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ग्रेटर नोएडा: एटीएम कार्ड स्लॉट में फेवीक्विक डालकर ठगी करने वाले गिरोह से मुठभेड़, एक बदमाश गोली से घायल; दो गिरफ्तार

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ग्रेटर नोएडा: एटीएम कार्ड स्लॉट में फेवीक्विक डालकर ठगी करने वाले गिरोह से मुठभेड़, एक बदमाश गोली से घायल; दो गिरफ्तार

सारांश

ग्रेटर नोएडा पुलिस ने उस गिरोह को दबोचा जो एटीएम के कार्ड स्लॉट में फेवीक्विक डालकर और फर्जी हेल्पलाइन नंबर चिपकाकर ग्राहकों का पिन चुराता था। मुठभेड़ में एक बदमाश घायल, दो गिरफ्तार — और एनसीआर में फैले इस नेटवर्क की जाँच जारी है।

मुख्य बातें

6 जून 2026 को थाना बिसरख पुलिस ने एसकेएस तिराहे पर एटीएम ठगी गिरोह से मुठभेड़ की।
आरोपी सोहेल मलिक (24) के पैर में गोली लगी; शोएब मलिक (25) और राकेश कुमार (24) गिरफ्तार।
गिरोह एटीएम के कार्ड स्लॉट में फेवीक्विक डालकर और फर्जी हेल्पलाइन पर्ची चिपकाकर ग्राहकों का पिन चुराता था।
बरामदगी में .315 बोर तमंचा , दो जिंदा कारतूस, चोरी की मोटरसाइकिल, ठगी के उपकरण और ₹7,320 नकद शामिल।
तीनों आरोपियों के खिलाफ गौतमबुद्धनगर के विभिन्न थानों में पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

ग्रेटर नोएडा के थाना बिसरख पुलिस ने 6 जून 2026 को एसकेएस तिराहे पर चेकिंग अभियान के दौरान एटीएम धोखाधड़ी गिरोह के तीन सदस्यों से मुठभेड़ की, जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली लगी और दो अन्य को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार यह गिरोह नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली-एनसीआर में एटीएम मशीनों के कार्ड स्लॉट में फेवीक्विक डालकर ग्राहकों का पिन नंबर चुराने और खातों से पैसे निकालने की वारदातें अंजाम देता था।

मुठभेड़ का घटनाक्रम

पुलिस टीम शनिवार, 6 जून 2026 को एसकेएस तिराहे पर नाकाबंदी कर रही थी, तभी ग्रीन आर्च की दिशा से एक संदिग्ध मोटरसाइकिल पर तीन युवक आते दिखे। रुकने का संकेत देने पर वे तेज गति से 6 प्रतिशत पार्क की ओर भाग निकले। पुलिस ने पीछा किया तो बदमाशों की मोटरसाइकिल फिसलकर गिर गई। घिरता देख गिरोह के सदस्यों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में सोहेल मलिक (24 वर्ष), निवासी सलारपुर, गौतमबुद्धनगर, के पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को तत्काल अस्पताल भेजा गया।

गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी

मुठभेड़ के बाद कॉम्बिंग अभियान में शोएब मलिक (25 वर्ष) और राकेश कुमार (24 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने तीनों के कब्जे से निम्नलिखित सामग्री बरामद की — एक अवैध .315 बोर का तमंचा, दो जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस, एक चोरी की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, एक पेचकस, एक प्लास, एल्फी के दो पैकेट तथा ₹7,320 नकद

ठगी का तरीका: फेवीक्विक और फर्जी हेल्पलाइन

पूछताछ में आरोपियों ने ठगी के तरीके का खुलासा किया। गिरोह के सदस्य पहले एटीएम मशीन के कार्ड स्लॉट में फेवीक्विक डाल देते थे, फिर मशीन पर एक पर्ची चिपकाकर अपना मोबाइल नंबर फर्जी हेल्पलाइन नंबर के रूप में लिख देते थे। जब किसी ग्राहक का कार्ड फंस जाता, तो आरोपी उसे गुमराह कर एक-दो बार पिन नंबर डलवाते और चुपके से देख लेते। इसके बाद पीड़ित को एक घंटे में कार्ड वापस दिलाने का आश्वासन देकर वहाँ से हटाते और फिर प्लास व पेचकस से कार्ड निकालकर खाते से रकम निकाल लेते।

