असम बाढ़ राहत: CM हिमंता ने ₹160 करोड़ जारी किए, 75 हजार परिवारों को DBT से ₹15,000 मिले
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 3 अगस्त 2026 को बाढ़ पीड़ितों के लिए ₹160 करोड़ की आर्थिक सहायता का ऐलान किया। राज्य के चार जिलों में बाढ़ से प्रभावित 75 हजार परिवारों के बैंक खातों में प्रत्येक को ₹15,000 की अंतरिम राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे पहुँचाई गई है। राज्यभर में अब तक 85 लोगों की मौत हो चुकी है और 1.36 लाख से अधिक लोग अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं।
राहत राशि का वितरण
मुख्यमंत्री सरमा ने अपने एक्स (X) हैंडल पर जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार सुबह उन्होंने स्वयं 75 हजार बाढ़ प्रभावित परिवारों के खातों में ₹15,000 प्रति परिवार की दर से राशि हस्तांतरित की। इसके साथ ही जो परिवार 'पीएम सूर्य घर योजना' के पात्र थे, उन्हें उस योजना की राशि भी एक साथ ट्रांसफर की गई।
सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना रही है कि लाभार्थियों तक सहायता राशि पहुँचने में किसी भी प्रकार का विलंब न हो। DBT माध्यम से नकद हस्तांतरण से प्रभावित परिवार अपनी तत्काल ज़रूरतें — भोजन, दवाइयाँ और आश्रय — पूरी कर सकते हैं।
गंभीर रूप से प्रभावित जिलों के लिए अतिरिक्त सहायता
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आने वाले दिनों में शिवसागर और चराइदेव जिलों के गंभीर रूप से प्रभावित परिवारों को ₹10,000 की अतिरिक्त राशि भी दी जाएगी। ये दोनों जिले इस बाढ़ में सबसे अधिक क्षतिग्रस्त हुए हैं।
उन्होंने कहा, 'हम अपने उन परिवारजनों के साथ पूरी दृढ़ता के साथ खड़े हैं, जिन्होंने इन मुश्किल हालातों का सामना किया है।' अंतिम मुआवजा राशि व्यापक नुकसान के मूल्यांकन के बाद तय की जाएगी।
असम में बाढ़ की मौजूदा स्थिति
राज्य के कई हिस्सों में हालात में कुछ सुधार दर्ज किया गया है, परंतु संकट अभी टला नहीं है। बाढ़ में अब तक 85 लोगों की जान जा चुकी है। राज्य के 160 गाँव बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं, हजारों लोग विस्थापित हो चुके हैं और अनेक मकान या तो क्षतिग्रस्त हो गए हैं या पूरी तरह जलमग्न हैं।
गौरतलब है कि असम हर साल मानसून के दौरान गंभीर बाढ़ की चपेट में आता है। ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाके तेज़ी से डूब जाते हैं, और यह चक्र दशकों से जारी है।
राहत एवं पुनर्वास कार्य
राज्य सरकार आपदा प्रबंधन एजेंसियों के साथ मिलकर राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों में जुटी है। बाढ़ प्रभावित जिलों में क्षतिग्रस्त संपत्तियों का मूल्यांकन भी समानांतर रूप से किया जा रहा है, ताकि मुआवजे की अंतिम राशि निर्धारित की जा सके।
मुख्यमंत्री सरमा के अनुसार, सरकार का लक्ष्य केवल तात्कालिक राहत तक सीमित नहीं है — दीर्घकालिक पुनर्वास और क्षतिपूर्ति भी सुनिश्चित की जाएगी। आने वाले हफ्तों में मूल्यांकन रिपोर्टों के आधार पर अतिरिक्त सहायता पैकेज की घोषणा संभव है।