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प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं पर सरकारी खर्च दोगुना: ₹0.5 लाख करोड़ से बढ़कर ₹1.4 लाख करोड़ हुआ

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प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं पर सरकारी खर्च दोगुना: ₹0.5 लाख करोड़ से बढ़कर ₹1.4 लाख करोड़ हुआ

सारांश

एक दशक में प्राथमिक स्वास्थ्य पर सरकारी खर्च ₹0.5 लाख करोड़ से बढ़कर ₹1.4 लाख करोड़ हो गया। 1.8 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर, मुफ़्त दवाएँ और निदान सेवाएँ — NHA के 10वें संस्करण में दर्ज यह वृद्धि भारत की स्वास्थ्य नीति में बड़े बदलाव की तस्वीर पेश करती है।

मुख्य बातें

नेशनल हेल्थ अकाउंट्स (NHA) के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं पर सरकारी खर्च 2013-14 के ₹0.5 लाख करोड़ से बढ़कर 2022-23 में ₹1.4 लाख करोड़ हो गया।
यह NHA श्रृंखला का 10वाँ संस्करण है, जो 27 मई 2026 को जारी किया गया।
देशभर में 1.8 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर (AAM) 12 व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य पैकेज प्रदान कर रहे हैं।
जिला अस्पतालों में 381 दवाएँ और 134 निदान परीक्षण मुफ़्त उपलब्ध हैं।
जन जागरूकता अभियान और सक्रिय स्क्रीनिंग से बीमारियों का शीघ्र पता लगाने में मदद मिली है।

नेशनल हेल्थ अकाउंट्स (NHA) के ताज़ा अनुमानों के अनुसार, भारत में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं पर सार्वजनिक खर्च पिछले एक दशक में दोगुने से भी अधिक हो गया है — 2013-14 में ₹0.5 लाख करोड़ से बढ़कर 2022-23 में ₹1.4 लाख करोड़ पहुँच गया। 27 मई 2026 को जारी यह रिपोर्ट NHA श्रृंखला का 10वाँ संस्करण है, जो 2013-14 से आरंभ हुई थी।

NHA अनुमान क्या बताते हैं

NHA अनुमान प्रतिवर्ष जारी किए जाते हैं और सरकार, निजी क्षेत्र तथा अन्य स्रोतों द्वारा किए गए वास्तविक स्वास्थ्य व्यय का समय-क्रम विश्लेषण प्रस्तुत करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यह निरंतर वृद्धि देश भर में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुँच बेहतर बनाने पर सरकार के बढ़ते फोकस को दर्शाती है।

आयुष्मान आरोग्य मंदिर: ज़मीनी ढाँचा

इस प्रयास का एक केंद्रीय घटक पूरे भारत में 1.8 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (AAM) का संचालन है। ये केंद्र 12 व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा पैकेज प्रदान करते हैं, जिनमें प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य, संक्रामक तथा गैर-संक्रामक रोग, मानसिक स्वास्थ्य, उपशामक देखभाल, मौखिक स्वास्थ्य, ENT सेवाएँ और आपातकालीन देखभाल शामिल हैं।

इन केंद्रों में मुफ़्त दवाएँ, निदान सेवाएँ, स्वास्थ्य सत्र और टेलीकंसल्टेशन की सुविधा भी उपलब्ध है।

मुफ़्त दवाएँ और निदान सेवाओं का विस्तार

सरकार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध आवश्यक दवाओं की सूची का भी विस्तार किया है। संशोधित ढाँचे के तहत — SHC-AAM में 106, PHC-AAM में 172, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 300, उप-जिला अस्पतालों में 318 और जिला अस्पतालों में 381 दवाएँ मुफ़्त उपलब्ध हैं।

मुफ़्त निदान सेवाओं की संख्या भी बढ़ाई गई है: SHC-AAM में 14, PHC-AAM में 63, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 97, उप-जिला अस्पतालों में 111 और जिला अस्पतालों में 134 निदान परीक्षण निःशुल्क उपलब्ध हैं।

