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असम में 1,000 प्रगतिशील किसानों को ₹1-1 लाख का 'मुख्यमंत्री कृषि उत्कृष्टता पुरस्कार', सीएम सरमा का ऐलान

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असम में 1,000 प्रगतिशील किसानों को ₹1-1 लाख का 'मुख्यमंत्री कृषि उत्कृष्टता पुरस्कार', सीएम सरमा का ऐलान

सारांश

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक साथ तीन बड़ी घोषणाएँ कीं — 1,000 किसानों को ₹1-1 लाख का पुरस्कार, 'युवा कल्याण विभाग' का गठन और 3 लाख लंबित फाइलों के निपटारे के लिए 'प्रोजेक्ट सद्भावना 2'। यह असम सरकार की कृषि और युवा नीति में एक साथ बड़े बदलाव का संकेत है।

मुख्य बातें

असम सरकार 'मुख्यमंत्री कृषि उत्कृष्टता पुरस्कार' के तहत इस वर्ष 1,000 प्रगतिशील किसानों को ₹1-1 लाख की पुरस्कार राशि देगी।
अगले पाँच वर्षों में 10,000 किसानों को इस पुरस्कार से सम्मानित करने का दीर्घकालिक लक्ष्य।
प्रस्तावित 'युवा कल्याण विभाग' NCC, NSS, रोज़गार एक्सचेंज और शिक्षा पहलों को एकीकृत करेगा; 17 सितंबर को लॉन्च संभावित।
'प्रोजेक्ट सद्भावना 2' 2 अक्टूबर से 31 जनवरी तक चलेगा; 3 लाख से अधिक लंबित सरकारी फाइलों का निपटारा लक्ष्य।
इस बार ई-फाइल प्रणाली और नागरिक पोर्टल के ज़रिये लंबित मामलों की ट्रैकिंग होगी, जो 2021 की मैन्युअल प्रक्रिया से अलग है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोमवार, 17 अगस्त 2026 को गुवाहाटी में मीडिया से बातचीत में घोषणा की कि राज्य सरकार इस वर्ष 'मुख्यमंत्री कृषि उत्कृष्टता पुरस्कार' के अंतर्गत 1,000 प्रगतिशील एवं शिक्षित किसानों को ₹1-1 लाख की पुरस्कार राशि से सम्मानित करेगी। इस पहल का मूल उद्देश्य पढ़े-लिखे युवाओं को कृषि को एक आधुनिक और सम्मानजनक करियर विकल्प के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करना है।

पुरस्कार योजना का स्वरूप

मुख्यमंत्री सरमा ने स्पष्ट किया कि पुरस्कृत किसानों को नकद राशि के साथ-साथ कृषि से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी जाएगी। उन्होंने कहा, 'हमें पढ़े-लिखे युवाओं को भी खेती की ओर आकर्षित करना होगा। इसलिए हमने इस साल 1,000 प्रगतिशील और पढ़े-लिखे किसानों को सम्मानित करने का फैसला किया है।' सरकार की दीर्घकालिक योजना अगले पाँच वर्षों में 10,000 किसानों को इस पुरस्कार से नवाज़ने की है। यह कार्यक्रम आधुनिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने, कृषि अनुसंधान को सुदृढ़ करने और उत्पादकता में वृद्धि पर केंद्रित रहेगा।

युवा कल्याण विभाग की नई घोषणा

मुख्यमंत्री ने एक अलग 'युवा कल्याण विभाग' गठित करने की योजना का भी खुलासा किया, जो युवाओं से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों को एकीकृत प्रशासनिक ढाँचे के तहत लाएगा। इस प्रस्तावित विभाग में नेशनल कैडेट कोर (NCC), नेशनल सर्विस स्कीम (NSS), रोज़गार एक्सचेंज और शिक्षा क्षेत्र की युवा-केंद्रित पहलें एक ही छत के नीचे आएंगी। बताया जा रहा है कि इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर 17 सितंबर को लॉन्च किया जा सकता है।