आपराधिक पृष्ठभूमि और जाँच

पुलिस के अनुसार तीनों आरोपियों के खिलाफ गौतमबुद्धनगर के विभिन्न थानों में चोरी, आर्म्स एक्ट और अन्य आपराधिक धाराओं के कई मुकदमे पहले से दर्ज हैं। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली-एनसीआर में एटीएम धोखाधड़ी की घटनाओं में वृद्धि दर्ज की जा रही है। पुलिस अब इनके शेष साथियों और व्यापक आपराधिक नेटवर्क की जाँच कर रही है।

आम जनता के लिए सतर्कता

थाना बिसरख पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि एटीएम में कार्ड फंसने पर किसी अनजान व्यक्ति या मशीन पर चिपकी पर्ची के नंबर पर संपर्क न करें, बल्कि सीधे अपने बैंक की आधिकारिक हेल्पलाइन पर कॉल करें। पुलिस की यह कार्रवाई एनसीआर में सक्रिय एटीएम ठगी गिरोहों के खिलाफ जारी अभियान का हिस्सा बताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एनसीआर में तेजी से पैर पसार रही एटीएम धोखाधड़ी की उस प्रवृत्ति का संकेत है जो तकनीकी अपराध और सड़क-स्तरीय ठगी का मेल है। फेवीक्विक और फर्जी हेल्पलाइन का यह तरीका कम पढ़े-लिखे और बुजुर्ग ग्राहकों को विशेष रूप से निशाना बनाता है — जो बैंकिंग साक्षरता की गहरी खाई को उजागर करता है। गौरतलब है कि आरोपियों के खिलाफ पहले से कई मुकदमे दर्ज थे, फिर भी वे सक्रिय रहे — यह पुलिस की निगरानी और जमानत प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है। बिना व्यापक नेटवर्क-भेदन के, ऐसे गिरोहों का सफाया अधूरा रहेगा।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रेटर नोएडा एटीएम फेवीक्विक ठगी गिरोह क्या करता था?
यह गिरोह एटीएम मशीनों के कार्ड स्लॉट में फेवीक्विक डालकर कार्ड फंसाता था, फिर फर्जी हेल्पलाइन नंबर चिपकाकर ग्राहकों का पिन नंबर चुराता था। इसके बाद प्लास-पेचकस से कार्ड निकालकर खाते से रकम निकाल ली जाती थी।
मुठभेड़ में कौन-कौन गिरफ्तार हुए?
पुलिस ने शोएब मलिक (25 वर्ष) और राकेश कुमार (24 वर्ष) को गिरफ्तार किया। तीसरे आरोपी सोहेल मलिक (24 वर्ष), निवासी सलारपुर, गौतमबुद्धनगर, के पैर में गोली लगी और उसे अस्पताल भेजा गया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से क्या बरामद किया?
बरामदगी में एक अवैध .315 बोर का तमंचा, दो जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस, चोरी की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, पेचकस, प्लास, एल्फी के दो पैकेट और ₹7,320 नकद शामिल हैं।
एटीएम में कार्ड फंसने पर क्या करें?
मशीन पर चिपकी किसी भी अनजान पर्ची के नंबर पर संपर्क न करें। सीधे अपने बैंक की आधिकारिक हेल्पलाइन पर कॉल करें और किसी को भी अपना पिन न बताएँ।
क्या इन आरोपियों का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड था?
हाँ, पुलिस के अनुसार तीनों आरोपियों के खिलाफ गौतमबुद्धनगर के विभिन्न थानों में चोरी, आर्म्स एक्ट और अन्य आपराधिक धाराओं के कई मुकदमे पहले से दर्ज हैं। पुलिस अब इनके व्यापक नेटवर्क की जाँच कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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