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असम बाढ़: जाजी, दिखो, दिचांग नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर, CM सरमा ने अपनाया 'समग्र सरकारी' दृष्टिकोण

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असम बाढ़: जाजी, दिखो, दिचांग नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर, CM सरमा ने अपनाया 'समग्र सरकारी' दृष्टिकोण

सारांश

ऊपरी असम में जाजी, दिखो और दिचांग नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। जोरहाट, शिवसागर, चराइदेव और डिब्रूगढ़ जिले जलमग्न हैं। CM सरमा ने 'समग्र सरकारी' दृष्टिकोण अपनाते हुए सभी विभागों को सक्रिय किया और अधिकारियों को मौके पर तैनात रहने के निर्देश दिए।

मुख्य बातें

जाजी, दिखो और दिचांग नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे ऊपरी असम के कई जिले जलमग्न हैं।
जोरहाट, शिवसागर, चराइदेव और डिब्रूगढ़ जिले सर्वाधिक प्रभावित हैं।
CM हिमंता बिस्वा सरमा ने 20 जुलाई 2026 को 'समग्र सरकारी' दृष्टिकोण की घोषणा की।
तटबंधों को मज़बूत करने, रेत की बोरियाँ बिछाने और नियंत्रित पाइपिंग संचालन के लिए विशेष दल तैनात।
मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी बाढ़ प्रभावित जिलों में भेजे गए; राहत वितरण युद्धस्तर पर जारी।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 20 जुलाई 2026 को घोषणा की कि राज्य सरकार ने ऊपरी असम में तेज़ी से बिगड़ती बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए 'समग्र सरकारी' दृष्टिकोण लागू किया है। लगातार भारी वर्षा के कारण जाजी, दिखो और दिचांग नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे जोरहाट, शिवसागर, चराइदेव, डिब्रूगढ़ और आसपास के जिलों में व्यापक जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

मुख्य घटनाक्रम

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि क्षेत्र में अभूतपूर्व बारिश के कारण नदियाँ उफान पर हैं। पिछले दो दिनों में ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हुई मूसलाधार बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है। जोरहाट, शिवसागर, चराइदेव और डिब्रूगढ़ जिलों के विशाल इलाके जलमग्न हो गए हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी सरकारी विभागों को सक्रिय कर दिया गया है और वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जब तक बाढ़ की स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, वे प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद रहें। राज्य सरकार ने स्थिति का जमीनी आकलन करने और स्थानीय प्रशासन के साथ राहत वितरण का समन्वय करने के लिए मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित जिलों में पहले ही भेज दिया है।

सरमा ने कहा, 'लोगों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मैं व्यक्तिगत रूप से स्थिति पर नज़र रख रहा हूँ ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी आवश्यक राहत और पुनर्वास प्रयास प्रभावित परिवारों तक बिना किसी देरी के पहुँचें।'

तटबंध सुरक्षा उपाय

राज्य प्रशासन ने तटबंधों को मज़बूत करने और आपातकालीन बाढ़ सुरक्षा उपाय लागू करने के लिए महत्वपूर्ण स्थानों पर विशेष दल तैनात किए हैं। ये दल तटबंधों के कमज़ोर हिस्सों को मज़बूत कर रहे हैं, रेत की बोरियों की अतिरिक्त परतें बिछा रहे हैं और बढ़ते जलस्तर के प्रभाव को कम करने तथा तटबंधों के टूटने से बचाने के लिए नियंत्रित पाइपिंग संचालन कर रहे हैं।

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब ऊपरी असम पहले से ही मानसून की मार झेल रहा है। जोरहाट, शिवसागर, चराइदेव और डिब्रूगढ़ जैसे जिलों में हज़ारों परिवार प्रभावित हुए हैं। गौरतलब है कि असम हर वर्ष बाढ़ की विभीषिका झेलता है और ब्रह्मपुत्र घाटी की भौगोलिक संरचना इसे देश के सर्वाधिक बाढ़-संवेदनशील क्षेत्रों में से एक बनाती है।

क्या होगा आगे

मुख्यमंत्री के अनुसार, राहत और पुनर्वास उपाय युद्धस्तर पर लागू किए जा रहे हैं। विभिन्न विभागों के समन्वय से संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा और जान-माल के नुकसान को कम करने के प्रयास जारी हैं। बाढ़ की स्थिति पर नज़र रखी जा रही है और आगे की वर्षा को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी हर साल 'युद्धस्तर पर राहत' और 'समन्वित दृष्टिकोण' के वही वादे सुनाई देते हैं। असली सवाल यह है कि तटबंध मज़बूत करने और रेत की बोरियाँ बिछाने जैसे अल्पकालिक उपायों से आगे बढ़कर दीर्घकालिक बाढ़ प्रबंधन नीति कब बनेगी। ब्रह्मपुत्र घाटी के लिए स्थायी समाधान — चाहे वह नदी प्रबंधन हो या जलग्रहण क्षेत्र संरक्षण — की माँग वर्षों से उठती रही है, लेकिन संकट टलते ही चर्चा भी थम जाती है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम में इस बार बाढ़ से कौन-से जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं?
जोरहाट, शिवसागर, चराइदेव और डिब्रूगढ़ जिले सर्वाधिक प्रभावित हैं। जाजी, दिखो और दिचांग नदियों के खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण इन जिलों के विशाल क्षेत्र जलमग्न हो गए हैं।
CM हिमंता बिस्वा सरमा का 'समग्र सरकारी' दृष्टिकोण क्या है?
इस दृष्टिकोण के तहत सभी सरकारी विभागों को एक साथ सक्रिय किया गया है और वरिष्ठ अधिकारियों को बाढ़ सामान्य होने तक प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री और अधिकारी सीधे जमीन पर जाकर राहत वितरण का समन्वय कर रहे हैं।
तटबंधों को टूटने से बचाने के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं?
अधिकारी तटबंधों के कमज़ोर हिस्सों को मज़बूत कर रहे हैं, रेत की बोरियों की अतिरिक्त परतें बिछा रहे हैं और बढ़ते जलस्तर के प्रभाव को कम करने के लिए नियंत्रित पाइपिंग संचालन कर रहे हैं।
ऊपरी असम में बाढ़ की स्थिति इतनी खराब क्यों हुई?
क्षेत्र और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में पिछले दो दिनों में हुई अभूतपूर्व भारी बारिश के कारण जाजी, दिखो और दिचांग नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे बाढ़ की स्थिति तेज़ी से बिगड़ी है।
प्रभावित परिवारों को राहत कैसे पहुँचाई जा रही है?
राज्य सरकार ने मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित जिलों में भेजा है जो जमीनी स्थिति का आकलन कर स्थानीय प्रशासन के साथ राहत वितरण का समन्वय कर रहे हैं। CM सरमा के अनुसार, राहत और पुनर्वास उपाय युद्धस्तर पर लागू किए जा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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