22 जुलाई 2026
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असम बाढ़ 2026: 25 जिलों में 7.27 लाख से अधिक प्रभावित, CM सरमा ने चराइदेव राहत शिविर का किया दौरा

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असम बाढ़ 2026: 25 जिलों में 7.27 लाख से अधिक प्रभावित, CM सरमा ने चराइदेव राहत शिविर का किया दौरा

सारांश

असम में इस साल की बाढ़ ने 25 जिलों में 7.27 लाख से अधिक लोगों को तबाह किया है — 31 जानें गई हैं, 1,700 गाँव प्रभावित हैं और 95 राहत शिविरों में 18,574 लोग शरण लिए हैं। CM सरमा ने चराइदेव पहुँचकर पीड़ितों को सरकारी सहायता का भरोसा दिलाया।

मुख्य बातें

29 अप्रैल से 21 जुलाई 2026 के बीच असम के 25 जिलों में 7,27,506 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए।
बाढ़ में अब तक 31 लोगों की मौत ; सबसे अधिक 14 मौतें शिवसागर जिले में; 3 लोग लापता ।
राज्य में 95 राहत शिविर सक्रिय, 18,574 विस्थापित ; 469 राहत वितरण केंद्र स्थापित।
401 मकान पूरी तरह और 1,848 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त; 185 पशु हताहत।
CM हिमंत बिस्वा सरमा ने 22 जुलाई को चराइदेव राहत शिविर का दौरा कर पीड़ितों से मुलाकात की।
बाढ़ का असर 74 राजस्व सर्किलों और 1,700 गाँवों तक फैला।

असम में इस वर्ष 29 अप्रैल से 21 जुलाई 2026 के बीच आई विनाशकारी बाढ़ ने 25 जिलों में 7,27,506 लोगों को प्रभावित किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार, राज्य में अब तक 31 लोगों की मौत हो चुकी है और 3 लोग लापता हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार, 22 जुलाई को चराइदेव जिले के एक राहत शिविर का दौरा कर बाढ़ पीड़ितों से सीधी मुलाकात की।

बाढ़ का दायरा और प्रभावित क्षेत्र

सरकारी आँकड़ों के अनुसार, बाढ़ का असर 74 राजस्व सर्किलों और 1,700 गाँवों तक फैला हुआ है। प्रभावित जिलों में गोलपाड़ा, कछार, लखीमपुर, धेमाजी, डिब्रूगढ़, जोरहाट, बिश्वनाथ, चराइदेव, नलबाड़ी, बजाली, चिरांग, कोकराझार, बोंगाईगांव, बक्सा, शिवसागर, दरांग, सोनितपुर, तिनसुकिया, उदलगुरी, गोलाघाट, नगांव, कार्बी आंगलोंग, कामरूप, कामरूप महानगर और होजाई शामिल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब असम हर वर्ष मानसून में गंभीर बाढ़ की चपेट में आता है, लेकिन इस बार का दायरा असाधारण रूप से व्यापक है।

मृत्यु और नुकसान के आँकड़े

सरकारी आँकड़ों के अनुसार, बाढ़ से अब तक 31 लोगों की जान जा चुकी है। सबसे अधिक 14 मौतें शिवसागर जिले में दर्ज की गई हैं। इसके अलावा चराइदेव में 6, जोरहाट में 5, धेमाजी और गोलाघाट में 2-2 तथा सोनितपुर और कार्बी आंगलोंग में 1-1 व्यक्ति की मृत्यु हुई है। 19 अप्रैल को कामरूप महानगर में शहरी बाढ़ की एक अलग घटना में भी 1 व्यक्ति की जान गई थी। संपत्ति के नुकसान में 401 मकान पूरी तरह ध्वस्त और 1,848 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। पशुधन को भी भारी क्षति पहुँची है — 119 बड़े पशु, 31 छोटे पशु और 35 पोल्ट्री पक्षी सहित कुल 185 पशु बाढ़ में बह गए या मारे गए।

