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आयुष्मान भारत भुगतान विवाद: हरियाणा सरकार ने IMA की हड़ताल चेतावनी को बताया 'अवांछित दबाव'

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आयुष्मान भारत भुगतान विवाद: हरियाणा सरकार ने IMA की हड़ताल चेतावनी को बताया 'अवांछित दबाव'

सारांश

हरियाणा सरकार ने IMA की हड़ताल चेतावनी को 'अवांछित दबाव' करार देते हुए तीन वर्षों में ₹3,124 करोड़ से अधिक के भुगतान के आँकड़े पेश किए। 200 नए अस्पतालों के एमपैनलमेंट आवेदन IMA के 'वित्तीय संकट' के दावे को चुनौती देते हैं।

मुख्य बातें

हरियाणा राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने IMA हरियाणा की प्रतीकात्मक हड़ताल चेतावनी को 'अवांछित दबाव' बताया।
वित्त वर्ष 2023-24 में ₹689.7 करोड़ , 2024-25 में ₹1,234.5 करोड़ और 2025-26 में ₹1,200 करोड़ का भुगतान किया गया।
चालू वित्त वर्ष में अब तक ₹570 करोड़ के दावों का भुगतान पूरा।
लगभग 200 नए अस्पतालों ने एमपैनलमेंट आवेदन दिया; 75 मौजूदा अस्पतालों ने नई स्पेशलिटी जोड़ने की माँगी अनुमति।
सभी जिला नोडल अधिकारियों को मरीज़ सेवाएँ निर्बाध रखने के निर्देश जारी।

हरियाणा राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने 4 सितंबर 2026 को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) हरियाणा की उस चेतावनी को सिरे से खारिज किया, जिसमें आयुष्मान भारत योजना के तहत भुगतान में कथित देरी का हवाला देते हुए निजी अस्पतालों में एक दिवसीय प्रतीकात्मक हड़ताल का नोटिस दिया गया था। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि सूचीबद्ध अस्पतालों के दावों का निपटान प्रतिमाह नियमित रूप से हो रहा है और IMA की कार्रवाई को 'सरकार पर अवांछित दबाव बनाने की कोशिश' करार दिया।

भुगतान के आँकड़े क्या कहते हैं

स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि दावों का निपटान 'पहले आओ, पहले पाओ' के सिद्धांत पर किया जाता है। पिछले तीन वित्तीय वर्षों के आँकड़े इस प्रकार हैं: वित्त वर्ष 2023-24 में सूचीबद्ध अस्पतालों को लगभग ₹689.7 करोड़, 2024-25 में ₹1,234.5 करोड़ और 2025-26 में ₹1,200 करोड़ का भुगतान किया गया। चालू वित्त वर्ष में अब तक लगभग ₹570 करोड़ के दावों का भुगतान पहले ही किया जा चुका है, जबकि शेष दावों की प्रक्रिया सामान्य गति से जारी है।

IMA के तर्क को प्राधिकरण ने नकारा

IMA हरियाणा ने दावा किया था कि आयुष्मान योजना में भागीदारी से निजी अस्पताल वित्तीय संकट में आ गए हैं। प्रवक्ता ने इस तर्क को आँकड़ों के आधार पर खारिज किया। उन्होंने बताया कि लगभग 200 नए अस्पतालों ने एमपैनलमेंट के लिए आवेदन किया है, जबकि करीब 75 पहले से सूचीबद्ध अस्पतालों ने नई स्पेशलिटी जोड़ने हेतु आवेदन दिया है। प्रवक्ता के अनुसार यह संख्या स्वयं यह सिद्ध करती है कि निजी अस्पतालों का भरोसा योजना पर बना हुआ है।

मरीज़ों की सेवाएँ बाधित न हों — प्रशासन सतर्क

IMA हरियाणा का एक दिवसीय प्रतीकात्मक हड़ताल का पत्र मिलते ही राज्य प्राधिकरण ने सभी जिला नोडल अधिकारियों को निर्देश जारी किए कि वे निजी अस्पतालों से संपर्क कर उन्हें सेवाएँ जारी रखने के लिए प्रेरित करें। साथ ही उन अस्पतालों के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा गया जो हड़ताल में शामिल नहीं हैं, ताकि मरीज़ों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

सरकार का रुख: संवाद और समन्वय

राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने दोहराया कि उसका रवैया हमेशा से सहयोगात्मक रहा है। प्राधिकरण राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) के साथ मिलकर अस्पतालों की वास्तविक चिंताओं को दूर करने की दिशा में काम करता रहा है। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि लाभार्थियों के लिए निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब केंद्र सरकार आयुष्मान भारत के विस्तार को अपनी स्वास्थ्य नीति की धुरी मान रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि भुगतान की कुल राशि और उसकी समयसीमा में अंतर क्यों है — क्योंकि IMA की शिकायत भुगतान के अभाव की नहीं, बल्कि देरी की है। ₹570 करोड़ का चालू वर्ष का भुगतान पिछले वर्षों की तुलना में कम गति का संकेत देता है, जिसे सरकार ने स्पष्ट नहीं किया। 200 नए एमपैनलमेंट आवेदन योजना में रुचि दिखाते हैं, लेकिन यह नहीं बताते कि पहले से सूचीबद्ध अस्पताल नकदी प्रवाह के दबाव में हैं या नहीं — दोनों एक साथ सच हो सकते हैं।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरियाणा में आयुष्मान भारत भुगतान विवाद क्या है?
IMA हरियाणा ने आरोप लगाया कि राज्य में आयुष्मान भारत योजना के तहत निजी अस्पतालों को भुगतान में देरी हो रही है, जिससे वे वित्तीय संकट में हैं। इसके विरोध में IMA ने एक दिवसीय प्रतीकात्मक हड़ताल का नोटिस दिया, जिसे हरियाणा राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने 'अवांछित दबाव' बताते हुए खारिज किया।
हरियाणा सरकार ने पिछले तीन वर्षों में आयुष्मान भारत के तहत कितना भुगतान किया?
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वित्त वर्ष 2023-24 में ₹689.7 करोड़, 2024-25 में ₹1,234.5 करोड़ और 2025-26 में ₹1,200 करोड़ का भुगतान किया गया। चालू वित्त वर्ष में अब तक ₹570 करोड़ के दावों का निपटान हो चुका है।
IMA की हड़ताल से मरीज़ों पर क्या असर पड़ेगा?
राज्य प्राधिकरण ने सभी जिला नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे निजी अस्पतालों को सेवाएँ जारी रखने के लिए प्रेरित करें और जो अस्पताल हड़ताल में शामिल नहीं हैं, उनके साथ समन्वय कर मरीज़ प्रबंधन सुनिश्चित करें।
क्या निजी अस्पतालों का आयुष्मान योजना पर भरोसा घट रहा है?
सरकार के अनुसार नहीं — लगभग 200 नए अस्पतालों ने एमपैनलमेंट आवेदन दिया है और 75 पहले से सूचीबद्ध अस्पतालों ने नई स्पेशलिटी जोड़ने की माँग की है। हालाँकि IMA का कहना है कि मौजूदा अस्पताल नकदी प्रवाह की समस्या से जूझ रहे हैं।
हरियाणा में आयुष्मान भारत दावों का निपटान कैसे होता है?
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर दावों का निपटान करता है और हर महीने भुगतान जारी किया जाता है। प्राधिकरण राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) के साथ समन्वय में काम करता है।
राष्ट्र प्रेस
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