4 सितंबर 2026
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मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेन भारती की चेतावनी: बिश्नोई गैंग समेत किसी भी संगठित गिरोह को नहीं जमाने देंगे पैर

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मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेन भारती की चेतावनी: बिश्नोई गैंग समेत किसी भी संगठित गिरोह को नहीं जमाने देंगे पैर

सारांश

मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेन भारती ने 4 सितंबर को दो-टूक चेतावनी दी — बिश्नोई गैंग हो या कोई और, किसी भी संगठित गिरोह को शहर में पैर नहीं जमाने दिया जाएगा। साथ ही कोलाबा के बीएमसी स्कूलों में सीजेपी कार्यकर्ताओं के अनधिकृत प्रवेश पर पुलिस ने मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई का संकेत दिया।

मुख्य बातें

मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेन भारती ने 4 सितंबर को बिश्नोई गैंग समेत सभी संगठित आपराधिक गिरोहों के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की।
भारती ने 1990 के दशक के अंडरवर्ल्ड-विरोधी अभियान का हवाला देते हुए कहा कि मुंबई पुलिस किसी भी गैंग से निपटने में पूरी तरह सक्षम है।
कोलाबा स्थित बीएमसी स्कूलों में सीजेपी कार्यकर्ताओं के बिना अनुमति प्रवेश पर स्कूल प्रशासन की शिकायत के बाद कोलाबा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज।
कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि बिना प्रिंसिपल या स्कूल प्रशासन की अनुमति के किसी भी स्कूल परिसर में प्रवेश पर कड़ी कार्रवाई होगी।
बिश्नोई गैंग के नाम पर कई फिल्मी हस्तियों और सेलिब्रिटीज को धमकियाँ मिलने के मामले सामने आने के बाद यह बयान आया।

मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेन भारती ने 4 सितंबर को बिश्नोई गैंग के नाम पर शहर में जारी धमकियों और संगठित आपराधिक गिरोहों की गतिविधियों के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुंबई पुलिस किसी भी गैंग को शहर में पैर जमाने नहीं देगी और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाएगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब कई फिल्मी हस्तियों और सेलिब्रिटीज को बिश्नोई गैंग के नाम पर लगातार धमकियाँ मिलने की खबरें सामने आई हैं।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस कमिश्नर देवेन भारती ने कहा, '90 के दशक में लोगों ने देखा है कि किस तरह अंडरवर्ल्ड का सफाया किया गया था। अगर कोई संगठित गिरोह कुछ करने की कोशिश करता है, तो उससे निपटने के लिए मुंबई पुलिस पूरी तरह सक्षम है।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि मुंबई में किसी भी गैंग को पैर नहीं जमाने दिया जाएगा।

गौरतलब है कि 1990 के दशक में मुंबई पुलिस ने अंडरवर्ल्ड के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया था, जिसके परिणामस्वरूप संगठित अपराध पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया था। भारती का यह संदर्भ स्पष्ट रूप से उस इतिहास को दोहराने की प्रतिबद्धता की ओर इशारा करता है।

सीजेपी कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई

मुंबई के कोलाबा इलाके में स्थित बीएमसी स्कूलों में कथित 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत सीजेपी (CJP) कार्यकर्ताओं के पहुँचने पर विवाद खड़ा हो गया। जानकारी के अनुसार, स्कूल प्रशासन ने इस मामले की शिकायत कोलाबा पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने सीजेपी से जुड़े कई लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कमिश्नर देवेन भारती ने कहा कि अगर सीजेपी कार्यकर्ता बीएमसी या किसी भी सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल अथवा स्कूल प्रशासन की अनुमति के बिना प्रवेश करते हैं और शिकायत आती है, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सरकार की प्रतिक्रिया

कमिश्नर ने दो-टूक कहा, 'कानून के उल्लंघन की इजाजत किसी को नहीं है। बिना अनुमति किसी भी स्कूल परिसर में प्रवेश नहीं किया जा सकता। सीजेपी कार्यकर्ता भी बिना इजाजत किसी स्कूल में प्रवेश नहीं कर सकते।' यह बयान स्पष्ट करता है कि पुलिस किसी भी संगठन या व्यक्ति को कानूनी प्रक्रिया से परे जाने की छूट नहीं देगी।

