असम NDA सरकार के 100 दिन: CM हिमंत सरमा ने गिनाईं कृषि और ग्रामीण विकास की उपलब्धियाँ
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार, 21 अगस्त को एनडीए सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले 100 दिनों की उपलब्धियाँ साझा कीं, जिसमें कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में राज्य की प्रगति को केंद्र में रखा गया। सरमा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए 'मजबूत खेतों' और 'मजबूत ग्रामीण समुदायों' के निर्माण को सरकार की प्राथमिकता बताया।
पीएम-किसान योजना से 18.60 लाख किसानों को लाभ
मुख्यमंत्री की पोस्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के तहत असम में ₹373 करोड़ की राशि वितरित की गई है, जिससे राज्य के 18.60 लाख किसान लाभान्वित हुए हैं। यह योजना पात्र किसान परिवारों को सीधे उनके बैंक खातों में आर्थिक सहायता पहुँचाती है। सरमा ने इसे ग्रामीण असम की आर्थिक नींव मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम बताया।
1.46 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को मिले पक्के घर
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के अंतर्गत 1,46,550 ग्रामीण परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए गए हैं। इस योजना का उद्देश्य पात्र परिवारों को स्थायी छत देना और गाँवों में रहन-सहन का स्तर ऊपर उठाना है। यह आँकड़ा राज्य सरकार की 100 दिनों की उपलब्धि रिपोर्ट का हिस्सा है।
वीबी-जीराम-जी पहल: असम बना देश का पहला राज्य
सरमा ने विशेष रूप से वीबी-जीराम-जी पहल का उल्लेख किया और दावा किया कि इसे लागू करने वाला असम भारत का पहला राज्य बन गया है। उन्होंने इसे ग्रामीण रोजगार और विकास को नई गति देने वाला कदम बताया। यह पहल ग्रामीण इकोसिस्टम को टिकाऊ बनाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा बताई जा रही है।
आम जनता पर असर
यह 100 दिनों की प्रगति रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब राज्य सरकार प्रत्यक्ष कल्याणकारी सहायता को आवास, रोजगार और ग्रामीण आजीविका सुधार के उपायों के साथ एकीकृत करने की कोशिश कर रही है। गौरतलब है कि असम की अर्थव्यवस्था में कृषि और ग्रामीण क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, और इन योजनाओं का सीधा असर लाखों परिवारों की दैनिक जीवनशैली पर पड़ता है।
क्या होगा आगे
मुख्यमंत्री सरमा ने संकेत दिया कि सरकार केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि एक मजबूत और टिकाऊ ग्रामीण इकोसिस्टम के निर्माण पर भी ध्यान केंद्रित करेगी। आने वाले महीनों में इन योजनाओं के विस्तार और नई पहलों की घोषणा की संभावना जताई जा रही है।