राहत और पुनर्वास की स्थिति

राज्य में फिलहाल 95 राहत शिविर संचालित हैं, जहाँ 18,574 विस्थापित लोग शरण लिए हुए हैं। खाद्य सामग्री, पेयजल और अन्य ज़रूरी राहत सामग्री वितरण के लिए 469 राहत वितरण केंद्र स्थापित किए गए हैं। असम सरकार, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियाँ मिलकर प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं की बहाली में जुटी हैं।

मुख्यमंत्री सरमा की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "असम बाढ़ से हुई व्यापक तबाही का यह वास्तविक स्वरूप है। मैंने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया है कि वे इस संकट में अकेले नहीं हैं। हमारी सरकार राहत, पुनर्वास और आजीविका के पुनर्निर्माण के हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।" चराइदेव के राहत शिविर दौरे के दौरान उन्होंने कहा, "यहाँ चिकित्सा दल और सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। मैंने हर परिवार को भरोसा दिलाया है कि राहत, पुनर्वास और सामान्य स्थिति बहाल होने तक सरकार उनके साथ खड़ी रहेगी।" गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब असम के मुख्यमंत्री को बाढ़ राहत शिविरों का दौरा करना पड़ा हो — राज्य हर साल इस प्राकृतिक आपदा से जूझता है, लेकिन दीर्घकालिक समाधान अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

आगे की राह

तीन लापता व्यक्तियों — धेमाजी, चराइदेव और कार्बी आंगलोंग से एक-एक — की खोज जारी है। राज्य सरकार का कहना है कि पुनर्वास और आजीविका बहाली का काम युद्धस्तर पर जारी रहेगा। मानसून का मौसम अभी बाकी है, ऐसे में बाढ़ की स्थिति और बिगड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

आँकड़ों की घोषणाएँ और 'सरकार साथ है' के आश्वासन सामने आते हैं — लेकिन ब्रह्मपुत्र की बाढ़ को स्थायी रूप से नियंत्रित करने की दिशा में ठोस प्रगति की तस्वीर धुंधली ही रहती है। 7.27 लाख प्रभावित और 31 मौतें केवल इस सत्र की कहानी नहीं हैं — यह दशकों की नीतिगत जड़ता का परिणाम है। असली सवाल यह है कि राहत वितरण केंद्रों और शिविरों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ राज्य और केंद्र सरकार बाढ़ नियंत्रण के बुनियादी ढाँचे में कितना निवेश कर रही हैं — जिसका जवाब इन आँकड़ों में नहीं मिलता।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम बाढ़ 2026 में कितने लोग प्रभावित हुए हैं?
मुख्यमंत्री कार्यालय के आँकड़ों के अनुसार, 29 अप्रैल से 21 जुलाई 2026 के बीच असम के 25 जिलों में 7,27,506 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। बाढ़ का असर 74 राजस्व सर्किलों और 1,700 गाँवों तक फैला हुआ है।
असम बाढ़ 2026 में अब तक कितनी मौतें हुई हैं?
सरकारी आँकड़ों के अनुसार अब तक 31 लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे अधिक 14 मौतें शिवसागर जिले में हुई हैं, इसके अलावा 3 लोग अभी भी लापता हैं।
असम में बाढ़ राहत के लिए क्या व्यवस्था की गई है?
राज्य में 95 राहत शिविर संचालित हैं जहाँ 18,574 विस्थापित लोग रह रहे हैं। इसके अलावा खाद्य सामग्री, पेयजल और अन्य ज़रूरी सामग्री वितरण के लिए 469 राहत वितरण केंद्र स्थापित किए गए हैं।
CM हिमंत बिस्वा सरमा ने किस राहत शिविर का दौरा किया?
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 22 जुलाई 2026 को चराइदेव जिले के एक राहत शिविर का दौरा किया और बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने आश्वासन दिया कि राहत, पुनर्वास और सामान्य स्थिति बहाल होने तक सरकार पीड़ितों के साथ खड़ी रहेगी।
असम बाढ़ 2026 में संपत्ति और पशुधन को कितना नुकसान हुआ?
बाढ़ में 401 मकान पूरी तरह नष्ट हो गए और 1,848 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए। पशुधन में 119 बड़े पशु, 31 छोटे पशु और 35 पोल्ट्री पक्षी सहित कुल 185 पशु हताहत हुए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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