आम जनता पर असर

बिश्नोई गैंग की धमकियों के चलते मुंबई में सेलिब्रिटीज और फिल्मी हस्तियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएँ बढ़ी हैं। पुलिस कमिश्नर के इस बयान से आम नागरिकों और संभावित निशाने पर रहे लोगों को आश्वासन मिलने की उम्मीद है। वहीं, बीएमसी स्कूलों में अनधिकृत प्रवेश का मामला शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा और नागरिक संगठनों की जवाबदेही पर नई बहस छेड़ता है।

क्या होगा आगे

मुंबई पुलिस के अनुसार, संगठित आपराधिक गिरोहों की गतिविधियों पर निगरानी जारी रहेगी और किसी भी सुराग पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। सीजेपी से जुड़े दर्ज मामले की जाँच कोलाबा पुलिस कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि बिश्नोई गैंग की धमकियाँ जिस तेज़ी से सामने आ रही हैं, उसके मद्देनज़र क्या मुंबई पुलिस के पास पर्याप्त खुफिया तंत्र मौजूद है। 90 के दशक के अंडरवर्ल्ड और आज के डिजिटल-नेटवर्क वाले गैंग में जमीन-आसमान का फर्क है — तब सफाया भौगोलिक था, अब चुनौती सीमाओं से परे है। सीजेपी मामला अलग प्रकृति का है, लेकिन इसे उसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में जोड़ना यह संकेत देता है कि पुलिस नागरिक संगठनों को भी 'कानून-व्यवस्था के लिए जोखिम' की श्रेणी में देख रही है — जो एक अलग बहस की माँग करता है।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेन भारती ने बिश्नोई गैंग को लेकर क्या कहा?
कमिश्नर देवेन भारती ने 4 सितंबर को स्पष्ट किया कि मुंबई पुलिस बिश्नोई गैंग समेत किसी भी संगठित आपराधिक गिरोह को शहर में पैर नहीं जमाने देगी। उन्होंने 1990 के दशक के अंडरवर्ल्ड-विरोधी अभियान का हवाला देते हुए कहा कि पुलिस किसी भी गैंग से निपटने में पूरी तरह सक्षम है।
सीजेपी कार्यकर्ताओं पर मुंबई में मामला क्यों दर्ज हुआ?
कोलाबा स्थित बीएमसी स्कूलों में सीजेपी कार्यकर्ता कथित 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत बिना अनुमति पहुँचे थे। स्कूल प्रशासन की शिकायत पर कोलाबा पुलिस स्टेशन में सीजेपी से जुड़े कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
बीएमसी स्कूलों में बिना अनुमति प्रवेश पर क्या कार्रवाई होगी?
पुलिस कमिश्नर देवेन भारती ने कहा है कि किसी भी संगठन या व्यक्ति को प्रिंसिपल या स्कूल प्रशासन की अनुमति के बिना स्कूल परिसर में प्रवेश की इजाजत नहीं है। शिकायत मिलने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुंबई में बिश्नोई गैंग की धमकियाँ किसे मिल रही हैं?
रिपोर्टों के अनुसार, बिश्नोई गैंग के नाम पर कई फिल्मी हस्तियों और सेलिब्रिटीज को धमकियाँ मिल रही हैं। इन मामलों के सामने आने के बाद ही पुलिस कमिश्नर ने यह सार्वजनिक चेतावनी जारी की।
1990 के दशक में मुंबई पुलिस ने अंडरवर्ल्ड के खिलाफ क्या किया था?
1990 के दशक में मुंबई पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया था, जिससे अंडरवर्ल्ड की गतिविधियों पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया था। कमिश्नर भारती ने इसी इतिहास का हवाला देते हुए वर्तमान में भी ऐसी ही दृढ़ता का संकेत दिया।
राष्ट्र प्रेस
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