4 सितंबर 2026
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नोएडा में एटीएम कार्ड जालसाजी गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार; गोंद से कार्ड फंसाकर करते थे पिन चोरी

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नोएडा में एटीएम कार्ड जालसाजी गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार; गोंद से कार्ड फंसाकर करते थे पिन चोरी

सारांश

नोएडा में एटीएम कार्ड स्लॉट में गोंद लगाकर पिन चुराने वाले तीन शातिर जालसाजों को पुलिस ने दबोचा। महादेव हल्दर, साबिर और आबिद — तीनों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड हैं। पुलिस अब नोएडा और आसपास की और वारदातों की जांच कर रही है।

मुख्य बातें

नोएडा थाना सेक्टर-113 पुलिस ने 4 सितंबर 2026 को एटीएम कार्ड धोखाधड़ी गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया।
गिरोह एटीएम कार्ड स्लॉट में गोंद लगाकर कार्ड फंसाता था और पीड़ित का पिन चोरी-छिपे देखता था।
गिरफ्तार आरोपी हैं — महादेव हल्दर (पश्चिम बंगाल), साबिर (बिहार) और आबिद (बिहार)।
बरामदगी में ₹3,030 नकद , एक प्लास , दो चाकू , एक सफेद थैला और दो मोबाइल फोन शामिल।
तीनों आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास है; पुलिस और वारदातों की जांच कर रही है।

नोएडा के थाना सेक्टर-113 पुलिस ने 4 सितंबर 2026 को एटीएम कार्ड धोखाधड़ी के एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह एटीएम मशीन के कार्ड स्लॉट में गोंद लगाकर लोगों के कार्ड फंसाता था, उनका पिन चुराता था और फिर दूसरे एटीएम से नकदी निकाल लेता था। वेदवन पार्क के निकट से की गई इस गिरफ्तारी में पुलिस को लोकल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना का सहारा लिया।

कैसे काम करता था गिरोह

पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी मिलकर एटीएम मशीन के कार्ड स्लॉट में गोंद लगा देते थे, जिससे कार्ड मशीन के भीतर फंस जाता था। गिरोह का एक सदस्य एटीएम कक्ष के अंदर मौजूद रहता और पीड़ित के पिन दर्ज करते समय चोरी-छिपे उसे देख लेता था। जब पीड़ित परेशान होकर बाहर चला जाता, तब आरोपी प्लास और घरेलू चाकू की मदद से मशीन में फंसे कार्ड को निकाल लेते थे।

कार्ड हाथ में आने के बाद गिरोह के सदस्य किसी अन्य एटीएम पर जाकर चोरी के कार्ड और पहले से देखे गए पिन का उपयोग करते हुए खाते से नकदी निकाल लेते थे। नकदी निकालने के बाद आरोपी एटीएम कार्ड को तोड़कर नाले या सुनसान स्थान पर फेंक देते थे, ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिल सके।

गिरफ्तार आरोपी कौन हैं

पुलिस के मुताबिक, पहला आरोपी महादेव हल्दर (पुत्र बोनों माली हल्दर, उम्र करीब 30 वर्ष) मूल रूप से ग्राम एवं थाना गंगा रामपुर, दक्षिण दिनाजपुर, पश्चिम बंगाल का निवासी है और वर्तमान में जे.जे. कॉलोनी, सेक्टर-8, नोएडा में रह रहा था। दूसरा आरोपी साबिर (पुत्र मौ. ताहिर, उम्र करीब 40 वर्ष) ग्राम कुकरण, थाना धमधा, पूर्णिया, बिहार का निवासी है और सलारपुर, थाना सेक्टर-39, गौतमबुद्धनगर में रह रहा था।

तीसरा आरोपी आबिद (पुत्र मौ. तैय्यब, उम्र करीब 45 वर्ष) चौधरी मोहल्ला, हरिगंज चौक, थाना कटिहार, बिहार का रहने वाला है। पुलिस जांच के अनुसार साबिर और आबिद दोनों अशिक्षित हैं, जबकि महादेव हल्दर ने आठवीं कक्षा तक पढ़ाई की है।