प्रोजेक्ट सद्भावना 2 का आग़ाज़

सरमा ने यह भी बताया कि राज्य सरकार 2 अक्टूबर से 31 जनवरी तक 'प्रोजेक्ट सद्भावना 2' चलाएगी, जिसका लक्ष्य विभिन्न सरकारी विभागों, डायरेक्टरेट और उपायुक्त कार्यालयों में लंबित तीन लाख से अधिक फाइलों की पहचान कर उनका निपटारा करना है। इस बार एक विशेष पोर्टल के माध्यम से नागरिक स्वयं लंबित मामलों की सूचना दे सकेंगे, जिन्हें संबंधित अधिकारियों के पास कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा। गौरतलब है कि 2021 में यह कार्य मैन्युअल तरीके से किया गया था, जबकि इस बार ई-फाइल प्रणाली के ज़रिये मामलों को बेहतर ढंग से ट्रैक और विश्लेषण किया जाएगा।

आम जनता और किसानों पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब असम सरकार कृषि क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने को लेकर गंभीर नीतिगत प्रयास कर रही है। ₹1 लाख की नकद प्रोत्साहन राशि ग्रामीण युवाओं के लिए एक ठोस वित्तीय संकेत है, जो परंपरागत रूप से शहरी रोज़गार को प्राथमिकता देते रहे हैं। आगामी पाँच वर्षों में 10,000 किसानों को पुरस्कृत करने का लक्ष्य राज्य की कृषि नीति में एक दीर्घकालिक संरचनात्मक बदलाव का संकेत देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 'प्रगतिशील किसान' की चयन प्रक्रिया कितनी पारदर्शी और निष्पक्ष होगी — बिना स्पष्ट मानदंडों के यह योजना राजनीतिक संरक्षण का माध्यम बन सकती है। युवा कल्याण विभाग का विचार नया नहीं है; देश के कई राज्यों में ऐसे विभाग कागज़ों पर तो हैं, लेकिन ज़मीन पर प्रभाव सीमित रहा है। 'प्रोजेक्ट सद्भावना 2' की ई-फाइल प्रणाली सही दिशा में कदम है, परंतु 3 लाख लंबित फाइलों का बोझ यह भी बताता है कि प्रशासनिक जवाबदेही की संरचनागत कमज़ोरी गहरी है। इन तीनों घोषणाओं की सफलता क्रियान्वयन की गति और पारदर्शिता पर निर्भर करेगी, न केवल घोषणा की भव्यता पर।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'मुख्यमंत्री कृषि उत्कृष्टता पुरस्कार' क्या है?
यह असम सरकार की एक नई पहल है जिसके तहत राज्य के 1,000 प्रगतिशील और शिक्षित किसानों को ₹1-1 लाख की नकद पुरस्कार राशि दी जाएगी। इसका उद्देश्य युवाओं को आधुनिक कृषि को करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
इस पुरस्कार योजना से कितने किसानों को फायदा होगा?
इस वर्ष 1,000 किसानों को लाभ मिलेगा, और अगले पाँच वर्षों में कुल 10,000 किसानों को सम्मानित करने का लक्ष्य रखा गया है। पुरस्कृत किसानों को सरकारी कृषि योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।
असम का 'युवा कल्याण विभाग' क्या होगा और कब लॉन्च होगा?
यह एक प्रस्तावित विभाग है जो NCC, NSS, रोज़गार एक्सचेंज और शिक्षा से जुड़ी युवा पहलों को एक ही प्रशासनिक ढाँचे के तहत लाएगा। इसे 17 सितंबर के आसपास लॉन्च किए जाने की उम्मीद है।
'प्रोजेक्ट सद्भावना 2' क्या है और यह 2021 के संस्करण से कैसे अलग है?
'प्रोजेक्ट सद्भावना 2' असम सरकार का वह अभियान है जो 2 अक्टूबर से 31 जनवरी तक चलेगा और 3 लाख से अधिक लंबित सरकारी फाइलों का निपटारा करेगा। 2021 में यह कार्य मैन्युअल तरीके से हुआ था, जबकि इस बार ई-फाइल प्रणाली और एक नागरिक पोर्टल का उपयोग किया जाएगा।
असम सरकार की इन घोषणाओं का युवाओं पर क्या असर पड़ेगा?
कृषि पुरस्कार योजना शिक्षित युवाओं को खेती की ओर आकर्षित करने का प्रयास है, जबकि युवा कल्याण विभाग रोज़गार और सेवा कार्यक्रमों को एकीकृत कर युवाओं को बेहतर अवसर देने का लक्ष्य रखता है। दोनों पहलें मिलकर असम में युवा-केंद्रित नीति की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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