हिमंता बिस्वा सरमा ने ली दूसरी बार असम CM की शपथ, PM मोदी ने बताया 'बेहतरीन प्रशासक'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 मई 2026 को हिमंता बिस्वा सरमा को लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई दी और उन्हें एक बेहतरीन प्रशासक बताया। गुवाहाटी में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह के साथ ही सरमा असम में लगातार दो कार्यकाल तक मुख्यमंत्री बनने वाले पहले गैर-कांग्रेसी नेता बन गए।
शपथ ग्रहण समारोह का घटनाक्रम
गुवाहाटी में आयोजित इस भव्य समारोह में राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने हिमंता बिस्वा सरमा को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सहित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री के साथ रामेश्वर तेली, अतुल बोरा, चरण बोरो और अजंता नेओग ने भी मंत्री पद की शपथ ली।
PM मोदी की बधाई और एक्स पोस्ट
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर शपथ ग्रहण समारोह की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, ''असम के लिए एक शानदार दिन। लगातार तीसरी बार, एनडीए सरकार ने सत्ता संभाली है। शपथ ग्रहण करने पर हिमंता बिस्वा सरमा को बधाई। उन्होंने एक बेहतरीन प्रशासक के तौर पर अपनी पहचान बनाई है और राज्य के लिए अग्रणी कार्य किए हैं। उनके आगामी कार्यकाल के लिए मेरी शुभकामनाएं।'' इसी पोस्ट में उन्होंने नए मंत्रियों को भी बधाई देते हुए असम के विकास की गति को और सुदृढ़ बनाने की कामना की।
केंद्रीय नेताओं की प्रतिक्रिया
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा, ''मुझे विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और उनके कुशल नेतृत्व में, असम विकास, समावेशी उन्नति और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छुएगा।'' केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने समारोह में भाग लेते हुए बताया कि उनके विभाग की ओर से असम में लगभग ₹2 लाख करोड़ की परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं। उन्होंने इसे BJP को लगातार तीसरी बार मिले जनादेश और प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में जनता के गहरे विश्वास का प्रतीक बताया।
ऐतिहासिक उपलब्धि
गौरतलब है कि हिमंता बिस्वा सरमा असम में लगातार दो कार्यकाल तक मुख्यमंत्री पद संभालने वाले पहले गैर-कांग्रेसी नेता बन गए हैं। यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब BJP ने राज्य में लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल की है — जो पूर्वोत्तर भारत में पार्टी की बढ़ती पकड़ को दर्शाता है। सरमा के पहले कार्यकाल में असम ने कई प्रशासनिक और विकास सुधारों को लागू किया था।
आगे की राह
नई मंत्रिपरिषद के सामने असम के आर्थिक विकास, बुनियादी ढाँचे के विस्तार और सामाजिक समावेश की चुनौतियाँ हैं। केंद्र सरकार की ₹2 लाख करोड़ की पाइपलाइन परियोजनाएं राज्य के विकास को नई गति दे सकती हैं। अब देखना यह होगा कि सरमा सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में किन प्राथमिकताओं को सबसे पहले लागू करती है।