4 अगस्त 2026
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असम बाढ़: CM हिमंत बिस्वा सरमा ने ₹160 करोड़ की DBT राहत जारी की, 75,000 परिवारों को मिली सहायता

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असम बाढ़: CM हिमंत बिस्वा सरमा ने ₹160 करोड़ की DBT राहत जारी की, 75,000 परिवारों को मिली सहायता

सारांश

असम में सामान्य से 400% अधिक बारिश ने ऊपरी जिलों में अभूतपूर्व तबाही मचाई। CM हिमंत बिस्वा सरमा ने नाव से बाढ़ग्रस्त इलाकों का जायज़ा लिया और 75,000 परिवारों को ₹160 करोड़ DBT से भेजे — साथ ही शिवसागर में नए तटबंध का ऐलान कर दीर्घकालिक सुरक्षा का संकल्प जताया।

मुख्य बातें

CM हिमंत बिस्वा सरमा ने 3 अगस्त 2026 को बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा किया और राहत कार्यों का जायज़ा लिया।
चार जिलों के 75,000 परिवारों को ₹15,000 प्रति परिवार की दर से कुल ₹160 करोड़ DBT के ज़रिए भेजे गए।
शिवसागर और चराइदेव के गंभीर रूप से प्रभावित परिवारों को अतिरिक्त ₹10,000 की सहायता जल्द जारी होगी।
ऊपरी असम में सामान्य से 400% अधिक वर्षा के कारण असामान्य जिलों में भी अचानक बाढ़ आई।
सुंदरपुखुरी में नए तटबंध निर्माण की घोषणा; दिखो नदी से खतरे को देखते हुए दीर्घकालिक सुरक्षा योजना तैयार।
अंतिम मुआवज़ा व्यापक सर्वेक्षण के बाद निर्धारित किया जाएगा।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 3 अगस्त 2026 को बाढ़ प्रभावित जिलों का व्यापक दौरा करते हुए घोषणा की कि राज्य के चार सर्वाधिक प्रभावित जिलों के लगभग 75,000 परिवारों को ₹15,000 प्रति परिवार की अंतरिम सहायता डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजी जा चुकी है। कुल मिलाकर ₹160 करोड़ की यह राशि असम सरकार के अब तक के सबसे बड़े एकमुश्त आपदा राहत हस्तांतरणों में से एक है।

राहत पैकेज का विवरण

मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि शिवसागर और चराइदेव जिलों के गंभीर रूप से प्रभावित परिवारों को आने वाले कुछ दिनों में ₹10,000 की अतिरिक्त सहायता भी दी जाएगी। इसके अलावा, पात्र लाभार्थियों को पीएम सूर्य घर योजना के तहत राज्य सरकार की सब्सिडी भी प्रदान की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतिम मुआवज़े का निर्धारण व्यापक सर्वेक्षण और आकलन पूर्ण होने के बाद किया जाएगा।

मुख्यमंत्री का ज़मीनी दौरा

सरमा ने चराइदेव जिले के बाढ़ग्रस्त इलाकों का नाव के ज़रिए सर्वेक्षण किया और उन परिवारों से मुलाकात की जो अपने घरों को लौट चुके हैं। उन्होंने सर्वाधिक प्रभावित नेपाली खुटी गाँव का भी दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ में जान गंवाने वाली एक युवती के परिजनों से भेंट कर शोक व्यक्त किया और भरोसा दिलाया कि ऐसी त्रासदी की पुनरावृत्ति रोकने के लिए दीर्घकालिक बाढ़ सुरक्षा ढाँचे पर तेज़ी से काम किया जाएगा।

बाढ़ की असाधारण स्थिति

मुख्यमंत्री ने बताया कि ऊपरी असम में सामान्य से 400 प्रतिशत अधिक वर्षा के कारण उन जिलों में भी अचानक बाढ़ आ गई, जहाँ आमतौर पर यह स्थिति नहीं बनती। शिवसागर में स्थानीय निवासियों ने दिखो नदी से उत्पन्न खतरे की जानकारी दी, जिसके मद्देनज़र सरकार ने सुंदरपुखुरी में नए तटबंध के निर्माण की घोषणा की है। उन्होंने कहा, 'तबाही का स्तर बेहद बड़ा है, लेकिन प्रशासन पूरी ताकत से राहत एवं पुनर्वास कार्यों में जुटा हुआ है।'