आम जनता पर असर

सरकार के अनुसार, जन जागरूकता अभियानों और सक्रिय स्क्रीनिंग पहलों ने स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के घरों के निकट पहुँचाने में सहायता की है। इससे बीमारियों का शीघ्र पता लगाने और समय पर उपचार को बढ़ावा मिला है। यह ऐसे समय में महत्त्वपूर्ण है जब भारत में आउट-ऑफ-पॉकेट स्वास्थ्य खर्च दशकों से एक बड़ी चुनौती रहा है।

आगे की दिशा

गौरतलब है कि NHA की यह श्रृंखला नीति-निर्माताओं को स्वास्थ्य बजट आवंटन की प्रभावशीलता मापने का एक मानकीकृत उपकरण प्रदान करती है। आने वाले वर्षों में AAM नेटवर्क के और विस्तार और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के एकीकरण से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा की पहुँच में और सुधार अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या खर्च में वृद्धि का अनुवाद स्वास्थ्य परिणामों में सुधार के रूप में हो रहा है। भारत का आउट-ऑफ-पॉकेट स्वास्थ्य व्यय अभी भी वैश्विक औसत से ऊँचा है, जो दर्शाता है कि सार्वजनिक खर्च बढ़ने के बावजूद आम नागरिक की जेब पर बोझ पूरी तरह कम नहीं हुआ। 1.8 लाख AAM केंद्रों की उपस्थिति और मुफ़्त दवाओं की सूची का विस्तार सराहनीय है, परंतु इन केंद्रों में स्टाफ की उपलब्धता, दवाओं की वास्तविक आपूर्ति और सेवा की गुणवत्ता पर स्वतंत्र मूल्यांकन के बिना यह तस्वीर अधूरी रहेगी।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेशनल हेल्थ अकाउंट्स (NHA) रिपोर्ट 2022-23 में क्या बताया गया है?
NHA रिपोर्ट 2022-23 के अनुसार, भारत में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं पर सार्वजनिक खर्च 2013-14 के ₹0.5 लाख करोड़ से बढ़कर ₹1.4 लाख करोड़ हो गया है। यह रिपोर्ट 27 मई 2026 को जारी की गई और यह इस श्रृंखला का 10वाँ संस्करण है।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर (AAM) क्या सेवाएँ देते हैं?
आयुष्मान आरोग्य मंदिर 12 व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा पैकेज प्रदान करते हैं, जिनमें प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य, संक्रामक-गैर-संक्रामक रोग, मानसिक स्वास्थ्य, ENT, मौखिक स्वास्थ्य और आपातकालीन देखभाल शामिल हैं। इन केंद्रों पर मुफ़्त दवाएँ, निदान सेवाएँ और टेलीकंसल्टेशन भी उपलब्ध है।
सरकारी अस्पतालों में कितनी दवाएँ और परीक्षण मुफ़्त मिलते हैं?
संशोधित ढाँचे के तहत जिला अस्पतालों में 381 दवाएँ और 134 निदान परीक्षण मुफ़्त उपलब्ध हैं। PHC-AAM स्तर पर 172 दवाएँ और 63 परीक्षण, तथा SHC-AAM पर 106 दवाएँ और 14 परीक्षण निःशुल्क हैं।
NHA अनुमान किस काम आते हैं?
NHA अनुमान प्रतिवर्ष जारी किए जाते हैं और सरकार, निजी क्षेत्र तथा अन्य स्रोतों द्वारा किए गए वास्तविक स्वास्थ्य व्यय का समय-क्रम विश्लेषण प्रस्तुत करते हैं। ये नीति-निर्माताओं को स्वास्थ्य बजट की प्रभावशीलता मापने में सहायता करते हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बढ़ाने के लिए और क्या कदम उठाए गए हैं?
सरकार ने जन जागरूकता अभियान और सक्रिय स्क्रीनिंग पहलें चलाई हैं, जिससे बीमारियों का शीघ्र पता लगाने और समय पर उपचार को बढ़ावा मिला है। देशभर में 1.8 लाख से अधिक AAM केंद्रों का संचालन इस प्रयास का मुख्य आधार है।
राष्ट्र प्रेस
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