 2020 में कृषि अवसंरचना निधि (AIF) को फसल कटाई के बाद प्रबंधन ढाँचे और सामुदायिक कृषि संपत्तियों के निर्माण के लिए एक वित्तपोषण सुविधा के रूप में शुरू किया था। यह योजना गोदामों, कोल्ड स्टोरेज इकाइयों, ग्रेडिंग एवं पैकेजिंग सुविधाओं, प्राथमिक प्रसंस्करण केंद्रों, आपूर्ति श्रृंखला अवसंरचना और स्मार्ट कृषि परियोजनाओं के लिए मध्यम से दीर्घकालिक ऋण उपलब्ध कराती है।
अधिकारियों के अनुसार इस योजना से किसान उत्पादक संगठनों (FPO), सहकारी समितियों, कृषि स्टार्टअप, स्वयं सहायता समूहों और उद्यमियों को किफायती ऋण मिल रहा है, जिससे कृषि क्षेत्र में निजी और सामूहिक निवेश को बल मिला है।
असम की कृषि आधुनिकीकरण की दिशा
गौरतलब है कि असम पिछले कुछ वर्षों से कृषि आधुनिकीकरण और मूल्यवर्धन पहलों को सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रहा है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने के लिए भंडारण, प्रसंस्करण और विपणन सुविधाओं की स्थापना को प्राथमिकता दे रही है। यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में कटाई-पश्चात नुकसान को कम करना कृषि नीति की केंद्रीय चुनौती बनी हुई है।
केंद्र-राज्य समन्वय का संकेत
मुख्यमंत्री सरमा और केंद्रीय मंत्री चौहान के बीच हुई इस बैठक को कृषि विकास, ग्रामीण बुनियादी ढाँचे और किसान कल्याण कार्यक्रमों पर केंद्र और राज्य के बीच समन्वय को मज़बूत करने के निरंतर प्रयासों की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। आगे AIF के विस्तार की गति और लाभार्थियों की संख्या पर नज़र रहेगी।