मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेन भारती की चेतावनी: बिश्नोई गैंग समेत किसी भी संगठित गिरोह को नहीं जमाने देंगे पैर
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेन भारती ने 4 सितंबर को बिश्नोई गैंग के नाम पर शहर में जारी धमकियों और संगठित आपराधिक गिरोहों की गतिविधियों के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुंबई पुलिस किसी भी गैंग को शहर में पैर जमाने नहीं देगी और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाएगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब कई फिल्मी हस्तियों और सेलिब्रिटीज को बिश्नोई गैंग के नाम पर लगातार धमकियाँ मिलने की खबरें सामने आई हैं।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस कमिश्नर देवेन भारती ने कहा, '90 के दशक में लोगों ने देखा है कि किस तरह अंडरवर्ल्ड का सफाया किया गया था। अगर कोई संगठित गिरोह कुछ करने की कोशिश करता है, तो उससे निपटने के लिए मुंबई पुलिस पूरी तरह सक्षम है।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि मुंबई में किसी भी गैंग को पैर नहीं जमाने दिया जाएगा।
गौरतलब है कि 1990 के दशक में मुंबई पुलिस ने अंडरवर्ल्ड के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया था, जिसके परिणामस्वरूप संगठित अपराध पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया था। भारती का यह संदर्भ स्पष्ट रूप से उस इतिहास को दोहराने की प्रतिबद्धता की ओर इशारा करता है।
सीजेपी कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई
मुंबई के कोलाबा इलाके में स्थित बीएमसी स्कूलों में कथित 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत सीजेपी (CJP) कार्यकर्ताओं के पहुँचने पर विवाद खड़ा हो गया। जानकारी के अनुसार, स्कूल प्रशासन ने इस मामले की शिकायत कोलाबा पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने सीजेपी से जुड़े कई लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कमिश्नर देवेन भारती ने कहा कि अगर सीजेपी कार्यकर्ता बीएमसी या किसी भी सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल अथवा स्कूल प्रशासन की अनुमति के बिना प्रवेश करते हैं और शिकायत आती है, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार की प्रतिक्रिया
कमिश्नर ने दो-टूक कहा, 'कानून के उल्लंघन की इजाजत किसी को नहीं है। बिना अनुमति किसी भी स्कूल परिसर में प्रवेश नहीं किया जा सकता। सीजेपी कार्यकर्ता भी बिना इजाजत किसी स्कूल में प्रवेश नहीं कर सकते।' यह बयान स्पष्ट करता है कि पुलिस किसी भी संगठन या व्यक्ति को कानूनी प्रक्रिया से परे जाने की छूट नहीं देगी।
आम जनता पर असर
बिश्नोई गैंग की धमकियों के चलते मुंबई में सेलिब्रिटीज और फिल्मी हस्तियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएँ बढ़ी हैं। पुलिस कमिश्नर के इस बयान से आम नागरिकों और संभावित निशाने पर रहे लोगों को आश्वासन मिलने की उम्मीद है। वहीं, बीएमसी स्कूलों में अनधिकृत प्रवेश का मामला शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा और नागरिक संगठनों की जवाबदेही पर नई बहस छेड़ता है।
क्या होगा आगे
मुंबई पुलिस के अनुसार, संगठित आपराधिक गिरोहों की गतिविधियों पर निगरानी जारी रहेगी और किसी भी सुराग पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। सीजेपी से जुड़े दर्ज मामले की जाँच कोलाबा पुलिस कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है।