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पीएम आवास योजना से जामताड़ा में 25,800 से अधिक गरीब परिवारों को मिला पक्का घर, बदली ज़िंदगी

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पीएम आवास योजना से जामताड़ा में 25,800 से अधिक गरीब परिवारों को मिला पक्का घर, बदली ज़िंदगी

सारांश

झारखंड के जामताड़ा में पीएम आवास योजना ने 25,800 से अधिक परिवारों की ज़िंदगी बदल दी है — कच्ची छत और बारिश में भरते पानी से लेकर पक्के घर, शौचालय और मुफ़्त बिजली तक। नगर पंचायत का लक्ष्य अगले 5 वर्षों में जामताड़ा को पूरी तरह झोपड़ी-मुक्त करना है।

मुख्य बातें

जामताड़ा जिले में 25,800 से अधिक परिवारों को पीएम आवास योजना के तहत मकान स्वीकृत।
18,000 से ज़्यादा घरों का निर्माण पूरा, कई परिवारों ने गृह प्रवेश कर लिया।
लाभार्थियों को आवास के साथ शौचालय , उज्ज्वला गैस कनेक्शन , बिजली कनेक्शन और 200 यूनिट मुफ़्त बिजली भी मिल रही है।
DBT के ज़रिए तीन किस्तों में पारदर्शी भुगतान से योजना की रफ़्तार बढ़ी।
नगर पंचायत का लक्ष्य 5 वर्षों में जामताड़ा को झोपड़ी-मुक्त बनाना।
बावरी समाज (अनुसूचित जाति) सहित हाशिये पर रहने वाले समुदायों को प्राथमिकता से लाभ।

केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण ने झारखंड के जामताड़ा जिले में हज़ारों गरीब परिवारों के 'पक्के घर' के सपने को साकार कर दिया है। 4 सितंबर 2026 तक जिले में 25,800 से अधिक लाभार्थियों को आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से 18,000 से ज़्यादा घरों का निर्माण पूरा हो चुका है। कभी कच्चे मकानों और प्लास्टिक की छत तले गुज़र-बसर करने वाले परिवार अब पक्की दीवारों, शौचालय और गरिमापूर्ण जीवन का अनुभव कर रहे हैं।

लाभार्थियों की बदलती तस्वीर

जामताड़ा प्रखंड की नगर पंचायत शहरी क्षेत्र की लाभार्थी सुनीता बावरी ने बताया कि उनका पाँच सदस्यों का परिवार पहले मिट्टी और टीन के घर में रहता था। हर बारिश में घर के भीतर पानी भर जाता था। 2023 में योजना के तहत मकान स्वीकृत होने के बाद आज उनके पास दो कमरे, रसोई और शौचालय वाला पक्का घर है। उनके अनुसार, यह बदलाव किसी चमत्कार से कम नहीं।

मनरेगा में मज़दूरी करने वाले बलराम रजक ने बताया कि सरकार से तीन किस्तों में मिली राशि से उन्होंने अपना घर पूरा किया। उन्होंने कहा, 'आवास मिलने के बाद अब परिवार और मुझे राहत मिली है।' राघवन गाँव के बावरी समाज (अनुसूचित जाति) के लोगों को भी इस योजना का लाभ मिला है। चापाकल मिस्त्री कोकील बावरी के अनुसार, आवास बन जाने के बाद वे पहले से कहीं बेहतर और आरामदायक जीवन जी रहे हैं।

योजना के तहत मिलने वाली सुविधाएँ

जिला प्रशासन के आँकड़ों के अनुसार, आवास के साथ-साथ लाभार्थियों को शौचालय, उज्ज्वला गैस कनेक्शन और बिजली कनेक्शन भी उपलब्ध कराया जा रहा है। लाभार्थी कौशल्या देवी ने बताया कि उन्हें 200 यूनिट तक बिजली मुफ़्त मिल रही है और उनकी बुज़ुर्ग सास को सरकारी पेंशन का भी लाभ मिल रहा है। गाँव-गाँव में अब 'आवास प्लस' के बोर्ड लगे हैं, जो इस योजना की पहुँच को दर्शाते हैं।

प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की राय

नगर पंचायत के वार्ड पार्षद आलोक किस्कु ने बताया कि योजना में किस्त की राशि बढ़ाई गई है और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के ज़रिए पारदर्शी भुगतान से काम में तेज़ी आई है। उन्होंने कहा, 'पहले कच्चा मकान होने के कारण कई तरह की असुविधाएँ होती थीं, अब सुविधा हो रही है।'

आगे का लक्ष्य: जामताड़ा को झोपड़ी-मुक्त बनाना

नगर पंचायत ने आगामी 5 वर्षों में जामताड़ा को पूरी तरह झोपड़ी-मुक्त करने का संकल्प लिया है। लाभार्थियों के अनुसार, इस अवधि में झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले सभी परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में 'सबके लिए आवास' के संकल्प को ज़मीनी स्तर पर उतारने की कोशिशें तेज़ हो रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि 25,800 स्वीकृत मकानों में से अभी भी लगभग 7,800 का निर्माण अधूरा है — यानी लगभग 30% लाभार्थी अभी भी प्रतीक्षा में हैं। DBT और पारदर्शिता के दावों के बावजूद, किस्त में देरी और निर्माण गुणवत्ता जैसे सवाल राष्ट्रीय स्तर पर इस योजना के साथ जुड़े रहे हैं। जामताड़ा को 5 वर्षों में झोपड़ी-मुक्त करने का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, और इसकी सफलता स्वतंत्र सत्यापन तथा निरंतर बजट प्रतिबद्धता पर निर्भर करेगी।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जामताड़ा में पीएम आवास योजना के तहत कितने घर बने हैं?
जिला प्रशासन के आँकड़ों के अनुसार, जामताड़ा जिले में अब तक 25,800 से अधिक लाभार्थियों को पीएम आवास योजना के तहत मकान स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 18,000 से ज़्यादा घरों का निर्माण पूरा हो चुका है।
पीएम आवास योजना के तहत लाभार्थियों को क्या-क्या सुविधाएँ मिलती हैं?
पक्के मकान के अलावा लाभार्थियों को शौचालय, उज्ज्वला गैस कनेक्शन, बिजली कनेक्शन और 200 यूनिट तक मुफ़्त बिजली भी उपलब्ध कराई जा रही है। कुछ लाभार्थियों को वृद्धावस्था पेंशन का भी लाभ मिल रहा है।
योजना में किस्त का पैसा कैसे मिलता है?
योजना के तहत राशि तीन किस्तों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के ज़रिए सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। वार्ड पार्षद आलोक किस्कु के अनुसार, इस पारदर्शी प्रक्रिया से योजना में तेज़ी आई है।
जामताड़ा को झोपड़ी-मुक्त करने का लक्ष्य कब तक है?
नगर पंचायत ने आगामी 5 वर्षों में जामताड़ा को पूरी तरह झोपड़ी-मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। इस अवधि में झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले सभी परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने की योजना है।
क्या अनुसूचित जाति के परिवारों को भी इस योजना का लाभ मिला है?
हाँ, जामताड़ा के राघवन गाँव में बावरी समाज (अनुसूचित जाति) के परिवारों को पीएम आवास योजना का लाभ मिला है। इन परिवारों को आवास के साथ-साथ मुफ़्त बिजली, उज्ज्वला गैस और पेंशन का भी लाभ दिया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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