असम बाढ़: नागालैंड की भारी बारिश से चराइदेव-शिवसागर में तबाही, 31 की मौत, 7 लाख प्रभावित
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 24 जुलाई को गुवाहाटी में पत्रकारों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि चराइदेव और शिवसागर जिलों में आई विनाशकारी बाढ़ का मुख्य कारण ऊपरी असम के साथ-साथ पड़ोसी राज्य नागालैंड के मोन, मोकोकचुंग और वोखा जिलों में हुई असाधारण वर्षा है। अब तक 31 लोगों की जान जा चुकी है और करीब 7 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री सरमा के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में मौसमी औसत से 435 से 490 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई। इस अभूतपूर्व बारिश के कारण नागालैंड की पहाड़ियों से असम की ओर बहने वाली नदियाँ, नाले और जल निकासी मार्ग उफान पर आ गए, जिससे बाढ़ की स्थिति और भीषण हो गई।
उन्होंने बताया कि शिवसागर में 21 और चराइदेव में 10 लोगों की मृत्यु हुई है, जबकि 7 लोग अभी भी लापता हैं। दोनों जिलों के बड़े हिस्से जलमग्न हैं।
भौगोलिक कारण और संवेदनशीलता
मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि ऊपरी असम की भौगोलिक स्थिति के कारण चराइदेव और शिवसागर जैसे जिले पड़ोसी पहाड़ी राज्य से अचानक आने वाले जल प्रवाह के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील हैं। यह ऐसे समय में आया है जब ये क्षेत्र परंपरागत रूप से बड़े पैमाने पर बाढ़ की चपेट में नहीं आते थे — जिससे इस बार की तबाही और अधिक चिंताजनक हो जाती है।
गौरतलब है कि अंतर-राज्यीय जल प्रवाह के कारण असम में बाढ़ की यह घटना पहली बार नहीं है, लेकिन सामान्य से 490% तक अधिक वर्षा का आँकड़ा हाल के वर्षों में दुर्लभ है।
राहत और बचाव अभियान
राज्य सरकार ने राहत एवं बचाव कार्यों को तेज कर दिया है। सेना, भारतीय वायु सेना, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और जिला प्रशासन की टीमें फँसे हुए निवासियों को निकालने और राहत सामग्री पहुँचाने में जुटी हैं। राहत कार्यों की निगरानी के लिए दो राज्य मंत्री प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किए गए हैं।
हालाँकि, मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों के कारण प्रभावित क्षेत्र का लगभग 20 से 25 प्रतिशत हिस्सा अभी भी प्रशासन के लिए दुर्गम बना हुआ है।
आम जनता पर असर
दोनों जिलों में करीब 7 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। घर, फसलें और बुनियादी ढाँचा बड़े पैमाने पर क्षतिग्रस्त हुए हैं। जलमग्न इलाकों में फँसे परिवारों तक राहत पहुँचाना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
क्या होगा आगे
मुख्यमंत्री सरमा ने संकेत दिया कि जैसे-जैसे संपर्क मार्ग बहाल होंगे, राहत अभियान और तेज किया जाएगा। लापता 7 लोगों की तलाश जारी है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी उतरने के बाद नुकसान का पूरा आकलन किया जाएगा।