सामाजिक एकजुटता और आगे की राह

मुख्यमंत्री ने राहत प्रयासों में असम की सामूहिक भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि बच्चे भी अपनी गुल्लक राहत कार्यों के लिए दान कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'ये केवल गुल्लक नहीं हैं, बल्कि असम की मज़बूत बाढ़ राहत मुहिम में हमारे बच्चों का योगदान हैं।' जलस्तर कुछ स्थानों पर अब भी बना हुआ है, और सरकार ने स्थिति की निरंतर निगरानी जारी रखने का आश्वासन दिया है। सामान्य स्थिति बहाल करने और प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण को सरकार ने अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि अंतिम मुआवज़े का 'व्यापक सर्वेक्षण' कब और कैसे पूरा होगा — असम में बाढ़ के बाद के पुनर्वास सर्वेक्षण अतीत में महीनों खिंचते रहे हैं। सामान्य से 400% अधिक वर्षा एक जलवायु चेतावनी है जो सिर्फ तटबंधों से नहीं सुलझती; दिखो नदी पर प्रस्तावित तटबंध स्वागतयोग्य है, पर ब्रह्मपुत्र घाटी में तटबंध-केंद्रित रणनीति की सीमाएँ पहले भी उजागर हो चुकी हैं। बच्चों की गुल्लक और सामुदायिक एकजुटता भावनात्मक रूप से प्रेरक है, लेकिन यह सरकारी ज़िम्मेदारी का विकल्प नहीं — असम को एक स्थायी बाढ़ प्रबंधन ढाँचे की ज़रूरत है, न कि हर साल के आपातकालीन पैकेजों की।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम बाढ़ राहत के तहत कितनी राशि और किन परिवारों को मिली?
चार सर्वाधिक प्रभावित जिलों के लगभग 75,000 परिवारों को ₹15,000 प्रति परिवार की दर से कुल ₹160 करोड़ DBT के माध्यम से बैंक खातों में भेजे गए हैं। यह अंतरिम सहायता है; अंतिम मुआवज़ा सर्वेक्षण के बाद तय होगा।
शिवसागर और चराइदेव को अतिरिक्त सहायता कब मिलेगी?
CM हिमंत बिस्वा सरमा ने घोषणा की है कि शिवसागर और चराइदेव के गंभीर रूप से प्रभावित परिवारों को अगले कुछ दिनों में ₹10,000 की अतिरिक्त सहायता जारी की जाएगी। यह राशि पहले से मिली ₹15,000 से अलग और अतिरिक्त होगी।
ऊपरी असम में इस बार बाढ़ इतनी भीषण क्यों आई?
CM सरमा के अनुसार ऊपरी असम में सामान्य से 400 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई, जिसके कारण उन जिलों में भी अचानक बाढ़ आ गई जहाँ आमतौर पर यह स्थिति नहीं बनती। इस असाधारण वर्षा ने पूरे क्षेत्र में अभूतपूर्व तबाही मचाई।
सुंदरपुखुरी तटबंध की घोषणा क्यों की गई?
शिवसागर के निवासियों ने दिखो नदी से बार-बार बाढ़ के खतरे की जानकारी दी, जिसके बाद सरकार ने सुंदरपुखुरी में नए तटबंध के निर्माण की घोषणा की। इसका उद्देश्य भविष्य में क्षेत्र को बाढ़ से बेहतर और स्थायी सुरक्षा प्रदान करना है।
पीएम सूर्य घर योजना का बाढ़ राहत से क्या संबंध है?
असम सरकार ने बाढ़ प्रभावित पात्र लाभार्थियों को DBT राहत के साथ-साथ पीएम सूर्य घर योजना के तहत राज्य सरकार की सब्सिडी भी प्रदान की है। यह कदम प्रभावित परिवारों को एकीकृत आर्थिक सहायता देने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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