आरोपियों का आपराधिक इतिहास

जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। महादेव हल्दर के खिलाफ थाना इन्दिरापुरम, गाजियाबाद में वर्ष 2018 में धारा 324, 504 और 506 भादवि के तहत मुकदमा दर्ज रहा है। साबिर के खिलाफ थाना सेक्टर-39, गौतमबुद्धनगर में वर्ष 2026 में धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज है।

आबिद के खिलाफ थाना सदर बाजार, सहारनपुर में वर्ष 2025 में धारा 303(2)/318(4) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज है। यह ऐसे समय में आया है जब एटीएम धोखाधड़ी के मामले उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में लगातार सामने आ रहे हैं।

बरामदगी और आगे की जांच

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक प्लास, दो घरेलू चाकू, एक सफेद थैला, दो मोबाइल फोन और ₹3,030 नकद बरामद किए हैं। थाना सेक्टर-113 में तीनों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर दिया गया है।

पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि उन्होंने नोएडा और आसपास के इलाकों में कितनी वारदातों को अंजाम दिया। इसके साथ ही जांच में यह भी देखा जा रहा है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्य तो सक्रिय नहीं हैं। बरामद मोबाइल फोन और नकदी के स्रोत की भी पड़ताल जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी वे सक्रिय रहे — यह निगरानी तंत्र की खामी को उजागर करता है। असली सवाल यह है कि जब तक पुलिस गिरफ्तारी करती है, तब तक कितने पीड़ितों के खातों से रकम जा चुकी होती है और उन्हें मुआवजा कैसे मिलेगा।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा एटीएम कार्ड धोखाधड़ी गिरोह ने किस तरीके से वारदात को अंजाम दिया?
गिरोह एटीएम मशीन के कार्ड स्लॉट में गोंद लगाकर पीड़ित का कार्ड फंसा देता था। इसके बाद गिरोह का एक सदस्य एटीएम कक्ष में रहकर पीड़ित का पिन देख लेता था और बाद में प्लास व चाकू से कार्ड निकालकर दूसरे एटीएम से नकदी निकाल लेता था।
गिरफ्तार तीनों आरोपी कौन हैं और वे कहाँ के रहने वाले हैं?
गिरफ्तार आरोपियों में महादेव हल्दर (दक्षिण दिनाजपुर, पश्चिम बंगाल), साबिर (पूर्णिया, बिहार) और आबिद (कटिहार, बिहार) शामिल हैं। तीनों नोएडा और गौतमबुद्धनगर में रह रहे थे और पहले से आपराधिक मामलों में संलिप्त रहे हैं।
पुलिस ने आरोपियों के पास से क्या-क्या बरामद किया?
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक प्लास, दो घरेलू चाकू, एक सफेद थैला, दो मोबाइल फोन और ₹3,030 नकद बरामद किए। बरामद मोबाइल फोन और नकदी के स्रोत की जांच जारी है।
क्या इस गिरोह के और सदस्य भी हो सकते हैं?
पुलिस इस संभावना की जांच कर रही है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर यह पता लगाया जा रहा है कि नोएडा और आसपास के इलाकों में कितनी वारदातें हुईं और गिरोह से जुड़े अन्य लोग तो सक्रिय नहीं हैं।
एटीएम धोखाधड़ी से खुद को कैसे बचाएँ?
एटीएम में पिन दर्ज करते समय कीपैड को हाथ से ढकें और कार्ड स्लॉट में कोई असामान्य वस्तु दिखे तो तुरंत बैंक या पुलिस को सूचित करें। कार्ड फंस जाने पर एटीएम कक्ष से बाहर जाने से पहले अपना बैंक हेल्पलाइन नंबर पर कार्ड ब्लॉक करवाएँ।
राष्ट्र प्रेस
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