सनातन को मुगल-अंग्रेज न मिटा सके, अब कौन मिटाएगा: कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया का योगी पर पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया ने 4 सितंबर को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सनातन संबंधी बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि हजारों वर्षों में मुगल और अंग्रेज भी सनातन को समाप्त नहीं कर सके, तो अब कोई और इसे कैसे मिटा सकता है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की आहट के बीच धार्मिक मुद्दों, राम मंदिर ट्रस्ट में सीईओ की नियुक्ति और कांग्रेस-भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
योगी के बयान पर पुनिया का पलटवार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में कहा था कि सनातन की आस्था को कोई मिटा नहीं पाया और मथुरा में अयोध्या-काशी की तर्ज पर भव्य परिसर बनाने की बात कही थी। इस पर पलटवार करते हुए पुनिया ने कहा कि सनातन सदियों से अपनी जड़ों में जीवित है और इसे किसी राजनीतिक संरक्षण की जरूरत नहीं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि धार्मिक बयानबाजी के बजाय स्कूलों, अस्पतालों और स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली पर ध्यान दिया जाए।
पुनिया के अनुसार, सरकारी अस्पतालों में दवाइयों, तकनीशियनों, एक्स-रे और एमआरआई जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है और बारिश के मौसम में कक्षाओं में पानी भर जाने की घटनाएं आम हो चली हैं।
राम मंदिर ट्रस्ट और चंपत राय विवाद
राम मंदिर ट्रस्ट में नए सीईओ की नियुक्ति और संत कमल नयन दास द्वारा पूर्व महासचिव चंपत राय के समर्थन पर पुनिया ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मंदिर में चंदे और चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताएं चंपत राय की देखरेख के दौरान हुईं। पुनिया के अनुसार, इस मामले में छोटे कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई, लेकिन बड़े पदाधिकारियों के विरुद्ध न एफआईआर दर्ज हुई और न ही व्यापक जांच की गई।
युवा आंदोलन और मायावती की राजनीति
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के जेन-जी और जेन-अल्फा पर फोकस को लेकर पुनिया ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और युवाओं को प्रदर्शन करने का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि यदि प्रदर्शनकारी युवाओं ने किसी राजनीतिक दल को धन्यवाद दिया, तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) को इस पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती द्वारा आकाश आनंद को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी से दूर रखने के सवाल पर पुनिया ने कहा कि जिम्मेदारी दिए बिना किसी के परिपक्व होने की उम्मीद नहीं की जा सकती। उनके अनुसार, जब भी आकाश आनंद भाजपा के खिलाफ बोलते हैं, तभी उनके पद से हटाए जाने की खबरें आती हैं।
मायावती की कांग्रेस पर टिप्पणी के जवाब में पुनिया ने कहा कि यदि बहुजन समाज पार्टी (BSP) वास्तव में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर और संविधान में विश्वास करती है, तो उसे विपक्षी गठबंधन के साथ आकर भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ना चाहिए था।
हल्दवानी विवाद और राहुल गांधी का बचाव
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़े हल्दवानी 'शुद्धिकरण' विवाद पर पुनिया ने कहा कि कांग्रेस न्याय मिलने तक यह मुद्दा उठाती रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद जांच का आश्वासन दिया गया था, लेकिन कई दिन बीतने के बाद भी एफआईआर तक दर्ज नहीं हुई। पुनिया ने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ कुछ ही घंटों में एफआईआर दर्ज होती है, जो भाजपा के राजनीतिक भेदभाव को उजागर करती है।
राहुल गांधी के मनुस्मृति संबंधी बयान पर अनिरुद्धाचार्य महाराज की आपत्ति को लेकर पुनिया ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी ने मनुस्मृति के उन प्रावधानों का संदर्भ दिया था जो महिलाओं, दलितों और पिछड़े वर्गों की स्थिति से संबंधित हैं। उन्होंने कहा कि भारत किसी धार्मिक ग्रंथ के आधार पर नहीं, बल्कि संविधान के आधार पर चलेगा।
सेंट्रल विस्टा और प्राथमिकताओं का सवाल
सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना पर कांग्रेस की आपत्तियों का बचाव करते हुए पुनिया ने कहा कि कोरोना महामारी के चरम के दौरान हजारों करोड़ रुपए की इस परियोजना के लिए धनराशि आवंटित की गई, जबकि उस समय प्राथमिकता मजदूरों को घर पहुंचाने, जरूरतमंदों को राशन-दवा उपलब्ध कराने और अस्पतालों का बुनियादी ढांचा मजबूत करने की होनी चाहिए थी। तमिलनाडु में करीब ₹1,200 करोड़ के सचिवालय प्रोजेक्ट पर उन्होंने कहा कि विकास कार्य होना अच्छी बात है, लेकिन कांग्रेस की आपत्ति प्राथमिकताओं को लेकर थी, न कि विकास से।
उत्तर प्रदेश चुनावी समर में धर्म, सुशासन और संवैधानिक मूल्यों के इर्द-गिर्द यह बहस आने वाले हफ्तों में और तेज होने के आसार हैं।